केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रिजल्ट की गणना और सारणीकरण के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले एफएक्यू (FAQ) जारी किए हैं। दरअसल, शिक्षकों द्वारा दसवीं कक्षा के रिजल्ट की मॉडरेशन नीति पर चिंता जताए जाने के बाद बोर्ड की तरफ से अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न जारी किए गए हैं। इनमें विभिन्न चिंताओं को स्पष्ट किया गया है और इन दस्तावेजों को सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के साथ साझा किया गया है।
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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2021
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बोर्ड की तरफ से सूचीबद्ध मॉडरेशन नीति पर प्रिंसिपल्स और शिक्षकों ने चिंता जताई थी। इसके बाद अब इन एफएक्यू के जरिए उन सभी चिंताओं को दूर किया गया है और चीजें स्पष्ट की गई हैं। बोर्ड ने मॉडरेशन नीति 1 मई को जारी की थी। जिसमें कहा गया था कि स्कूलों को पहले छात्रों का मूल्यांकन उनके इंटरनल एग्जामिनेशन के आधार पर करना होगा और उनको 80 नंबर देने होंगे। फिर इन अंकों को संदर्भ वर्ष के अनुसार मॉडरेट किया जाना आवश्यक है।
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बोर्ड
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जबकि आंतरिक मूल्यांकन को स्कूलों द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। ऐसे में मॉडरेशन के कारण छात्रों के घटते अंकों पर सवाल उठाए गए थे। कई स्कूलों ने सीबीएसई द्वारा अपनी मॉडरेशन नीति के तहत साझा किए गए अंकों की सीमा में एक निश्चित संख्या में छात्रों को भरने की आवश्यकता पर चिंता जताई थी। शिक्षकों ने मैथ्स बेसिक के मामले में संदर्भ वर्ष चुनने पर भी चिंता जताई थी क्योंकि विषय केवल 2020 में पेश किया गया था। संदेह को स्पष्ट करने के लिए सीबीएसई ने संबद्ध स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए वेबिनार की एक श्रृंखला आयोजित की थी। सीबीएसई ने स्कूलों की चिंताओं को दूर करने के लिए ही इसके बाद एफएक्यू जारी किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्कूल मैथ्स के बेसिक छात्रों के लिए 2020 को संदर्भ के रूप में ले सकते हैं, भले ही स्कूल के लिए 2019 या 2018 के संदर्भ वर्ष का चयन किया गया हो। बता दें कि सीबीएसई 20 जून को दसवीं कक्षा का रिजल्ट जारी करेगी।
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