फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   CBSE to Organise Python Programming Bootcamp for Students in January and February

CBSE: छात्रों को मिलेगी बूटकैंप में पायथन प्रोग्रामिंग की ट्रेनिंग, सीबीएसई जनवरी और फरवरी में करेगा आयोजन

Fri, 02 Jan 2026 11:31 AM IST
शाहीन परवीन अमर उजाला, ब्यूरो
अमर उजाला, ब्यूरो Published by: शाहीन परवीन Updated Fri, 02 Jan 2026 11:31 AM IST
सार

CBSE Python Programming: सीबीएसई छात्रों के लिए पायथन प्रोग्रामिंग और कोडिंग स्किल्स सिखाने के उद्देश्य से बूटकैंप का आयोजन करने जा रहा है। यह बूटकैंप जनवरी और फरवरी के दौरान आयोजित किया जाएगा, जिसमें छात्रों को प्रोग्रामिंग की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।

विज्ञापन
CBSE to Organise Python Programming Bootcamp for Students in January and February
CBSE Board - फोटो : Official Website

विस्तार

CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नौंवी व दसवीं के एआई की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए बूटकैंप आयोजित करने जा रहा है। जनवरी-फरवरी में होने वाले इस बूटकैंप में छात्र पायथन और कोडिंग के गुर सीखेंगे। बोर्ड इस कैंप के लिए सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू) निर्माता कंपनी इंटेल का सहयोग ले रहा है।

विज्ञापन


इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि छात्र वर्चुअल मोड में निःशुल्क हिस्सा ले सकते हैं। सीबीएसई की ओर से इस संबंध में स्कूलों को जानकारी भेजी गई है। इसमें कहा कि 12 से 28 जनवरी तक होने वाले इस कैंप में 120-150 तक छात्रों को हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन


जबकि दो फरवरी से चार फरवरी तक मॅटरिंग सेशन आयोजित होगा। इसमें पायथन के साथ-साथ कोडिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा। इस कैंप का हिस्सा बनने के लिए बोर्ड ने एक पंजीकरण लिंक भी जारी किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सीबीएसई 12-28 जनवरी और 2-4 फरवरी तक आयोजित करेगा बूटकैंप

जिसका उपयोग करके छात्र पंजीकृत हो सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और कोडिंग जैसे विषयों का महत्व तेजी से बढ़ा है।

शिक्षा जगत से लेकर उद्योग जगत तक, हर क्षेत्र में एआई आधारित तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने स्कूल स्तर पर ही छात्रों को आधुनिक तकनीकी विषयों से परिचित कराने का निर्णय लिया है।

सीबीएसई पहले ही कक्षा 6 से 12 तक विभिन्न कक्षाओं में स्किल-बेस्ड सब्जेक्ट्स को शामिल कर चुका है। एआई भी इन्हीं विषयों में से एक है, जिसे छात्रों में तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पाठ्यक्रम में जोड़ा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed