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CBSE: अगले वर्ष से तीसरी कक्षा के छात्र पढ़ेंगे एआई, विशेषज्ञ समिति तैयार करेगी पाठ्यक्रम

Thu, 30 Oct 2025 07:32 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Thu, 30 Oct 2025 07:32 PM IST
सार

CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटेशनल थिंकिंग (AI & CT) पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर कार्तिक रमन की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति गठित की है। नया एआई पाठ्यक्रम 2026-27 से कक्षा 3 से शुरू होगा।
 

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CBSE forms IIT Madras-led panel to design AI, Computational Thinking curriculum for schools
सांकेतिक तस्वीर( AI photo) - फोटो : Freepik

विस्तार

CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटेशनल थिंकिंग (AI & CT) के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस उद्देश्य से बोर्ड ने IIT मद्रास के डेटा साइंस और एआई विभाग के प्रोफेसर कार्तिक रमन की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।

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शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह पहल 2026-27 सत्र से कक्षा 3 से शुरू की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर पर ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
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स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बताया कि बुधवार को आयोजित एक स्टेकहोल्डर परामर्श बैठक में सीबीएसई, एनसीईआरटी, केवीएस, एनवीएस और कई बाहरी विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान एआई और कंप्यूटेशनल थिंकिंग के लिए व्यापक, समावेशी और भविष्य उन्मुख पाठ्यक्रम के दिशा-निर्देश तय किए गए।
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कुमार ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटेशनल थिंकिंग सीखने, सोचने और सिखाने की अवधारणा को मजबूत करेंगे। यह पहल एआई के नैतिक उपयोग और सार्वजनिक हित में इसके प्रयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

उन्होंने यह भी कहा कि पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE), 2023 के अनुरूप बनाया जाएगा ताकि हर बच्चे की विशिष्ट क्षमता को पहचाना और संवारा जा सके।

समय के साथ संशोधन जरूरी

पूर्व में, संजय कुमार ने कहा था कि एआई शिक्षा को "द वर्ल्ड अराउंड अस" (The World Around Us) की तरह एक मौलिक सार्वभौमिक कौशल के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमारा दायित्व है कि हम न्यूनतम मानक तय करें और समय-समय पर उसे छात्रों की जरूरतों के अनुसार संशोधित करें।”

वर्तमान में 18,000 से अधिक सीबीएसई स्कूल कक्षा 6 से एआई को स्किल विषय के रूप में पढ़ा रहे हैं, जिसमें 15 घंटे का मॉड्यूल शामिल है। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक इसे एक वैकल्पिक विषय के रूप में पेश किया जा रहा है।

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