फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   CBSE: Controversy erupted over alleged gender stereotyping in comprehension passage in 10th exam paper, board referred the matter to subject experts

सीबीएसई : 10वीं के पेपर में कथित लैंगिक रूढ़िवादिता पर विवाद, बोर्ड ने मामले को विशेषज्ञों के पास भेजा

Mon, 13 Dec 2021 01:18 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Mon, 13 Dec 2021 01:18 AM IST
सार

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं कक्षा के अंग्रेजी के प्रश्नपत्र के अंशों में 'लैंगिक रूढ़िवादिता' को कथित तौर पर बढ़ावा दिए जाने और 'प्रतिगामी धारणाओं' का समर्थन करने संबंधी आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है।

विज्ञापन
CBSE: Controversy erupted over alleged gender stereotyping in comprehension passage in 10th exam paper, board referred the matter to subject experts
CBSE board exams - फोटो : Social media

विस्तार

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं कक्षा के अंग्रेजी के प्रश्नपत्र के अंशों में 'लैंगिक रूढ़िवादिता' को कथित तौर पर बढ़ावा दिए जाने और 'प्रतिगामी धारणाओं' का समर्थन करने संबंधी आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इसके चलते बोर्ड ने रविवार को इस मामले को विषय के विशेषज्ञों के पास भेज दिया।

विज्ञापन


शनिवार को आयोजित 10वीं की परीक्षा में प्रश्नपत्र में 'महिलाओं की मुक्ति ने बच्चों पर माता-पिता के अधिकार को समाप्त कर दिया' और 'अपने पति के तौर-तरीके को स्वीकार करके ही एक मां अपने से छोटों से सम्मान पा सकती है' जैसे वाक्यों के उपयोग को लेकर आपत्ति जताई गई है।
विज्ञापन


प्रश्नपत्र के ऐसे अंश सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इन्हें लेकर ट्विटर पर लोग सीबीएसई पर निशाना साध रहे हैं और उपयोगकर्ता हैशटैग 'सीबीएसई इनसल्टस वुमैन' (सीबीएसई ने महिलाओं का अपमान किया) का समर्थन करने का आह्वान करते दिखाई दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी प्रश्नपत्र पर आपत्ति जताते हुए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने कहा, अविश्वसनीय। क्या हम वास्तव में बच्चों को ऐसा निरर्थक ज्ञान दे रहे हैं? स्पष्ट रूप से भाजपा सरकार महिलाओं संबंधी इन प्रतिगामी विचारों का समर्थन करती है, अन्यथा ये सीबीएसई पाठ्यक्रम में क्यों शामिल होंगे?

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता लक्ष्मी रामचंद्रन ने कहा, यह अपमानजनक रूप से निरर्थक पठन मार्ग आज 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के पेपर में दिखाई दिया। हम अपने बच्चों को क्या सिखा रहे हैं? सीबीएसई को स्पष्टीकरण देना होगा और इसके साथ ही हमारे बच्चों को भड़काने के लिए माफी मांगनी होगी।

एक अन्य ट्विटर यूजर ने कहा, सीबीएसई कक्षा 10वीं का अंग्रेजी का पेपर आज कहता है कि बच्चों और नौकरों को उनकी जगह सिखाई जानी चाहिए और महिलाओं ने कुछ स्वतंत्रता हासिल करके बच्चों पर माता-पिता के अधिकार को नष्ट कर दिया। सीबीएसई में प्रश्न पत्र स्थापित करने वाले ये बेवकूफ कौन हैं?

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एक बयान जारी कर कहा, शनिवार को आयोजित सीबीएसई कक्षा 10वीं के प्रथम सत्र की परीक्षा के अंग्रेजी पेपर के एक सेट में कुछ अभिभावकों और छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है, जिसमें कहा गया है कि ऐसा लगता है कि यह परिवार पर प्रतिगामी धारणाएं और कथित तौर पर लैंगिक रूढ़िवादिता को बढ़ावा देती हैं।


बोर्ड ने कहा, मामले को बोर्ड की पूर्व निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार, विचार के लिए विषय विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा। बोर्ड द्वारा जारी सही उत्तर विकल्प और उत्तर कुंजी के संबंध में, यह स्पष्ट किया जाता है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed