{"_id":"65fa32f8dea8e48a0e07c115","slug":"cbse-world-record-highest-number-students-studying-one-time-2024-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"CBSE: एक समय में सबसे अधिक विद्यार्थियों के पढ़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनवाएगा सीबीएसई, 19 जून को होगा कार्यक्रम","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
CBSE: एक समय में सबसे अधिक विद्यार्थियों के पढ़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनवाएगा सीबीएसई, 19 जून को होगा कार्यक्रम
Wed, 20 Mar 2024 06:21 AM IST
यशोधन शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Wed, 20 Mar 2024 06:21 AM IST
सार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप सीबीएसई ने वर्ष 2021 में रीडिंग मिशन को लांच किया था। इसका उद्देश्य देश भर के सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
विज्ञापन
सीबीएसई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) बच्चों में पढ़ने की आदत का विकास करने के लिए अब बच्चों के पढ़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनवाने की तैयारी कर रहा है। सीबीएसई इसके लिए 19 जून को एक समय में सबसे अधिक बच्चों के पढ़ने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करने की योजना बना रहा है। यह गतिविधि सीबीएसई ऑनलाइन प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म सीबीएसई रीडिंग एप पर की जाएगी। इसके अलावा समझ और सटीकता से पढ़ने की आदत को विकसित करने के लिए छठी से दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए अगस्त में रीडिंग चैलेंज आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप सीबीएसई ने वर्ष 2021 में रीडिंग मिशन को लांच किया था। इसका उद्देश्य देश भर के सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसके तहत ही बोर्ड ने संबद्ध स्कूलों में पढ़ने से जुड़ी कुछ गतिविधियां कराने का फैसला किया है। बोर्ड अगस्त में रीडिंग चैलेंज आयोजित करेगा। इस चैलेंज के माध्यम से बच्चे की पढ़ने की सटीकता, समझ के साथ पढऩे की क्षमता, को परखा जाएगा।
सोच कौशल को बढ़ाने का एक रोमांचक अवसर
बोर्ड के अनुसार यह चैलेंज सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के छठी से दसवीं तक के छात्रों के लिए उनकी पढ़ने की समझ और महत्वपूर्ण सोच कौशल को बढ़ाने का एक रोमांचक अवसर है। रीडिंग चैलेंज गतिविधि दो राउंड में होगी। इसके लिए स्कूलों को सीबीएसई रीडिंग चैलेंज ऑनलाइन पोर्टल पर अपने को पंजीकृत कराना होगा। पहला राउंड स्कूल स्तर पर होगा।
विज्ञापन
इस राउंड में स्कूल प्रत्येक कक्षा से हिंदी व अंग्रेजी के लिए दो-दो छात्रों का चयन करेगा। दूसरा राउंड ऑनलाइन होगा। इसमें विजेता का चयन गति व सटीकता के आधार पर किया जाएगा। इसमें भाग लेने वाले छात्रों को बोर्ड की ओर से ई-प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा बोर्ड कहानी लेखन के गुण विकसित करने के लिए सीबीएसई बडिंग ऑथर प्रोग्राम भी आयोजित करेगा। इसके लिए पंजीकरण अप्रैल से शुरू हो जाएगा।
5वीं से 10वीं तक के बच्चों के लिए वेबिनार
इसके तहत पांचवीं से दसवीं तक के बच्चों को वेबिनार के माध्यम से कहानी लिखने की तकनीक से परिचित कराया जाएगा। बच्चे कहानी लिखेंगे और उसे जुलाई से टेक्नालॉजी प्लेटफॉर्म पर जमा करेंगे। बोर्ड का मानना है कि इससे बच्चे लघु कथाएं बनाने, लिखने और चित्रित करने के कौशल सीखेंगे और उनके इस कौशल में निखार आएगा।
विज्ञापन
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप सीबीएसई ने वर्ष 2021 में रीडिंग मिशन को लांच किया था। इसका उद्देश्य देश भर के सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसके तहत ही बोर्ड ने संबद्ध स्कूलों में पढ़ने से जुड़ी कुछ गतिविधियां कराने का फैसला किया है। बोर्ड अगस्त में रीडिंग चैलेंज आयोजित करेगा। इस चैलेंज के माध्यम से बच्चे की पढ़ने की सटीकता, समझ के साथ पढऩे की क्षमता, को परखा जाएगा।
विज्ञापन
सोच कौशल को बढ़ाने का एक रोमांचक अवसर
बोर्ड के अनुसार यह चैलेंज सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के छठी से दसवीं तक के छात्रों के लिए उनकी पढ़ने की समझ और महत्वपूर्ण सोच कौशल को बढ़ाने का एक रोमांचक अवसर है। रीडिंग चैलेंज गतिविधि दो राउंड में होगी। इसके लिए स्कूलों को सीबीएसई रीडिंग चैलेंज ऑनलाइन पोर्टल पर अपने को पंजीकृत कराना होगा। पहला राउंड स्कूल स्तर पर होगा।
विज्ञापन
इस राउंड में स्कूल प्रत्येक कक्षा से हिंदी व अंग्रेजी के लिए दो-दो छात्रों का चयन करेगा। दूसरा राउंड ऑनलाइन होगा। इसमें विजेता का चयन गति व सटीकता के आधार पर किया जाएगा। इसमें भाग लेने वाले छात्रों को बोर्ड की ओर से ई-प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा बोर्ड कहानी लेखन के गुण विकसित करने के लिए सीबीएसई बडिंग ऑथर प्रोग्राम भी आयोजित करेगा। इसके लिए पंजीकरण अप्रैल से शुरू हो जाएगा।
5वीं से 10वीं तक के बच्चों के लिए वेबिनार
इसके तहत पांचवीं से दसवीं तक के बच्चों को वेबिनार के माध्यम से कहानी लिखने की तकनीक से परिचित कराया जाएगा। बच्चे कहानी लिखेंगे और उसे जुलाई से टेक्नालॉजी प्लेटफॉर्म पर जमा करेंगे। बोर्ड का मानना है कि इससे बच्चे लघु कथाएं बनाने, लिखने और चित्रित करने के कौशल सीखेंगे और उनके इस कौशल में निखार आएगा।
कमेंट
कमेंट X