फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Career Plus ›   what type of Question asked to Kashmiri topper Fazlul Haseeb in UPSC 2017

UPSC 2017: कश्मीरी टॉपर फ़ज़लुल हसीब से कैसे-कैसे सवाल पूछे गए? हैरान रह जाएंगे

Tue, 01 May 2018 03:46 PM IST
Prateek Ranjan बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Published by: Prateek Ranjan Updated Tue, 01 May 2018 03:46 PM IST
विज्ञापन
what type of Question asked to Kashmiri topper Fazlul Haseeb in UPSC 2017
जम्मू-कश्मीर से 15 उम्मीदवारों ने 2017 की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है, जिनमें श्रीनगर के फ़ज़लुल हसीब सबसे ऊपर हैं जिन्हें देशभर की रैंकिंग में 36वां स्थान मिला है। बीते सालों के मुक़ाबले यह संख्या थोड़ी ज़्यादा है। 2016 में कुल 14 उम्मीदवार कामयाब रहे थे। इस साल सफल हुए उम्मीदवारों में जम्मू-कश्मीर की दो युवतियाँ भी हैं।
विज्ञापन


पिछले साल आए परिणामों में राज्य के बिलाल मोहिउद्दीन बट ने देशभर में 10वीं रैंक हासिल की थी, जबकि उससे पहले 2016 में कश्मीरी युवक अतहर आमिर ख़ान दूसरे नंबर पर आए थे। इस बार सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले जम्मू-कश्मीर के पंद्रह उम्मीदवारों में से श्रीनगर के हैदरपुरा के रहने वाले 26 वर्षीय फ़ज़लुल हसीब भी शामिल हैं।
विज्ञापन

किससे मिली प्रेरणा?

what type of Question asked to Kashmiri topper Fazlul Haseeb in UPSC 2017
परीक्षा में हसीब के लिए कामयाबी के झंडे गाड़ना कोई आसान काम नहीं था। वह कहते हैं, "मैं इससे पहले भी दो बार 2015 और 2016 में सिविल सेवा परीक्षा में बैठा था, लेकिन मैं सिर्फ प्रीलिम्स ही पास कर पाया। मैंने हिम्मत नहीं हारी। कभी-कभी तो निराश भी होता था, लेकिन मेरे ज़हन में एक ही बात रहती थी कि मेरे सामने आईएएस जैसा बड़ा लक्ष्य है।"

"इसलिए मैं निराशा से ख़ुद को आसानी से निकाल लेता था। इस बात की भी ये उम्मीद थी कि जो कुछ मैं कर रहा हूं, उसका कुछ न कुछ तो मेहनताना मिलेगा ही।" ये पूछने पर कि आईएएस बनने का ख़याल कहां से आया और उन्हें किनसे प्रेरणा मिली तो वहअपने पिता का नाम लेते हैं।

वह कहते हैं, "आईएएस बनने की प्रेरणा मुझे मेरे पिता से मिली। उन्होंने मेरे सपने को मज़बूती दी। इसके बाद मैं दिल्ली आ गया और तैयारी शुरू कर दी।" हसीब 2014 में दिल्ली आए थे। उन्होंने स्कूली शिक्षा श्रीनगर के बर्न्हाल स्कूल से पूरी की। इसके बाद हसीब ने जम्मू के मियेट कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

हसीब ने वैकल्पिक विषय के रूप में उर्दू को चुना था। उन्होंने बचपन में उर्दू के मुहावरे और लेखकों को पढ़ा था, जो सिविल सेवा की परीक्षा में उनके काम आए। हसीब कहते हैं, "मैंने ऐसा कुछ नहीं सोचा है कि मैं जिस कुर्सी पर बैठूंगा, उससे कोई इंकलाब ला दूंगा।" हालाँकि, वह उम्मीद करते हैं कि वह अपना काम पूरी ईमानदारी से करेंगे और दूसरे ईमानदार लोगों का उन्हें साथ मिलेगा।

हसीब का मानना है कि शिक्षा एक बुनियादी ज़रूरत है जो समाज के विकास के लिए ज़रूरी है। बीबीसी से उन्होंने कहा, "मैं ये नहीं कहता कि शिक्षा से सारे मसले हल हो जाएंगे, पर शिक्षा के ज़रिए समस्याओं का हल ढूंढा जा सकता है। अगर आप दुनिया का इतिहास उठाकर देखें तो ये बात ज़ाहिर हो जाएगी कि शिक्षा विकास के लिए एक ज़रूरी तत्व है।"

वह आगे कहते हैं, "ये एक बहुत ही ज़रूरी बात है। अगर उलझी हुई स्थिति भी हो तो वहां शिक्षा पर ध्यान देना ज़रूरी होता है। शिक्षा का कोई मुक़ाबला नहीं है। बच्चों को चाहिए कि वह हर हाल में शिक्षा हासिल करें। अगर वह शिक्षित नहीं होते हैं तो इसका मतलब है कि उनका भविष्य अंधेरे में होगा।"

सिविल सेवा परीक्षा में हसीब का इंटरव्यू 35 मिनट तक चला था। उनसे इंटरव्यू के दौरान ये सवाल पूछे गए थेः

what type of Question asked to Kashmiri topper Fazlul Haseeb in UPSC 2017

 
विज्ञापन

तैयारी कैसे करें?

what type of Question asked to Kashmiri topper Fazlul Haseeb in UPSC 2017
हसीब ने बताया कि इन सवालों के अलावा इंटरव्यू में उनसे ज़्यादातर सवाल करेंट अफेयर्स से थे। कश्मीर के वे बच्चे, जो सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं, हसीब ने सलाह दी है कि सबसे पहले उन्हें यह समझना होगा कि परीक्षा की तैयारी होती क्या है और उसकी पढ़ाई कैसे की जाती है।

उन्हें यह तय करना होगा कि उन्हें क्या पढ़ना चाहिए और बाहरी दुनिया से उन्होंने ख़ुद को कैसे जोड़ रखा है। उन्होंने यह भी सलाद दी है कि तैयारी करने वाले छात्र उनसे ज़्यादा बात करें जिन्होंने यह परीक्षा पास कर ली है। साथ ही साथ सकारात्मक सोच न सिर्फ परीक्षा में सफलता दिलाएगी बल्कि ज़िंदगी की दौड़ में भी आगे रखने में मदद करेगी।

हसीब अपने परिवार वालों को धन्यवाद कहा है जिन्होंने उनका हर पल हौसला बढ़ाया। जम्मू-कश्मीर से जिन दूसरे उम्मीदवारों ने सिविल सेवा परीक्षा में कामयाबी हासिल की है, उनमें राहुल भट्ट (68), अभिषेक शर्मा (69), अक्षय लबरो (104), सईद इमरान मसूदी (198), श्लेष जैन (259), निबात ख़ालिक़ (378), सुदर्शन भट्ट (434), हरिस रशीद (487), आमिर बशीर (843), अतुल चौधरी (896), शशांक भारद्वाज (907), मोहम्मद फ़ारूक़ चौधरी (939), शीतल अंग्राल (945) और विवेक भगत (967) शामिल हैं। बीते कुछ सालों में जम्मू-कश्मीर से ऐसे युवा आए हैं, जिन्होंने सिविल सेवा जैसी मुश्किल परीक्षा में कामयाबी हासिल की है। सिविल सेवा परीक्षा 2009 में कश्मीर के शाह फ़ैसल ने पूरे भारत में पहला स्थान प्राप्त किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed