DU PhD Coursework: डीयू में अब पीएचडी कोर्स वर्क के लिए 12-16 क्रेडिट जरूरी, जारी हुई नई गाइडलाइन
Delhi University PHD: दिल्ली विश्वविद्यालय ने पीएचडी कार्यक्रम को और अधिक सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं। अकादमिक काउंसिल की बैठक में इसे मंजूरी देते हुए पीएचडी कोर्स वर्क के लिए 12 से 16 क्रेडिट जरूरी कर दिए गए हैं।
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डीयू के विभागों में अलग-अलग विषयों में पढ़ाए जा रहे कोर्स वर्क के पैटर्न के अंतर को देखते हुए पीएचडी कोर्स वर्क के लिए गाइडलाइंस में बदलाव किए हैं। इन बदलावों को अकादमिक परिषद की बैठक में मंजूरी दी गई। डीयू रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय के विभाग अपने-अपने विषय में पीएचडी प्रोग्राम देते हैं। इस प्रोग्राम के जरूरी हिस्से के तौर पर हर विभाग में पीएचडी कोर्स वर्क कराया जा रहा है।
नॉर्दर्न रेलवे सेंट्रल हॉस्पिटल में 9 पीजी मेडिकल कोर्स की मंजूरी:
नॉर्दर्न रेलवे सेंट्रल हॉस्पिटल में इंडियन रेलवे पोस्ट-ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में 9 पीजी मेडिकल कोर्स शुरू होंगे। डीयू की अकादमिक परिषद में 9 कोर्स को मंजूरी दी गई है। डीयू के कुलपति प्रो योगेश सिंह ने बताया कि नॉर्दर्न रेलवे सेंट्रल हॉस्पिटल में इंडियन रेलवे पोस्ट-ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में खोले जाने वाले इन पीजी मेडिकल कोर्स को डीयू द्वारा मंज़ूरी दे दी गई है।
साल में दो बार की जानी चाहिए शैक्षणिक नियुक्तियां
दिल्ली विश्वविद्यालय अकादमिक परिषद की 1025 वीं बैठक का आयोजन कुलपति प्रो योगेश सिंह की अध्यक्षता में हुआ। उन्होंने शून्य काल के दौरान गेस्ट और एडहॉक शिक्षकों पर बोलते हुए कहा कि हम डीयू का कल्चर बदलना चाहते हैं। अस्थाई नियुक्तियों की बजाए स्थायी नियुक्तियां की जानी चाहिए। उन्होंने साल में दो बार शैक्षणिक नियुक्तियां किए जाने की वकालत की। इस पहल से सुधार होगा।
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