राहत: कोरोना की वजह से माता-पिता को खोने वाले छात्रों को नहीं देना होगा परीक्षा शुल्क, बोर्ड ने दिया आदेश
सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के उन छात्रो को परीक्षा शुल्क और पंजीकरण शुल्क में छूट दी है, जिन्होंने महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो दिया है। बोर्ड ने इस संबंध में विद्यालय को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों से उन छात्रों से बोर्ड परीक्षा शुल्क नहीं लेने को कहा है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता को खो दिया है। बता दें कि महामारी के कारण कई व्यवसाय और नौकरियां प्रभावित हुई हैं, जिसकी वजह से माता-पिता और छात्रों द्वारा लगातार परीक्षा शुल्क में छूट देने की मांग की जा रही थी।
सीबीएसई ने आधिकारिक अधिसूचना में कहा है कि कोविड -19 महामारी ने सब पर बहुत बुरा प्रभाव डाला है। छात्रों पर हुए असर को ध्यान में रखते हुए, सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए निर्णय लिया है कि उन छात्रों से न तो परीक्षा शुल्क और न ही पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा, जिन्होंने अपने दोनों माता-पिता या जीवित माता-पिता या कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता को कोरोना की वजह से खो दिया है।
फिलहाल स्कूलों को 10वीं और 12वीं कक्षा के अभ्यर्थियों की सूची (एलओसी) 30 सितंबर तक बिना लेट फीस और 9 अक्टूबर तक लेट फीस के साथ भेजने को कहा गया है। बता दें कि आवेदन करने के लिए छात्रों को पहले के नियमों के अनुसार बोर्ड परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। गौरतलब है कि पांच विषयों के लिए प्रति उम्मीदवार 1500 रुपये और 1200 रुपये तक का सामान्य शुल्क जमा करना होता है।
कोरोना की वजह से इस साल सीबीएसई ने किया यह बड़ा बदलाव
सीबीएसई ने इस साल सिलेबस को दो भागों में विभाजित कर दिया है। जिनकी परीक्षा दो टर्म में आयोजित की जाएगी। नवंबर-दिसंबर में होने वाली टर्म- I परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे जिनमें केस-आधारित एमसीक्यूं और अभिकथन-तर्क प्रकार एमसीक्यू शामिल हैं। यह परीक्षा 90 मिनट की होगी। वहीं टर्म II में केस-आधारित, स्थिति-आधारित, ओपन-एंडेड प्रश्नों के साथ-साथ लघु और दीर्घ उत्तर दोनों प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। यह पेपर दो घंटे के लिए आयोजित किया जाएगा। हालांकि, अगर कोविड -19 महामारी की स्थिति सामान्य नहीं होती है, तो मार्च में टर्म II की परीक्षा 90 मिनट की होगी, जिसमें एमसीक्यू-आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे।
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