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स्कूलों का रिजर्व फंड समाप्त, अभिभावकों को लगेगा फीस बढ़ोत्तरी का दोहरा झटका

Wed, 25 Oct 2017 12:04 PM IST
amarujala.com- presented by: देव कश्यप
amarujala.com- presented by: देव कश्यप Updated Wed, 25 Oct 2017 12:04 PM IST
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parents feel trouble on fees increases after school reserve fund finish

निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों को अगले सत्र से बढ़ी फीस का एक और झटका लग सकता है। दरअसल, बीते दो वर्षों में दिल्ली सरकार ने स्कूलों को फीस बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी जिसके कारण अधिकतर स्कूलों का रिजर्व फंड समाप्त हो चुका है।

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ऐसे में स्कूल मान कर चल रहे हैं फीस बढ़ना तय है, क्योंकि उन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन देना होगा। वहीं, शिक्षा निदेशालय ने वेतन का बकाया देने के लिए 7.5 से 15 फीसदी तक फीस वृद्धि कर 24 महीने का एरियर देने को कहा है।
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अभिभावकों पर फीस बढ़ोतरी का यह दोहरा झटका होगा। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन का कहना है कि यह बढ़ोतरी 25-30 फीसदी तक की होगी। उल्लेखनीय है कि बीते सप्ताह ही दिल्ली सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने का आदेश दिया है।
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शिक्षा निदेशालय ने वेतन का बकाया देने के लिए 7.5 से 15 फीसदी तक फीस वृद्धि कर 24 महीने का एरियर देने को कहा है। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.सी जैन का कहना है कि इससे स्कूलों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पहले तो एरियर के रूप में छह से दस हजार प्रति बच्चे स्कूलों को अभिभावकों से लेना कठिन होगा।

वहीं, दूसरी ओर शिक्षा सत्र 2018-19 से स्कूलों की फीस में कम से कम 25 से 30 फीसदी तक की वृद्धि तय है। वेतन देने व अन्य खर्चों के लिए यह फीस बढ़ानी पड़ेगी। चूंकि फीस बढ़ाने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी है लिहाजा इसके लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।  

पहले ही पब्लिक स्कूलों का एक बड़ा हिस्सा छठे वेतन आयोग के समय हाईकोर्ट द्वारा गठित अनिल देव सिंह कमेटी के गलत तरीके से फीस वापसी के आदेश से ही जूझ रहा है। स्कूलों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ऐसे में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने का आदेश स्कूलों के सामने बड़ी समस्या लेकर आया है।


उन्होंने मांग की है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करते समय स्कूलों का पांच श्रेणी में वर्गीकरण कर दिया गया था तो फिर वेतन भी फीस के अनुसार ही होना चाहिए ना कि वेतन के अनुसार फीस तय की जाए। उन्होंने कहा कि प्रभात फेरी निकालकर और  हैंडबिल बांटकर जनता को जागरूक किया जाएगा। 

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