CBSE ने बताया कैसे होगा कॉपियों का मूल्यांकन, छात्रों के लिए रखा ड्रेस कोड
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE - Central Board of Secondary Education) की ओर से बीते सोमवार देश विदेश के करीब 22 हजार स्कूलों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की गई। इसमें सीबीएसई की चेयरपर्सन अनीता करवल ने स्कूलों को परीक्षा और कॉपियों के मूल्यांकन से संबंधित कई हिदायतें दी हैं।
कॉपियों के मूल्यांकन की भी जांच
सीबीएसई द्वारा स्कूलों के साथ की गई लाइव स्ट्रीमिंग सेशन में बताया गया है कि बोर्ड परीक्षा के छात्रों की कॉपियों के मूल्यांकन की भी जांच की जाएगी। ये जांच कई स्तर पर होगी। इसमें सॉफ्टवेयर की भी मदद ली जाएगी। यानी परीक्षकों, जांचकर्ताओं व अन्य अधिकारियों द्वारा कॉपियों के मूल्यांकन की जांच किए जाने के बाद कंप्यूटर सॉफ्टरवेयर (टेक्नोलॉजी) की मदद से भी जांच होगी। ताकि मूल्यांकन में किसी भी तरह की गड़बड़ी पकड़ में आ सके और समय पर उसमें सुधार किया जा सके।
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छात्रों के लिए ड्रेस कोड
सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में रेगुलर और प्राइवेट दो तरह के विद्यार्थी शामिल होते हैं। रेगुलर वे होते हैं जो किसी स्कूल में दाखिला लेकर निरंतर कक्षाएं करते हैं। जबकि प्राइवेट विद्यार्थी किसी स्कूल के जरिए फॉर्म भरकर सीधे बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं।
लाइव स्ट्रीमिंग में स्कूलों द्वारा सवाल किया गया कि रेगुलर विद्यार्थियों के लिए स्कूल ड्रेस में परीक्षा में शामिल होना जरूरी है, लेकिन क्या प्राइवेट छात्रों के लिए भी कोई ड्रेस कोड है? इसके जवाब में सीबीएसई ने कहा कि रेगुलर विद्यार्थी हल्के रंग के कपड़े पहनकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
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बता दें कि सीबीएसई कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी 2020 से शुरू हो रही हैं।
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