DU: कुलपति बोले- यूजी दाखिले में CUET स्कोर की सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में भाग नहीं लेगा विवि, पढ़ें पूरी खबर
कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने बताया कि स्नातक दाखिले में तो इस साल हम नहीं जुड़ेंगे। लेकिन सब ठीक रहा तो अगले साल से स्नातक दाखिला प्रक्रिया को जोड़ने की योजना है। हालांकि डीयू इस साल स्नातकोत्तर प्रोग्राम को इस सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से जोड़ सकता है।
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दिल्ली विश्वविद्यालय स्नातक दाखिले के लिए सीयूईटी स्कोर की सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में भाग नहीं लेगा। कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने बताया कि डीयू में स्नातक दाखिला प्रक्रिया अन्य विश्वविद्यालयों के मुकाबले बेहद अलग है। इसलिए फिलहाल आगामी शैक्षणिक सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय इस सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग का हिस्सा नहीं बन पाएगा। इसकी जानकारी यूजीसी को दे दी गई है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मेडिकल की नीट और इंजीनियरिंग की जेईई की तर्ज पर सीयूईटी स्कोर के आधार पर स्नातक दाखिले के लिए एक सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग आयोजित करने की योजना बनाई है। पिछले छह महीने से इस पर यूजीसी और विभिन्न विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच बैठकों के कई दौर भी आयोजित हो चुके हैं। यूजीसी इस साल कुछ विश्वविद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट से शुरुआत करने की तैयारी में है। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम दोनों शामिल होंगे।सीयूईटी यूजी स्कोर से करीब 200 विश्वविद्यालय दाखिला दे रहे हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों में सिंगल विंडो से दाखिले के लिए सीयूईटी यूजी के लिए करीब 14.9 लाख छात्रों ने पंजीकरण किया था।
डीयू पीजी से कर सकता है शुरुआत
कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने बताया कि स्नातक दाखिले में तो इस साल हम नहीं जुड़ेंगे। लेकिन सब ठीक रहा तो अगले साल से स्नातक दाखिला प्रक्रिया को जोड़ने की योजना है। हालांकि डीयू इस साल स्नातकोत्तर प्रोग्राम को इस सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से जोड़ सकता है। स्नातकोत्तर में करीब 11 हजार सीट हैं। जबकि स्नातक में करीब 70 हजार सीट हैं।
इस तरह करेगा काम
सीयूईटी यूजी स्कोर से विभिन्न विश्वविद्यालयों की कुल सीट और विषयों के आधार पर सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग करवाने की तैयारी चल रही है। इसमें सभी इच्छुक विश्वविद्यालयों की कुल सीट, विषय और आरक्षण के साथ पेज तैयार होगा। बड़े और छोटे विश्वविद्यालयों की सूची तैयार होगी। सीयूईटी यूजी स्कोर के आधार पर छात्र अपने मनपसंद विश्वविद्यालय के लिए आवेदन कर सकेगा। इसके बाद विश्वविद्यालय सीयूईटी यूजी के बेस्ट स्कोर से सीट अलॉट करेंगे। इससे छात्र को हर राउंड की काउंसलिंग में कुल सीटों और खाली सीटों की जानकारी घर बैठे मिल जाया करेगी। इससे दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
आइडिया बेहद अच्छा
यूजीसी ने एनईपी 2020 के तहत सिंगल विंडो से स्नातक दाखिले के लिए सीयूईटी यूजी शुरू की थी। एनटीए परीक्षा लेता है और उसके बाद विभिन्न विश्वविद्यालय सीयूईटी यूजी के स्कोर से आगे अपने नियमों के तहत बेस्ट 4 और 5 विषय के आधार पर सीट अलॉट करते हैं। इससे डीयू जैसे विश्वविद्यालयों में 100 फीसदी कटऑफ से निजात मिली तो छात्रों को देशभर के विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षा और ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने से भी छुटकारा मिला। हालांकि अभी भी छात्रों को अपने मनपसंद विभिन्न विश्वविद्यालयों में जाकर दाखिला प्रक्रिया में शामिल होना पड़ता है। इस सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग का मकसद छात्रों को घर बैठे सभी विश्वविद्यालयों में एक सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से सीयूईटी यूजी स्कोर से सीट अलॉट करने में मदद करना है।
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