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राहत की बात : बी-आर्क डिग्री की पांच वर्ष तक पढ़ाई की अनिवार्यता समाप्त
Wed, 30 Jun 2021 04:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सीमा शर्मा, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 30 Jun 2021 04:50 AM IST
सार
- तीन वर्ष तक पढ़ाई करने पर सामान्य डिग्री लेने का विकल्प, आठ वर्ष तक डिग्री प्रोग्राम को पूरा करने का समय
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विस्तार
वास्तुकला डिग्री प्रोग्राम (बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर) की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर की पढ़ाई पांच साल तक करने की अनिवार्यता नहीं होगी। यदि उन्हें वास्तुकला की पढ़ाई बोझिल या फिर वे किसी अन्य क्षेत्र में जाना चाहते होंगे तो तीन साल के बाद एग्जिट का विकल्प मिलेगा। बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर की तीन साल तक पढ़ाई करने पर उन्हें सामान्य डिग्री मिस्त्रलेगी। इस प्रकार उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। उनके पास अपनी डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई पूरी करने के लिए आठ साल तक की समय-सीमा होगी।
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बैचललर ऑफ आर्किटेक्चर की पढ़ाई वास्तुकला शिक्षा के न्यूनतक मानक विनियम 2020 के नियमों से होगी। इसके तहत अब 10 छात्रों पर एक शिक्षक सेवाएं देगा। वास्तुकला में स्नातक डिग्री पांच साल की होगी और डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई पूरी करने की समय-सीमा आठ वर्ष रहेगी। यानी छात्र के पास आठ साल में अपनी पढ़ाई पूरी करने का समय होगा। इसके अलावा च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत पढ़ाई होगी।
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भारत सरकार के आरक्षण नियमों के तहत सभी आरक्षित वर्ग के छात्रों को आरक्षण के तहत लाभ मिलेगा। इसके अलावा केंद्र सरकार के नियमों के तहत अनिवार्य शिक्षक ट्रेनिंग और वेतन दिया जाएगा। छात्रों के ट्रेनिंग, इनोवेशन, इंटर्नशिप आदि पर पूरा फोकस किया जाएगा। सुपर न्यूमेरी कोटे के तहत छात्राओं, जम्मू कश्मीर, नार्थ-ईस्ट, ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों को अतिरिक्त सीटों पर दाखिले का लाभ मिलेगा।
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बीए, बीकॉम, बैचलर ऑफ बिल्डिंग का डिग्री मिल सकेगी
अभी तक छात्र के पास पांच वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के तहत बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर की पढ़ाई बीच में छोड़ने का कोई विकल्प नहीं होता था। नए नियमों के तहत अब उसके पास तीन साल के बाद पढ़ाई बीच में छोड़ने का विकल्प रहेगा। छात्र जिस कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा होगा, वहां का संबंधित संस्थान अपने कैंपस में पढ़ाए जाने वाले डिग्री प्रोग्राम के तहत उसकी परीक्षा लेकर उसे डिग्री देगा। इसमें बीए, बीकॉम, बैचलर ऑफ बिल्डिंग की डिग्री भी हो सकती है।
8 से 9वें सेमेस्टर ट्रेनिंग
वास्तुकला के छात्र 8वें और 9वें सेमेस्टर से ट्रेनिंग पर जाएंगे। इसमें इंडस्ट्री, ऐतिहासिक भवन व धरोहर के संरक्षण पर काम करना, सरकार के साथ किसी नई योजना पर काम करना आदि शामिल होगा। छात्रों को भारतीय संस्कृति, इतिहास, पंरपराओं, धरोहर के बारे में पढना और जानना जरूरी होगा। इसके लिए अनिवार्य स्ट्डी टूर आयोजित किए जाएंगे। हरित भवन, रेटिंग प्रणालियां व आपदा प्रबंधन विषयों की भी शामिल किया जा रहा है।
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