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दिल्ली विश्वविद्यालय : एक ही दिन में पलटा फैसला, विज्ञान के छात्रों के लिए अब 16 अगस्त से नहीं खुलेगा परिसर
Fri, 06 Aug 2021 08:32 PM IST
देवेश शर्मा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: देवेश शर्मा
Updated Fri, 06 Aug 2021 08:32 PM IST
सार
दिल्ली विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को 16 अगस्त से विज्ञान के छात्रों के लिए कक्षाएं फिर से शुरू करने के अपने फैसले को टाल दिया। डीयू ने गुरुवार को घोषणा की थी कि वह कोरोना मामलों में गिरावट को देखते हुए विज्ञान के छात्रों के लिए कक्षाएं आयोजित करेगा।
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विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को 16 अगस्त से विज्ञान के छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं फिर से शुरू करने के अपने फैसले को टाल दिया। विश्वविद्यालय ने गुरुवार को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर घोषणा की थी कि वह कोरोना वायरस मामलों में गिरावट को देखते हुए विज्ञान संकाय के छात्रों के लिए कक्षाएं आयोजित करेगा। जानकारी के अनुसार, इस फैसले के बाद छात्रों को कैंपस में बुलाने के विश्वविद्यालय के फैसले पर शिक्षकों के एक वर्ग ने नाराजगी जताई थी। हालांकि, डीयू प्रशासन इन कारणों को खारिज किया है।
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रजिस्ट्रार विकास गुप्ता द्वारा जारी नई अधिसूचना में कहा गया है, विश्वविद्यालय और उसके कॉलेजों में फिजिकल मोड में विज्ञान पाठ्यक्रमों के संबंध में पीजी और यूजी कार्यक्रमों के लिए 16 अगस्त से कक्षाएं संचालित करने के निर्देश को टाल दिया गया है। गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्कूलों और कॉलेजों को फिर से खोलने पर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं करने के बाद से निर्णय को टाल दिया गया है। परिसर को फिर से खोलना इसका उल्लंघन होगा। हम दिशा-निर्देशों का इंतजार करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के एक वर्ग द्वारा इस कदम की आलोचना के कारण निर्णय को टाला नहीं गया।
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वहीं, प्रोफेसर आभा देव हबीब ने विश्वविद्यालय द्वारा जारी नई अधिसूचना का स्वागत किया। यह अच्छा है कि विश्वविद्यालय ने प्राप्त प्रतिक्रियाओं के कारण अपने निर्णय की समीक्षा की है। विज्ञान पीजी और यूजी पाठ्यक्रमों के लिए फिजिकल मोड में कक्षाओं और प्रयोगशालाओं के बारे में अचानक अधिसूचना के परिणामस्वरूप काफी दहशत फैल गई थी।
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उन्होंने कहा कि जैसा कि देश में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए टीकाकरण अभी शुरू हुआ है, विश्वविद्यालय को छात्रों को अपनी वैक्सीन डोज पूरी करने के लिए समय देना चाहिए। भीड़भाड़ वाले कमरों और प्रयोगशालाओं में पढ़ाने का मतलब सभी के स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है। कई शिक्षक और गैर-शिक्षक, जो दूसरी लहर के दौरान बीमार पड़ गए थे, अब टीकाकरण की पहली खुराक ले रहे हैं। हबीब ने यह भी कहा कि शिक्षक सामान्य स्थिति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।
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