फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   CBSE Exams being split in two terms reason behind improved CBSE Results Says Schools

CBSE Results: सीबीएसई रिजल्ट पर बोले स्कूल प्रिंसिपल, इस वजह से बेहतर रहा परिणाम

Sat, 23 Jul 2022 04:06 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Sat, 23 Jul 2022 04:06 PM IST
सार

CBSE Results 2022 Analysis: स्कूल प्रिंसिपल के अनुसार, कोरोना महामारी से पहले की परीक्षाओं के अंकों के मुकाबले इस साल सीबीएसई परीक्षाओं के पास प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है। 

विज्ञापन
CBSE Exams being split in two terms reason behind improved CBSE Results Says Schools
CBSE Results 2022 Analysis - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

CBSE Results 2022 Analysis: सीबीएसई की ओर से शुक्रवार, 22 जुलाई को कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। इस साल बोर्ड का रिजल्ट परीक्षा वाले पिछले सालों से अच्छा रहा है। इसके पीछे सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों ने कुछ प्रमुख कारण बताए हैं। स्कूल प्रिंसिपल के अनुसार, कोरोना महामारी से पहले की परीक्षाओं के अंकों के मुकाबले इस साल सीबीएसई परीक्षाओं के पास प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है। 

विज्ञापन

12वीं में 92.7 फीसदी तो 10वीं में 94.40 फीसदी पास हुए

सीबीएसई द्वारा शुक्रवार को घोषित किए गए कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में कुल 92.7 फीसदी छात्रों ने कक्षा 12वीं की और 94.40 फीसदी ने कक्षा 10वीं की परीक्षा पास की है। जहां कक्षा 12वीं में 1,34,797 छात्रों ने 95 फीसदी से अधिक और 33,432 छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। वहीं, कक्षा 10वीं में, 64,908 उम्मीदवारों ने 95 फीसदी से अधिक और 2,36,993 ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।

विज्ञापन

 

शैक्षणिक सत्र को दो टुकड़ों में विभाजित करना बेहतर

इसके लिए प्राथमिक तौर पर सीबीएसई द्वारा 2021-22 के शैक्षणिक सत्र को दो टुकड़ों में विभाजित करने को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। कई स्कूल संचालकों और प्रिंसिपल का यही मानना था कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब शैक्षणिक सत्र को दो टर्म में विभाजित किया गया। जहां पहले टर्म की परीक्षा नवंबर-दिसंबर के दौरान आयोजित की गई थी, वहीं दूसरी टर्म की परीक्षा मई-जून में आयोजित की गई। 
 

CBSE Exams being split in two terms reason behind improved CBSE Results Says Schools
Pallavi Upadhyaya, Principal, DPS RNE - फोटो : DPS RNE

छात्रों की आंसर राइटिंग में भी सुधार हुआ : पल्लवी उपाध्याय

दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) आरएनई की प्रिंसिपल पल्लवी उपाध्याय ने कहा कि छात्रों के पास टर्म परीक्षा शुरू होने से पहले के दिनों और तैयारी के दिनों में कवर करने, पढ़ने और संशोधित करने के लिए अधिक समय और तुलनात्मक रूप से कम पाठ्यक्रम था। इससे स्वाभाविक रूप से विषयों की समझ बढ़ी और छात्रों की आंसर राइटिंग में भी सुधार हुआ है। वे अधिक समय के साथ अध्यायों को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम थे और परीक्षा देने से पहले पर्याप्त तैयारी का समय भी  मिला।

 

विज्ञापन

सिलेबस में 30 फीसदी की कटौती : अंशु मित्तल

एमआरजी स्कूल, रोहिणी की प्रिंसिपल अंशु मित्तल का कहना है कि टर्म परीक्षाओं के कारण पाठ्यक्रम को विभाजित किया गया था और सिलेबस में 30 फीसदी की कटौती भी की गई। इसने छात्रों पर पढ़ाई के दबाव को कम कर दिया। इससे कम पाठ्यक्रम को कवर करने के लिए पर्याप्त समय था। अत: छात्र परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहे। 

 

CBSE Exams being split in two terms reason behind improved CBSE Results Says Schools
Sangeeta Hajela, Principle, DPS INDIRAPURAM - फोटो : DPS INDIRAPURAM

कैपेसिटी और इंटेलीजेंस लेवल में भी बढ़ोतरी हुई : संगीता हजेला

वहीं, डीपीएस इंदिरापुरम की प्रिंसिपल संगीता हजेला के अनुसार, एक वार्षिक परीक्षा के लिए विस्तृत पाठ्यक्रम की तैयारी की तुलना में टुकड़ों में परीक्षा कराना प्रैक्टिकली अच्छा रहा। छात्रों के पास एग्जाम के लिहाज से कम सिलेबस रहा। इससे उनकी अंडर स्टैंडिंग, कैपेसिटी और इंटेलीजेंस लेवल में बढ़ोतरी हुई। इसका असर उत्तर पुस्तिका में देखने को मिला, जहां वे लंबे, बेकार उत्तरों के बजाय मूल्य-आधारित उत्तर लिखने पर अधिक लिख रहे थे।

टर्म वेटेज रेशो का भी मिला फायदा : पूजा बोस

ग्रेटर नोएडा के पैसिफिक वर्ल्ड स्कूल की प्रिंसिपल पूजा बोस ने कहा कि चूंकि बोर्ड की परीक्षा दो टर्म में हुई थी, इसलिए निश्चित रूप से छात्रों की दक्षता में वृद्धि हुई थी क्योंकि पाठ्यक्रम 50-50 फीसदी में बांटा गया था। छात्रों की आंसर राइटिंग में व्यापक सुधार देखा गया, जिससे बोर्ड परीक्षा में उनके अंकों में काफी वृद्धि हुई है। वहीं, बोर्ड ने अंतिम परिणामों की गणना के लिए पहले सत्र को 30 फीसदी और दूसरे सत्र की परीक्षा को 70 फीसदी वेटेज देने का फैसला किया।  

CBSE Exams being split in two terms reason behind improved CBSE Results Says Schools
संयम भारद्वाज, परीक्षा नियंत्रक, सीबीएसई - फोटो : सोशल मीडिया

पिछले वर्षों से नहीं कर सकते तुलना : भारद्वाज

हालांकि, बोर्ड के अधिकारियों ने दावा किया कि यह शैक्षणिक सत्र विशेष था और इसकी तुलना पिछले सत्रों से नहीं की जा सकती। सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि कोविड-19 के कारण कक्षाओं का संचालन नहीं हो पाना, परीक्षा दो टर्म में आयोजित करना, वस्तुनिष्ठ प्रकार की परीक्षा और ओएमआर पर उत्तर देना, स्कूलों द्वारा मूल्यांकन आदि ने इस सत्र को विशेष बनाया है। इसलिए, इसकी तुलना पिछले किसी भी सत्र से नहीं की जा सकती है। सीबीएसई ने इस साल पारंपरिक पैटर्न वापस लागू करने का फैसला किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed