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असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के साक्षात्कार को चुनौती
Sat, 08 Jun 2019 12:02 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूराे, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूराे, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 08 Jun 2019 12:02 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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हाईकोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती में साक्षात्कार के लिए शार्ट लिस्टिंग की वैधता की चुनौती दी गई है। कोर्ट ने याचिका पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा भारत सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई आठ जुलाई को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने तेलियरगंज के शिवम कुमार पाल की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता आलोक मिश्र और आयोग के अधिवक्ता वीके शुक्ल, विश्वविद्यालय के अधिवक्ता चंदन शर्मा तथा भारत सरकार के अधिवक्ता कृष्ण जी शुक्ल ने पक्ष रखा। याचिका में यूजीसी रेग्युलेशन 2018 के परिशिष्ट दो के टेबल 3ए को संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के विपरीत होने के कारण असंवैधानिक घोषित करने तथा केवल साक्षात्कार से चयन न कर पारदर्शी उद्देश्यपूर्ण चयन प्राक्रिया अपनाए जाने की मांग की गई है।
यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने तेलियरगंज के शिवम कुमार पाल की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता आलोक मिश्र और आयोग के अधिवक्ता वीके शुक्ल, विश्वविद्यालय के अधिवक्ता चंदन शर्मा तथा भारत सरकार के अधिवक्ता कृष्ण जी शुक्ल ने पक्ष रखा। याचिका में यूजीसी रेग्युलेशन 2018 के परिशिष्ट दो के टेबल 3ए को संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के विपरीत होने के कारण असंवैधानिक घोषित करने तथा केवल साक्षात्कार से चयन न कर पारदर्शी उद्देश्यपूर्ण चयन प्राक्रिया अपनाए जाने की मांग की गई है।
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