{"_id":"6688e710e283d3ef0e058489","slug":"safalta-talks-marketing-has-now-entered-people-s-homes-we-have-moved-from-think-360-to-digital-360-aman-2024-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Safalta Talks : मार्केटिंग अब लोगों के घरों में घुस गया है, हम थिंक 360 से डिजिटल 360 में आ गए हैं : अमन","category":{"title":"Career Plus","title_hn":"करियर प्लस","slug":"career-plus"}}
Safalta Talks : मार्केटिंग अब लोगों के घरों में घुस गया है, हम थिंक 360 से डिजिटल 360 में आ गए हैं : अमन
Sat, 06 Jul 2024 12:11 PM IST
Pushpendra Mishra
Media Solution Initiative
Media Solution Initiative
Published by: Pushpendra Mishra
Updated Sat, 06 Jul 2024 12:11 PM IST
सार
विषय : डिजिटल मार्केटिंग में उभरते ट्रेंड्स और भविष्य के अवसर
अतिथि वक्ता : अमन जोशी, डिजिटल मार्केटिंग प्रमुख, शेमारू इंटरटेंनमेंट
विज्ञापन
सफलता क्लास मास्टर क्लास Emerging trends and future opportunities in digital marketing
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सफलता.कॉम द्वारा डिजिटल मार्केटिंग में उभरते ट्रेंड्स और भविष्य के अवसर विषय पर आयोजित सफलता टाक मास्टर क्लास सेशन में शेमारू इंटरटेंनमेंट के डिजिटल मार्केटिंग प्रमुख अमन जोशी ने कहा सन् 2000 के बाद शुरूआती सालों में डिजिटल मार्केटिंग जैसा विषय नहीं था। मैं शुरूआत में वेब एप्लीकेशंस पर काम करता था। 2-3 साल तक जब मैंने वेब एप्लीकेशंस पर काम कर लिया तो देखा कि कंज्यूमर जो हैं वो बढ़ते जा रहे हैं। यानि इंटरनेट पर लोग लगातार बढ़ते जा रहे थे। उसी समय मुझे ये लग गया था कि भारत में आने वाले वर्षों में एक डिजिटल रिवोल्यूशन आने वाला है। उस समय इस तरह की कई रिपोर्ट्स भी सामने आयीं। मैंने उसी समय फैसला किया कि मैं मार्केटिंग हेड न बनकर डिजिटल मार्केटिंग हेड बनूंगा। 2010-11 में जब मैंने अपनी डिजिटल जर्नी शुरू की तो उस समय बहुत कम लोग इस सेक्टर में काम कर रहे थे। आने वाले महीनों में मैंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की एल्गोरिद्म को समझा। डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के काम करने के तरीके सीखे।
दो दशक पहले की बात करें तो मार्केटिंग का तरीका, टीवी, बिलबोर्ड्स, रेडियो, प्रिंट्स से होता था। लोगों का तरीका था कि जैसे ही कोई घर से बाहर निकले तो उसे बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स आदि दिख जाएंगे। लेकिन अब मार्केटिंग लोगों के घर के अंदर घुस गया है। आजकल लोग सुबह उठकर सबसे पहले मोबाइल चेक करते हैं। जिससे मोबाइल मार्केटिंग, वेबसाइट मार्केटिंग, इंटरनेट मार्केटिंग सबसे ज्यादा होने लगी है। एक सर्वे के अनुसार एक दिन में 180 अपना मोबाइल देखते हैं। डिजिटल मार्केटिंग की बात करें तो 1990 के बाद इंटरनेट मार्केटिंग की शुरूआत हुई। इसकी शिक्षा 2010-12 में इसकी शुरूआत हुई। उस समय लोग थिंक 360 मार्केटिंग पर बात करते थे। आज डिजिटल 360 पर काम करते हैं।
विज्ञापन
अगर आप डिजिटल मार्केटिंग कर रहे हैं तो मार्केटिंग का काम तब बहुत सरल हो जाता है जब आप ग्राहकों की रुचि समझ लेते हैं। अपने प्रोडक्ट में उनका इंटरेस्ट जगा लेते हैं। उनके अंदर एक इच्छा पैदा करिये कि मुझे ये प्रोडक्ट खरीदना है और अंतत: ग्राहक प्रतिक्रिया में आपका प्रोडक्ट खरीद ले। इसे AIDA कॉसेप्ट कहते हैं।
विज्ञापन
दो दशकों में पूरी तरह बदल गया मार्केटिंग
दो दशक पहले की बात करें तो मार्केटिंग का तरीका, टीवी, बिलबोर्ड्स, रेडियो, प्रिंट्स से होता था। लोगों का तरीका था कि जैसे ही कोई घर से बाहर निकले तो उसे बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स आदि दिख जाएंगे। लेकिन अब मार्केटिंग लोगों के घर के अंदर घुस गया है। आजकल लोग सुबह उठकर सबसे पहले मोबाइल चेक करते हैं। जिससे मोबाइल मार्केटिंग, वेबसाइट मार्केटिंग, इंटरनेट मार्केटिंग सबसे ज्यादा होने लगी है। एक सर्वे के अनुसार एक दिन में 180 अपना मोबाइल देखते हैं। डिजिटल मार्केटिंग की बात करें तो 1990 के बाद इंटरनेट मार्केटिंग की शुरूआत हुई। इसकी शिक्षा 2010-12 में इसकी शुरूआत हुई। उस समय लोग थिंक 360 मार्केटिंग पर बात करते थे। आज डिजिटल 360 पर काम करते हैं।
विज्ञापन
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का है दौर
आज ज्यादा से ज्यादा देश अपने आपको डिजिटली ट्रांसफॉर्म कर रहे हैं। एक छोटे से उदाहरण से आप समझें। पहले कस्टमर केयर से आपको फोन आते थे आपकी बात उधर बैठे इंसान से होती थी। लेकिन आज आप किसी समस्या को लेकर जब फोन लगाते हैं तो आपकी बात आईवीआर से होती है। आप कई मिनट तक सिर्फ आईवीआर से बात करते हैं और कई बार आप झुंझला भी जाते हैं कि मुझे इंसान से बात करनी थी। लेकिन कई बार सिर्फ आईवीआर से ही आपको आपकी समस्या का निदान मिल जाता है। डिजिटल से एक चीज जो आसान हुई है वो है आपकी पहुंच का बढ़ना। डिजिटल से आप ज्यादा कंपनी तक कम समय और कम पैसे में पहुंच पाए हैं। अब कंपनियों की वेबसाइट्स पर चैटबोट आपसे बात करते हैं। आप प्रांप्ट दबाते हैं वहीं से आपकी सारी समस्याएं सुलझ जाती हैं। आप घर बैठे अब ऑनलाइन खाना, कपड़े, दवाई ऑर्डर कर सकते हैं। चैट जीपीटी लोगों के सवालों के जवाब दे रहा है। मेटा का एआई प्लेटफॉर्म लांच हुआ है। जो अब व्हाट्सएप पर भी आ गया है। एआई और एमएल ने चीजों को काफी हद तक बदल दिया है। मेटावर्स में हमारे अवतार एक दूसरे से बैठकर बात करेंगे। जिसमें मीटिंग्स होंगी जो पूरी तरह इंटरनेट पर होंगी। आईओटी, ऑग्मेंटेड रियलियलिटी, ऑटोमेटिक कार, ब्लॉकचैन आदि। हर क्षेत्र में टारगेटिंग भी बदल रही है।
विज्ञापन
कमेंट
कमेंट X