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Hindi News ›   Education ›   Digital University: Online degree studies on Spoke and Hub format, PM Modi will talk to students and teachers on 21 feb 2022

Digital University : स्पोक एंड हब प्रारूप पर ऑनलाइन डिग्री की पढ़ाई, पीएम मोदी कल करेंगे छात्रों-शिक्षकों से बात

Sun, 20 Feb 2022 06:09 AM IST
योगेश साहू सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sun, 20 Feb 2022 06:09 AM IST
सार

डिजिटल यूनिवर्सिटी में मेडिसिन, इंजीनियरिंग जैसे प्रोग्राम की पढ़ाई नहीं होगी। क्योंकि इनके लिए प्रैक्टिकल और लैब की जरूरत होती है। लेकिन फाइनेंशियल मैनेजमेंट, मैनेजमेंट, डाटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, सोशल साइंस आदि कोर्स की पढ़ाई का बेहतरीन विकल्प मिलेगा। यहां पर इंटर डिसिप्लनरी कोर्स भी ईजाद किए जाएंगे।

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Digital University: Online degree studies on Spoke and Hub format, PM Modi will talk to students and teachers on 21 feb 2022
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : pixabay

विस्तार

केंद्र सरकार डिजिटल यूनिवर्सिटी का मसौदा तैयार कर रही है। यह ‘स्पोक एंड हब’ प्रारूप पर काम करेगी।  हब के तौर पर इसका डिजिटल प्लेटफार्म होगा, जबकि इससे जुड़े विश्वविद्यालय स्पोक कहलाएंगे। इसका सीधा फायदा विद्यार्थियों को होगा। वे घर बैठे मनपसंद भाषा में एक समय में एक से अधिक देशी-विदेशी विश्वविद्यालयों से पढ़ाई करके डिग्री ले सकेंगे।

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इसमें आईआईटी, आईआईएम, केंद्रीय विश्वविद्यालय, शोध संस्थान समेत दुनिया के टॉप विदेशी विश्वविद्यालय जुड़ेंगे। छात्रों के पास इनकी ऑनलाइन डिग्री, कोर्स, डिप्लोमा की पढ़ाई करने का विकल्प होगा। खास बात यह है कि सामान्य विश्वविद्यालयों की तरह यहां भी क्लासरूम, एग्जाम, इंटर्नशिप, कैंपस प्लेसमेंट सत्र चलेंगे। हालांकि, डिग्री से पहले छात्र मार्केट डिमांड के आधार पर रोजगार से जुड़ चुके होंगे।
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केंद्रीय बजट 2022-23 में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से डिजिटल यूनिवर्सिटी की घोषणा की है। इसी के तहत शिक्षा मंत्रालय ने अपने हितधारकों के साथ मिलकर डिजिटल यूनिवर्सिटी का मसौदा तैयार कर रहा है।
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यह यूनिवर्सिटी एक नेटवर्क डिस्ट्रीब्यूटर कैंपस यूनिवर्सिटी की तरह काम करेगी। इसका हेड आफिस से लेकर कर्मी भी होंगे, जोकि पूरी निगरानी रखेंगे। क्लाउड कंप्यूटिंग पर काम होगा। इसमें डिजिटल रिसोर्स, ग्राफिक्स, लेक्चर, वीडियो आदि सब कुछ तैयार किया जाएगा।

दूरदराज से युवाओं का पलायन रुकेगा
इस योजना के सामाजिक पहलू भी है। दरअसल, 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए  दूरदराज, ग्रामीण समेत छोटे शहरों से युवाओं का एक बड़ा वर्ग बड़ों शहरों की ओर रुख करता है। क्योंकि, उन्हें अपने घर के आसपास मनपसंद, गुणवत्ता युक्त शिक्षा का माहौल और संस्थान नहीं मिलते हैं। अब ऐसे युवाओं का उच्च शिक्षा के लिए होने वाला पलायन रुकेगा। घर में माता-पिता के साथ रहने से सामाजिक जुड़ाव रहेगा, जोकि अब बेहद कम रह गया है। दूसरा रहने, खाने, आने-जाने पर होने वाला खर्च भी बचेगा।

ये पाठ्यक्रम नहीं किए जाएंगे शामिल
डिजिटल यूनिवर्सिटी में मेडिसिन, इंजीनियरिंग जैसे प्रोग्राम की पढ़ाई नहीं होगी। क्योंकि इनके लिए प्रैक्टिकल और लैब की जरूरत होती है। लेकिन फाइनेंशियल मैनेजमेंट, मैनेजमेंट, डाटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, सोशल साइंस आदि कोर्स की पढ़ाई का बेहतरीन विकल्प मिलेगा। यहां पर इंटर डिसिप्लनरी कोर्स भी ईजाद किए जाएंगे। ताकि डिग्री के साथ-साथ छात्रों को विभिन्न विषयों की जानकारी हो।

पीएम कल डिजिटल एजुकेशन पर करेंगे बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 फरवरी को डिजिटल एजुकेशन पर एक वर्चुअल कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसमें पीएम डिजिटल यूनिवर्सिटी पर छात्रों, शिक्षकों समेत आम लोगों से विस्तार से बात करेंगे।

डिजिटल विवि उच्च शिक्षा को देगा नई पहचान
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा कि डिजिटल यूनिवर्सिटी  स्पोक एंड हब फार्मेट पर काम करेगी। इसमें आईआईटी, आईआईएम, केंद्रीय विश्वविद्यालयों से लेकर दुनिया के टॉप रैंकिंग वाले विदेशी विश्वविद्यालय भी आकर डिजिटल डिग्री में पढ़ाई करवाएंगे। छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए गांव, कस्बे, छोटे शहरों से बड़े शहरों में परिवार से दूर नहीं होना पड़ेगा।


घर बैठे वे देश समेत विदेश के बड़े विश्वविद्यालयों में डिग्री, डिप्लोमा की पढ़ाई हिंदी, अंग्रेजी या अपनी मातृभाषा में कर सकेंगे। उच्च शिक्षा के लिए हॉस्टल, खाने, आने-जाने का किराया नहीं लगेगा। इसके कारण आम परिवारों को सबसे बड़ी राहत होगी। नियमित डिग्री प्रोग्राम की तरह ही डिजिटल यूनिवर्सिटी की डिग्री दुनिया भर में मान्य होगी।

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