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CBSE: सीबीएसई से संबद्धता के लिए विशेष जरूरत वाले विद्यार्थियों का रखें ख्याल, रैंप आदि की सुविधा होना जरूरी
Wed, 08 Mar 2023 04:29 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 08 Mar 2023 04:29 AM IST
सार
सीबीएसई के अनुसार संबद्धता उपनियम 2018 में यह प्रावधान है कि स्कूल शौचालयों में रैंप, व्हीलचेयर लिफ्ट और श्रवण संकेतों जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा। इसके साथ ही स्कूलों को बच्चों के लिए अन्य संभावित ढांचागत सुविधाएं देना भी जरूरी है।
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CBSE सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मौजूदा और बोर्ड से संबद्धता चाहने वाले स्कूलों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देशों का पालन करने को कहा है। संबद्धता के लिए स्कूलों को इन बच्चों का ख्याल रखना होगा। स्कूलों को शौचालयों में रैंप, लिफ्ट, व्हीलचेयर और साइनेज बोर्ड लगाना जरूरी है। बोर्ड ने पाया है कि स्कूल विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए ढांचागत सुविधाओं के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहे हैं।
सीबीएसई के अनुसार संबद्धता उपनियम 2018 में यह प्रावधान है कि स्कूल शौचालयों में रैंप, व्हीलचेयर लिफ्ट और श्रवण संकेतों जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा। इसके साथ ही स्कूलों को बच्चों के लिए अन्य संभावित ढांचागत सुविधाएं देना भी जरूरी है। प्रावधानों में यह भी शामिल है कि स्कूल विकलांग व्यक्तियों के पुनर्वास अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अनुसार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सामान्य स्कूल में विशेष आवश्यकताओं वाले छात्र को शामिल करने को बढ़ावा देगा। बोर्ड के अनुसार यह देखा गया है कि स्कूल इन विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए ढांचागत सुविधाओं के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहे हैं।
कुछ स्कूलों ने केवल प्रवेश या निकास बिंदुओं या भूतल पर रैंप का निर्माण किया है, जबकि प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य सह-पाठयक्रम गतिविधियां स्कूल भवनों के विभिन्न तलों पर होती हैं। स्कूल के सभी तलों पर रैंप या लिफ्ट की सुविधा नहीं होने से यह बच्चे विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेने से वंचित रह जाते हैं। सीबीएसई ने कहा कि स्कूलों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे स्कूलों में जाने वाले सभी बच्चों के लिए प्रावधान करें और बाधाओं को पहचान कर उन्हें दूर करने का प्रयास करें।
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बच्चों के अधिकारों की रक्षा अहम
बोर्ड के अनुसार यदि सबके लिए शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो ऐसे बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बोर्ड ने स्कूलों में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। समग्र शिक्षा योजना के तहत समावेशी शिक्षा भी एक महत्वपूर्ण घटक है, जो विशेष आवश्यकता वाले बच्चों सहित सभी छात्रों के लिए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर जोर देती है। सीबीएसई स्कूलों को कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 समान शैक्षिक अवसर प्रदान करने के लिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए बाधा रहित शिक्षा की आवश्यकता बताती है।
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सीबीएसई के अनुसार संबद्धता उपनियम 2018 में यह प्रावधान है कि स्कूल शौचालयों में रैंप, व्हीलचेयर लिफ्ट और श्रवण संकेतों जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा। इसके साथ ही स्कूलों को बच्चों के लिए अन्य संभावित ढांचागत सुविधाएं देना भी जरूरी है। प्रावधानों में यह भी शामिल है कि स्कूल विकलांग व्यक्तियों के पुनर्वास अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अनुसार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सामान्य स्कूल में विशेष आवश्यकताओं वाले छात्र को शामिल करने को बढ़ावा देगा। बोर्ड के अनुसार यह देखा गया है कि स्कूल इन विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए ढांचागत सुविधाओं के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहे हैं।
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कुछ स्कूलों ने केवल प्रवेश या निकास बिंदुओं या भूतल पर रैंप का निर्माण किया है, जबकि प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य सह-पाठयक्रम गतिविधियां स्कूल भवनों के विभिन्न तलों पर होती हैं। स्कूल के सभी तलों पर रैंप या लिफ्ट की सुविधा नहीं होने से यह बच्चे विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेने से वंचित रह जाते हैं। सीबीएसई ने कहा कि स्कूलों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे स्कूलों में जाने वाले सभी बच्चों के लिए प्रावधान करें और बाधाओं को पहचान कर उन्हें दूर करने का प्रयास करें।
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बच्चों के अधिकारों की रक्षा अहम
बोर्ड के अनुसार यदि सबके लिए शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो ऐसे बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बोर्ड ने स्कूलों में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। समग्र शिक्षा योजना के तहत समावेशी शिक्षा भी एक महत्वपूर्ण घटक है, जो विशेष आवश्यकता वाले बच्चों सहित सभी छात्रों के लिए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर जोर देती है। सीबीएसई स्कूलों को कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 समान शैक्षिक अवसर प्रदान करने के लिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए बाधा रहित शिक्षा की आवश्यकता बताती है।
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