SAFALTA Talks Master Class : युवावस्था में स्टार्टअप शुरू करना होता है फायदेमंद : भारतेश छिब्बर
Master Class Topic : The Joys & Challenges of a Digital Startup, Guest : Bhartesh Chhibba
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सफलता.कॉम द्वारा द ज्वॉयस एंड चैलेंजेस ऑफ ए डिजिटल स्टार्टअप विषय पर आयोजित किये गए मास्टर क्लास सेशन में वेलनेसकोच.लाइव के को-फाउंडर भारतेश छिब्बर ने कहा कि उनके दौर में परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर बनाना चाहते थे। उस समय डिजिटल की शुरूआत न के बराबर थी। मैं 1994 की बात कर रहा हूं। मैंने एमसीए किया। जिसके बाद कम्प्यूटर में मेरी रुचि बढ़ी। उस समय लोग विदेशों में जॉब करने जा रहे थे तो सिस्को में जॉब के लिए मैं यूएस चला गया। उसके बाद 2004 में जब मैं भारत वापस आया तो यहां आईटी सेक्टर बहुत बूम पर था। इसके बाद मैंने एक के बाद एक 4 कंपनियां शुरू की। जिनमें मैं टियर-2 टियर 3 सिटीज के युवाओं को साथ लेकर आया।
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क्रेजी हैं, रिस्क ले सकते हैं, वर्क लाइफ को बैलेंस कर सकते हैं तो स्टार्टअप करें
उन्होंने कहा कि डिजिटल मार्केटिंग एक बहुत बड़ा फील्ड है। अगर आप डिजिटल स्टार्टअप की सोच रहे हैं तो आप अपने आपको कैसे स्थापित करेंगे। ये बड़ा सवाल है इसके लिए आपको बहुत जुनूनी होना पड़ेगा और स्टार्टअप सिस्टम कोई शॉर्ट टर्म कोर्स नही है इसके लिए आपको लंबे समय तक टिकना पड़ता है। अगर आप रिस्क ले सकते हैं, अगर आप वर्क लाइफ को बैलेंस कर सकते हैं। अपने स्टार्टअप को लेकर आप क्रेजी हैं तभी आपको स्टार्टअप में आगे बढ़ना चाहिए। क्योंकि हर स्टार्टअप आपसे टाइम, मनी, अटेंशन चाहता है। साथ ही स्टार्टअप के समय आपको एक सपोर्ट सिस्टम जरूर होना चाहिए। जैसे मैंने जब स्टार्टअप शुरू किये तो मेरी पत्नी और माता पिता मेरा सपोर्ट सिस्टम बने। मुझे खाने और रहने की कोई दिक्कत नहीं हुई।
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युवावस्था में स्टार्टअप शुरू करना होता है फायदेमंद
स्टार्टअप शुरू करने के लिए उन्होंने कहा कि युवावस्था स्टार्टअप शुरू करने का सबसे अच्छा समय होता है। आप जितना जल्दी स्टार्टअप शुरू कर लेंगे आप रिस्क ज्यादा ले सकते हैं। इस समय आप अगर बेहतर फैसले लेते हैं तो कुछ ही समय में काफी उंचाइयों पर पहुंच सकते हैं। दूसरा आजकल डिजिटल स्टार्टअप शुरू करना बहुत आसान भी है। तीसरा युवावस्था में डिजिटल स्टार्टअप शुरू करने के बाद पत्नी बच्चे की टेंशन नहीं होती आप स्वतंत्र होते हैं फैसले लेने के लिए। आपकी अपनी लाइफ और टाइम होता है। आप उर्जावान होते हैं जिसका आप स्टार्टअप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
स्टार्टअप शुरू करने से पहले बनाएं टीम
स्टार्टअप शुरू करने के लिए आप के पास एक टीम का होना बहुत जरूरी है। क्योंकि जब आप स्टार्टअप शुरू करते हैं तो आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग, सेल्स, टेक्नोलॉजी, डिजाइन, परफॉर्मेंस मार्केटिंग जैसे फील्ड के लिए अलग अलग लोगों की जरूरत होगी। जो लोग आपकी तरह सोचते हैं उन्हें आप साथ लेकर आयें और बैलेंस टीम बनाएं। स्टार्टअप और कॉरपोरेट वर्क कल्चर पर उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट एक शेर की तरह है एकदम स्थायित्व से भरा, मजबूत। वहीं स्टार्टअप एक चीता की तरह है। वो बहुत फास्ट है यहां तेजी से काम होता है। ये बदलाव को बहुत तेजी से लेकर आते हैं।
कॉरपोरेट में ग्रोथ धीरे और स्टार्टअप में तेज होती है
वहीं कॉरपोरेट में आप प्रोसेस के बारे में सीखते हैं। डॉक्यूमेंटेशन कैसे करें, चेंज इसमें देर से आते हैं। क्योंकि जो भी चेंज आप लेकर आएंगे। वो बहुत ज्यादा लोगों को प्रभावित करेगा। जैसे एक बैंक अगर अपने एप या बैंकिंग सिस्टम में कोई बदलाव लाना चाहता है तो वो हर कस्टमर के बारे में सोचेगा। क्योंकि हरेक कस्टमर बैंक से जुड़ा हुआ है और बदलाव आने पर वह सीधे तौर पर प्रभावित होगा। दूसरा अगर आप नई चीजों के बारे में सीखना चाहते हैं तो स्टार्टअप बेस्ट तरीका है। वहीं अगर आप ये सोचते हैं कि मुझे धीरे धीरे जॉब में ग्रोथ पानी है। धीरे धीरे अपनी जिंदगी में बदलाव लाना है।
स्टार्टअप में नौकरी मिलने पर मौका न छोड़ें युवा
स्टार्टअप में युवाओं की जॉब पर भारतेश ने कहा कि युवाओं को अगर स्टार्टअप में जॉब मिलती है तो जरूर ज्वाइन करना चाहिए। उसके दो फायदे होंगे उसमें आपको एक तो स्थाई जॉब मिल जाएगी। दूसरा आपको लर्निंग काफी मिलेगी। भारतेश ने कहा कि मेरे साथ के कुछ युवाओं ने अपनी कंपनियां तब शुरू कर पाईं जब उन्होंने कई कंपनियों, स्टार्टअप्स में काम होते देख लिया था। सेल्स कैसे होती, मार्केटिंग कैसे होती है, कैसी चुनौतियां आती हैं जैसी आप पूरी प्रक्रिया समझ लेते हैं। तब आप अगर अपना स्टार्टअप शुरू करेंगे तो आप बहुत अच्छी तरह से स्टार्टअप चला पाएंगे।
स्टार्टअप की जर्नी में हर रोज नया चैलेंज होता है
इसका एक फायदा ये है अगर आप स्टार्टअप में काम करते रहते हैं तो स्टार्टअप के साथ आप खुद भी ग्रो होंगे। जैसे इंफोसिस कंपनी में काम करते करते जब उसके शेयर बढ़े तब वहां का चपरासी भी बड़ा आदमी बन गया था। स्टार्टअप की जर्नी में हर रोज एक नया चैलेंज होता है, और आप जब चैलेंज को सॉल्व करते हैं। तब आपका हर मूमेंट एन्ज्वायफुल होता है। स्टार्टअप में जो दो चीजें आपको बहुत अच्छी लगेंगी उनमें पहली चीज होगी कि आप मार्केट में ये प्रोडक्ट लेकर आये हैं, ये सर्विस आप लोगों को दे रहे हैं जब आप इसे लोगों से शेयर करेंगे। तो आपको बहुत खुशी मिलेगी।
स्टार्टअप को एक बच्चे की तरह पालना पड़ता है
क्योंकि जैसे आपके घर कोई बच्चा पैदा हुआ उसकी देखरेख और ग्रोइंग में जैसे आप साथ रहते हैं। उसका लालन पालन करते हैं वैसे ही आपको एक स्टार्टअप को पालना पड़ता है। वो सबसे बड़ा ज्वॉय़ होता है। इसके अलावा सबसे बड़ा ज्वॉय जो होता है वो है जब आपको किसी कंपनी द्वारा पहला चेक मिलता है। क्योंकि आप जो भी सर्विस दे रहे हैं या जो भी काम कर रहे हैं उसकी लोगों को जरूरत है तभी पता चलेगा जब कोई आपकी सर्विस लेगा और उसके बाद आपको पे करेगा। उस कंपनी या व्यक्ति का आपको सर्विस के लिए पे करना ये बताता है कि लोगों को आपकी सर्विस की जरूरत है।
काम का प्रक्टिकल एक्सपीरिएंस होना जरूरी
इंडस्ट्री रेडीनेस पर उन्होंने कहा कि डिजिटल मार्केटिंग में कम्प्टीशन आज के समय में बहुत आ गया है लेकिन इसके साथ साथ अपॉरचुनिटीज भी निकली है। आज से 20 साल पहले डिजिटल मार्केटिंग जैसी चीज नहीं थी। लोग प्रिंट, रेडियो व टीवी के जरिये अपना एड किया करते थे। आजकल आपके पास फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, यूट्यूब और लिंक्डइन, पिनट्रेस्ट जैसे सैकड़ों प्लेटफॉर्म हैं। तो आज कल मार्केटिंग में कम्प्टीशन और ऑप्शन दोनों एक साथ बढ़ रहे हैं। आजकल जब स्टार्टअप कंपनियां लोगों को हायर करती हैं तब वह युवाओं के अंदर जो खूबियां देखती हैं उनमें एक तो ये कि जो उन्होंने काम करना है उसमें कितना प्रक्टिकल एक्सपीरिएंस है।
अगर कंपनी 100 रुपये दे तो आप 300 का काम करें
दूसरा ये अगर किसी युवा ने अपना स्टार्टअप पहले शुरू कर रखा है और अब जॉब की तलाश में है तो स्टार्टअप कंपनी सोचती है कि ये बंदा तो बेस्ट है इसने अपना काम कर रखा है। इसको आधी प्रॉब्लम तो ये पता ही हैं कि स्टार्टअप में क्या क्या चुनौतियां आती हैं। डिजिटल मार्केटिंग में टारगेट ऑडियंस को लेकर कई तरह की चुनौतियां आती हैं। जैसे हमें जब एचआर को रीच करना था तब हमने लिंक्डइन का इस्तेमाल किया लेकिन वो हमें बहुत महंगा पड़ा। फिर हमें एक कैलरी डॉट एआई मिला। उनके साथ काम करने पर हमें लिंक्डइन जैसा ही रिजल्ट मिला और उनकी कॉस्ट भी कम है। आप ये देखें जिस क्षेत्र में आप काम करने जा रहे हैं तो उसमें आप देखें कि कंपनी को क्या परेशानी आ रही हैं और उसमें आप कैसे सॉल्व कर सकते हैं। अगर कंपनी आपको 100 रुपये देती है तो आप 300 रुपये का काम करें। तो कंपनी आपको कभी नहीं छोड़ेगी। आप अगर स्टार्टअप में काम करने जा रहे हैं तो आपको स्ट्रेस आप कितना ले सकते हैं ये बहुत महत्वपूर्ण है।
सफलता के साथ बनाएं अपना कॅरिअर
देश की जानी - मानी ऐडटेक कंपनी सफलता ने युवाओं की मदद के लिए कई प्रोफेशनल और स्किल ओरिएंटेड शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कोर्सेज की शुरुआत की है जहां से आप घर बैठे खुद को एक किसी फील्ड का प्रोफेशनल बना सकते हैं। यहां डिजिटल मार्केटिंग के अलावा भी कई कोर्स मौजूद हैं। इतना ही नहीं सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी सफलता पर लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोर्सेज हैं। यहां से पढ़कर सैकड़ों युवाओं ने सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में शानदार नौकरियां हासिल की हैं, तो फिर देर किस बात की आज ही सफलता से जुड़ें और अपना शानदार कॅरिअर बनाएं। आप अपने फोन में Safalta App डाउनलोड करके भी इन कोर्सेज से जुड़ सकते हैं।
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