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विदेश में पढ़ाई के लिए सरकार देगी 20 लाख तक की मदद, जान लें शर्तें
Fri, 30 Aug 2019 09:33 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया
एजुकेशन डेस्क , अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क , अमर उजाला
Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया
Updated Fri, 30 Aug 2019 09:33 AM IST
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अब आर्थिक दिक्कतों के कारण विदेश में पढ़ाई करने का सपना अधूरा नहीं रहेगा। सरकार आपकी मदद करेगी। दिल्ली कैबिनेट ने इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अनुसूचित जाति के बच्चों के लिए समाज कल्याण विभाग ने इस योजना का प्रस्ताव रखा था।
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हर साल 100 बच्चों को इस योजना के तहत स्कॉलरशिप दिए जाने का प्रावधान किया गया है। विदेश में इन बच्चों की पढ़ाई का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। हालांकि एक परिवार से एक बच्चे को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
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समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि कई बार आर्थिक तंगी से प्रतिभाशाली बच्चे विदेश में पढ़ाई नहीं कर पाते, जबकि कई पाठ्यक्रमों में उन्हें दाखिला मिला होता है। दिल्ली सरकार ने उनकी मदद का फैसला लिया है। सरकार उन्हें 5 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देगी।
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योजना का फायदा लेने के लिए ये हैं शर्तें
- विद्यार्थी भारतीय निवासी होने के साथ कम से कम 5 साल से दिल्ली में रह रहा हो। उसके पास दिल्ली का आवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
- जिस विषय में पीएचडी करने जा रहा है, उससे संबंधित विषय की मास्टर डिग्री व स्नातक में कम से कम 55 फीसदी अंक प्राप्त किए हों।
- विद्यार्थी की उम्र 30 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
इन विषयों को किया गया है शामिल
- इंजीनियरिंग मैनेजमेंट
- साइंस एंड अप्लायड साइंस
- कृषि विज्ञान व मेडिसिन
- इंटरनेशनल कॉमर्स अकाउंटिंग एंड फाइनांस
- मानविकी व सामाजिक विज्ञान
किसे मिलेंगे 5 लाख और किसे 20 लाख
- अगर कोई विद्यार्थी एक साल के लिए विदेश जाता है तो उसे 5 लाख रुपये तक की मदद की जाएगी। जबकि चार साल के पाठ्यक्रम में दाखिला लेने पर 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।
- इसके दायरे में ऐसे परिवार आएंगे जिनकी सालाना आय 8 लाख रुपये से कम हो।
- अगर किसी भारतीय ने विदेशी विवि में विद्यार्थी ने पहले पढ़ाई की है और वह दोबारा पढ़ाई करने विदेश जाना चाहता है, तो वह इस योजना का लाभ लेने के योग्य नहीं होगा।
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