सीबीएसई ने किया साफ : 11वीं-12वीं कक्षाओं के अंकों का मॉडरेशन स्कूल करेंगे
- ग्यारवीं के अंकों के मॉडरेशन के लिए संदर्भ वर्ष की कोई आवश्यकता नहीं है
- स्कूल संदर्भ वर्ष के अभाव में 11वीं के अंक अपलोड नहीं कर रहे हैं
विस्तार
बारहवीं का रिजल्ट तैयार करने के लिए 11वीं व 12वीं के अंकों का मॉडरेशन स्कूल ही करेंगे। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों को स्पष्ट किया है कि इन कक्षाओं के अंकों का मॉडरेशन बोर्ड की ओर से नहीं किया जाएगा। यदि स्कूल 11वीं के अंकों का मॉडरेशन कर रहे हैं, तो इसकेलिए किसी संदर्भ वर्ष की कोई आवश्यकता नहीं है।
सीबीएसई ने स्कूलों को कहा है कि वह समय से 11वीं के अंकों को अपलोड कर दें। डेटा अपलोड करने के बाद स्कूल को कक्षा 11वीं और कक्षा 12वीं दोनों के अंकों को मॉडरेशन करने की अनुमति दी जाएगी। सीबीएसई केसंज्ञान में आया है कि संदर्भ वर्ष केअभाव में स्कूल 11वीं के अंक पोर्टल पर अपलोड नहीं कर रहे हैं। साथ ही स्कूलों को ऐसा लगता है कि 11वीं केअंकों का मॉडरेशन सीबीएसई द्वारा किया जाएगा। ऐसे में सीबीएसई को से स्कूलों को जानकारी भेजी गई है।
परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज की ओर से भेजी गई जानकारी में कहा गया है कि दोनों कक्षाओं के लिए मॉडरेशन स्कूलों द्वारा ही किया जाएगा। स्कूल की रिजल्ट कमेटी छात्रों के सीखने और अन्य संबंधित मुद्दों के आधार पर उनकेद्वारा किए गए मॉडरेशन को तय करेगी। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वह 11वीं के अंकों को तय समय सीमा के भीतर अपलोड कर दें। 11वीं के अंक अपलोड करने की अंतिम तिथि को बढ़ाया नहीं जाएगा।
सीबीएसई को 31 जुलाई 2021 तक बारहवीं कक्षा के रिजल्ट को घोषित करने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय केआदेशों का पालन करना है। ऐसे में स्कूलों को कहा गया है कि 11वीं कक्षा के अंक अपलोड करने को लेकर बोर्ड की ओर से दिए गए आदेश का पालन करें।
कल तक अपलोड कर सकेंगे 11वीं के अंक
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से दसवीं-बाहरवीं की परीक्षा रद करने केबाद बोर्ड की ओर से परीक्षा परिणाम तैयार करने की पॉलिसी जारी की जा चुकी है। इस पॉलिसी के तहत बारहवीं केरिजल्ट तैयार करने के लिए ग्यारवीं के अंक 30 जून तक अपलोड करने के लिए कहा गया था। अब बोर्ड ने स्कूलों केआग्रह पर अंक अपलोड करने की तिथि को बढ़ा दिया है। स्कूल अब ग्यारवीं के अंक दो जुलाई तक अपलोड कर सकेंगे।
मूल्यांकन फॉर्मूला सार्वजनिक करने की मांग खारिज
हाईकोर्ट ने सीबीएसई से संबद्ध सभी स्कूलों को दसवीं कक्षा के छात्रों के मूल्यांकन के लिए तैयार किए गए अंको को प्रकाशित करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने रिजल्ट आने से मात्र 11 घंटे पहले आने पर याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि परिणामों पर इस स्तर पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति नवीन चावला की अवकाशकालीन पीठ ने याचिका को पब्लिसिटी स्टंट करार देते हुए कहा कि आपको व्यावसायिक याचिकाकर्ता की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए था। याचिका ने अदालत से अंको को निर्धारित करने का फार्मूला सावर्जनिक करने व स्कूलों को अपनी वे वेबसाइड पर डालने की मांग की थी।
पीठ ने कहा कि इस मामले में दायर आपकी याचिका लंबित है और अदालत ने याचिका पर अगस्त माह में सुनवाई तय की है। आपको पता था कि रिजल्ट पहले आना है लेकिन अंतरिम स्थगन के लिए एक आवेदन दायर नहीं किया। अब आप अवकाश के दौरान एक मौका लेने की कोशिश कर रहे हैं। क्या आपको लगता है कि आप 11 घंटे पहले आंएगे और सब कुछ रुक जाएगा। आप इसे मौके के खेल के रूप में ले जा रहे हैं। मुकदमेबाजी मौके का खेल नहीं है। अदालत ने कहा मामलों का फैसला पक्षकारों को सुनने के बाद किया जाता है।
अदालत ने कहा यदि आपको लगता है कि किसी मामले में बुरा परिणाम है, तो आप विशेष उदाहरण के साथ अदालत आ सकते हैं। मात्र आशंका के आधार पर पर पूरे सिस्टम को नहीं रोका जा सकता।
कमेंट
कमेंट X