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CBSE: 12वीं के हिंदी का पेपर देख छूटे पसीने, अपठित गद्यांश और काव्यांश का भाषा स्तर रहा कठिन

Tue, 21 Feb 2023 06:34 AM IST
वीरेंद्र शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Tue, 21 Feb 2023 06:34 AM IST
सार

बारहवीं का हिंदी इलेक्टिव व हिंदी कोर का पेपर हुआ। जबकि दसवीं का विदेशी भाषाओं(अरबी, तिब्बती, फ्रेंच, जर्मन, रशियन, पर्शियन, नेपाली, लिंबो, व लेपछा) का पेपर हुआ। हिंदी भाषा के प्रश्न पत्र ने औसत से अधिक अंक वाले छात्रों को भी परेशान किया।

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Class XII Hindi subject paper of the CBSE made the students sweat because of the tough question papers
सीबीएसई बोर्ड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की बारहवीं कक्षा के हिंदी विषय के पेपर के साथ मुख्य विषयों की परीक्षाएं शुरू हो गई। पहले ही मुख्य विषयों के कठिन प्रश्नपत्रों ने छात्रों के पसीने छुड़ा दिए। प्रश्न पत्र लंबा नहीं था, लेकिन भाषा का स्तर कठिन होने के कारण उन्हें हल करने में परेशानी हुई। चालीस अंक के बहु विकल्पीय प्रश्न भी काफी घुमा फिरा कर पूछे गए। इस कारण से कई औसत स्तर के छात्र पूरे प्रश्न हल नहीं कर पाए।
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सोमवार को बारहवीं का हिंदी इलेक्टिव व हिंदी कोर का पेपर हुआ। जबकि दसवीं का विदेशी भाषाओं(अरबी, तिब्बती, फ्रेंच, जर्मन, रशियन, पर्शियन, नेपाली, लिंबो, व लेपछा) का पेपर हुआ। हिंदी भाषा के प्रश्न पत्र ने औसत से अधिक अंक वाले छात्रों को भी परेशान किया। एक छात्र दिव्य ने बताया कि जिस तरह का अपठित गद्यांश पूछा गया उसकी अपेक्षा नहीं थी। उसे हल करने में काफी समय लगा। भाषा का स्तर काफी ऊंचा था। इस कारण उनका पेपर पूरा नहीं हो पाया। पीजीटी हिंदी शिक्षिका डॉ कविता कपूर ने बताया कि 80 अंकों का तीन घंटे का पेपर काफी समय लेने वाला था। इसका कारण यह रहा कि उसमें 10 नंबर के अपठित गद्यांश व आठ अंक के अपठित काव्यांश की भाषा कठिन थी। 40 अंक के चालीस बहु विकल्पीय प्रश्न काफी घुमाकर पूछे गए।
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इन्हें हल करने में भी छात्रों को काफी समय लगा। इसी कारण से काफी छात्रों ने पेपर पूरा नहीं हो पाने की शिकायत शिक्षकों से की है। हालांकि पेपर संतुलित था, कुछ भी पाठ्यक्रम के बाहर से नहीं पूछा गया था। शिक्षकों के अनुसार, भाषा का पेपर होने के कारण उम्मीद की जाती है कि औसत छात्र को इसमें 60-70 अंक मिल जाएंगे। लेकिन इस प्रश्न पत्र में औसत छात्र 80 में से 40-45 अंक के बीच ही प्राप्त कर पाएगा। सीबीएसई की बारहवीं हिंदी की परीक्षा के दौरान गद्यांश एवं पद्यांश में इस्तेमाल की गई कठिन भाषा ने परीक्षार्थियों को उलझा दिया। प्रश्न पत्र में सवाल इस तरह से बनाए गए थे कि वह छात्रों को असमंजस में डाल रहे थे। सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए वाले प्रश्नों का स्वरूप उलझाऊ था। इस कारण से उन्हें वाक्यों को समझने में भी समय लगा।
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