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MCC काउंसिलिंग के दूसरे राउंड में भी नहीं मिली MBBS सीट, निराश न हों अब ये विकल्प आपको बनाएंगे डॉक्टर
Wed, 25 Sep 2024 01:04 PM IST
Pushpendra Mishra
Media Solution Initiative
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Published by: Pushpendra Mishra
Updated Wed, 25 Sep 2024 01:04 PM IST
सार
कहां और कैसे मिलेगा एडमिशन, क्या होगी फीस, पूरी जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-571-0202 पर कॉल करें
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Studty Mbbs Abroad
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
नई दिल्ली। क्या आप डॉक्टर बनना चाहते हैं और लंबे समय से आप नीट की तैयारी कर रहे हैं। नीट में सफल भी हुए लेकिन पहले(23 अगस्त) और दूसरे राउंड(19 सितम्बर) की एमसीसी काउंसिलिंग में आपको सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट नहीं मिली। जो आपका नीट स्कोर है उसके आधार पर सरकारी कॉलेजों में आगे भी सीट मिलने की गुंजाइश नहीं है। और आपने राज्य कोटे की काउंसिलिंग में भी कोशिश करके देख लिया है। लेकिन बात नहीं बनी, तो निराश न हों। ये आपके सपनों का अंत नहीं है।
MBBS में एडमिशन का एक विकल्प अब भी आपके पास बचा हुआ है। इसमें भारत के निजी मेडिकल कॉलेजों से 75 प्रतिशत कम फीस में आप विदेश से MBBS की डिग्री हासिल कर सकते हैं। कजाकिस्तान, जॉर्जिया और उज्बेकिस्तान जैसे देश भारत से कम फीस में एमबीबीएस कराते हैं। जहां हर वर्ष एमबीबीएस काउंसिलिंग में निराश अभ्यर्थी दाखिला लेकर डॉक्टर बनने का सपना पूरा करते हैं। इन देशों में भारत के 15 से 20 हजार छात्र मौजूदा समय में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। तो फिर देर किस बात की, अभी MBBS Abroad लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन कराएं और विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में अपने लिए MBBS सीट बुक करें। आप दाखिले के लिए हमारे टोल फ्री नंबर 1800-571-0202 पर कॉल कर एमबीबीएस काउंसलर से भी बात कर सकते हैं।
कजाकिस्तान औऱ जॉर्जिया की एमबीबीएस सीट औऱ फीस का विवरण
एमबीबीएस सीट - 4500
6 साल की ट्यूशन फीस - 18 लाख
खाने और रहने का खर्चा- 3 से 4 लाख
आवेदन की अंतिम तिथि - 30 सितम्बर 2024
टॉप यूनिवर्सिटी
कोक्शेताऊ स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी
मान्यता - WHO, NMC.
6 साल की ट्यूशन फीस - 30 लाख
खाने और रहने का खर्च 9 से 10 लाख
आवेदन की अंतिम तिथि - 30 सितम्बर 2024
टॉप यूनिवर्सिटी
ट्बिलिसी स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी
मान्यता - WHO, NMC.
फैसला कैसे लें अभिभावक
नीट अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में जागरूकता की कमी के कारण, ऐसे लाखों छात्र होते हैं जो 500 या उससे कम नीट स्कोर आने के बाद भी काउंसिलिंग के अंतिम राउंड तक सीट मिलने का इंतजार करते हैं। वहीं जिनके पास 20 से 30 लाख रुपये तक का बजट है वह भारत में मेडिकल काउंसिलिंग खत्म होने का इंतजार किए बगैर विदेशी यूनिवर्सिटी में अपनी एमबीबीएस सीट बुक कर लेते हैं। अगर बच्चे को डॉक्टर बनाना ही है तो भारत में सीट नहीं मिलने के दु:ख को छोड़ कजाकिस्तान या जॉर्जिया की यूनिवर्सिटी को चुनें और बच्चे का आज ही दाखिला कराएं।
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जिन अभिभावकों के बच्चे विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जा रहे हैं उन्हें पहले वर्ष जिन खर्चों की तैयारी रखनी है उनमें ट्यूशन फीस, छात्रावास खर्च, आगमन के बाद की सेवाएं, हवाई जहाज का टिकट, वीजा-प्रक्रिया शुल्क, परामर्श शुल्क, NExT और USMLE कोचिंग शुल्क आदि। अगर आपका बच्चा कजाकिस्तान जा रहा है तो पहले वर्ष में 3 से 4 लाख रुपये की आवश्यकता होगी। वहीं अगर बच्चा जॉर्जिया में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जा रहा है तो पहले वर्ष में तकरीबन 10-12 लाख रुपये की जरूरत होगी।
विदेशी यूनिवर्सिटी से MBBS करने के 5 बड़े फायदे
1-विश्व की टॉप रैंक्ड यूनिवर्सिटीज में पढ़ने का मौका
2-विश्व में भारत समेत कहीं भी शिक्षण और चिकित्सा क्षेत्र में बना सकेंगे कॅरिअर
3-स्कॉलरशिप व वित्तीय सहायता मिल जाने से पढ़ाई का खर्च हो जाता है कम
4-वीजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यूनिवर्सिटीज लेती हैं ट्यूशन फीस
अगर आपके पास बजट कम है और भारत के निजी मेडिकल कॉलेजों की भारी भरकम फीस अदा करना आपके वश की बात नहीं है। तो आपको कजाकिस्तान की सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी कोक्शेताउ को चुनना चाहिए। यहां आप 18 से 25 लाख में पूरी एमबीबीएस कम्प्लीट कर सकते हैं। केवल कोक्शेताउ यूनिवर्सिटी ही ऐसी है जहां एमबीबीएस छात्रों को भारत में डॉक्टरी के लिए जरूरी लाइसेंसिंग एग्जाम NExT की नि:शुल्क तैयारी कराई जाती है। अगर किसी अन्य यूनिवर्सिटी को चुनेंगे तो एमबीबीएस के साथ - साथ एग्जिट एग्जाम की तैयारी का खर्चा भी आपको देना होगा। इसलिए आप कोक्शेताउ को चुनें और FREE NExT लाइसेंसिंग Batch में रजिस्ट्रेशन पाएं।
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MBBS में एडमिशन का एक विकल्प अब भी आपके पास बचा हुआ है। इसमें भारत के निजी मेडिकल कॉलेजों से 75 प्रतिशत कम फीस में आप विदेश से MBBS की डिग्री हासिल कर सकते हैं। कजाकिस्तान, जॉर्जिया और उज्बेकिस्तान जैसे देश भारत से कम फीस में एमबीबीएस कराते हैं। जहां हर वर्ष एमबीबीएस काउंसिलिंग में निराश अभ्यर्थी दाखिला लेकर डॉक्टर बनने का सपना पूरा करते हैं। इन देशों में भारत के 15 से 20 हजार छात्र मौजूदा समय में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। तो फिर देर किस बात की, अभी MBBS Abroad लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन कराएं और विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में अपने लिए MBBS सीट बुक करें। आप दाखिले के लिए हमारे टोल फ्री नंबर 1800-571-0202 पर कॉल कर एमबीबीएस काउंसलर से भी बात कर सकते हैं।
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कजाकिस्तान औऱ जॉर्जिया की एमबीबीएस सीट औऱ फीस का विवरण
1-कजाकिस्तान
एमबीबीएस सीट - 4500
6 साल की ट्यूशन फीस - 18 लाख
खाने और रहने का खर्चा- 3 से 4 लाख
आवेदन की अंतिम तिथि - 30 सितम्बर 2024
टॉप यूनिवर्सिटी
कोक्शेताऊ स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी
मान्यता - WHO, NMC.
2-जॉर्जिया
एमबीबीएस सीट - 40006 साल की ट्यूशन फीस - 30 लाख
खाने और रहने का खर्च 9 से 10 लाख
आवेदन की अंतिम तिथि - 30 सितम्बर 2024
टॉप यूनिवर्सिटी
ट्बिलिसी स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी
मान्यता - WHO, NMC.
फैसला कैसे लें अभिभावक
नीट अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में जागरूकता की कमी के कारण, ऐसे लाखों छात्र होते हैं जो 500 या उससे कम नीट स्कोर आने के बाद भी काउंसिलिंग के अंतिम राउंड तक सीट मिलने का इंतजार करते हैं। वहीं जिनके पास 20 से 30 लाख रुपये तक का बजट है वह भारत में मेडिकल काउंसिलिंग खत्म होने का इंतजार किए बगैर विदेशी यूनिवर्सिटी में अपनी एमबीबीएस सीट बुक कर लेते हैं। अगर बच्चे को डॉक्टर बनाना ही है तो भारत में सीट नहीं मिलने के दु:ख को छोड़ कजाकिस्तान या जॉर्जिया की यूनिवर्सिटी को चुनें और बच्चे का आज ही दाखिला कराएं।
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ऐसे बनाएं पहले वर्ष का बजट
जिन अभिभावकों के बच्चे विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जा रहे हैं उन्हें पहले वर्ष जिन खर्चों की तैयारी रखनी है उनमें ट्यूशन फीस, छात्रावास खर्च, आगमन के बाद की सेवाएं, हवाई जहाज का टिकट, वीजा-प्रक्रिया शुल्क, परामर्श शुल्क, NExT और USMLE कोचिंग शुल्क आदि। अगर आपका बच्चा कजाकिस्तान जा रहा है तो पहले वर्ष में 3 से 4 लाख रुपये की आवश्यकता होगी। वहीं अगर बच्चा जॉर्जिया में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जा रहा है तो पहले वर्ष में तकरीबन 10-12 लाख रुपये की जरूरत होगी।
विदेशी यूनिवर्सिटी से MBBS करने के 5 बड़े फायदे
1-विश्व की टॉप रैंक्ड यूनिवर्सिटीज में पढ़ने का मौका
2-विश्व में भारत समेत कहीं भी शिक्षण और चिकित्सा क्षेत्र में बना सकेंगे कॅरिअर
3-स्कॉलरशिप व वित्तीय सहायता मिल जाने से पढ़ाई का खर्च हो जाता है कम
4-वीजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यूनिवर्सिटीज लेती हैं ट्यूशन फीस
कजाकिस्तान की कोक्शेताऊ यूनिवर्सिटी चुनने का फायदा
अगर आपके पास बजट कम है और भारत के निजी मेडिकल कॉलेजों की भारी भरकम फीस अदा करना आपके वश की बात नहीं है। तो आपको कजाकिस्तान की सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी कोक्शेताउ को चुनना चाहिए। यहां आप 18 से 25 लाख में पूरी एमबीबीएस कम्प्लीट कर सकते हैं। केवल कोक्शेताउ यूनिवर्सिटी ही ऐसी है जहां एमबीबीएस छात्रों को भारत में डॉक्टरी के लिए जरूरी लाइसेंसिंग एग्जाम NExT की नि:शुल्क तैयारी कराई जाती है। अगर किसी अन्य यूनिवर्सिटी को चुनेंगे तो एमबीबीएस के साथ - साथ एग्जिट एग्जाम की तैयारी का खर्चा भी आपको देना होगा। इसलिए आप कोक्शेताउ को चुनें और FREE NExT लाइसेंसिंग Batch में रजिस्ट्रेशन पाएं।
सफलता मोक्ष की मदद से लें बेहतरीन यूनिवर्सिटी में दाखिला
यदि आप एक छात्र हैं और विदेश से MBBS की पढ़ाई के विकल्प तलाश रहे हैं तो हम आपको एमबीबीएस एब्रॉड के लिए 4 से ज्यादा देशों के 20 से ज्यादा कॉलेजों में एमबीबीएस सीट के विकल्प मुहैया करा सकते हैं। इसके अलावा आपको टिकट, वीजा प्रक्रिया, हॉस्टल अरेंजमेंट, स्कॉलरशिप अवसर आदि के बारे में भी गाइडेंस दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए दिये गए टोल फ्री नंबर 1800-571-0202 पर कॉल करें और अपनी सभी समस्याओं का समाधान पाएं।
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