फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Career Plus ›   companies recruits us graduates rather then indian college students

जानिए किन ग्रेजुएट्स को पसंद कर रही हैं कंपनियां

Wed, 08 Oct 2014 12:31 PM IST
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 08 Oct 2014 12:31 PM IST
विज्ञापन
companies recruits us graduates rather then indian college students
देश से विदेश तक विभिन्न कंपनियों की पहली पसंद यूएसए के स्नातक छात्र बन रहे हैं। कंपनियों का मानना है कि विदेशी विवि से स्नातक छात्रों के पास बेहतर तकनीकी कौशल होता है। महज 51 फीसदी कंपनियां सिर्फ शीर्ष 20 भारतीय शिक्षण संस्थानों से नियुक्तियां करती हैं और इनमें से भी करीब एक चौथाई कंपनियां ऐसी हैं, जो सिर्फ शीर्ष 10 संस्थानों में किसी भी विभाग से नियुक्तियां करती हैं। ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय संगठन द ब्रिटिश काउंसिल की इंडिया एंप्लॉयबिलिटी सर्वे 2014 से यह तथ्य सामने आया है।
विज्ञापन


इस सर्वे के जरिए यह पता लगाया कि अगले 3 से 5 साल के दौरान भारतीय उद्योगों को किस तरह के प्रतिभाशाली कर्मचारियों की जरूरत होगी। इस शोध में विभिन्न 200 विदेशी और भारतीय कंपनियों को शामिल किया गया। सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाली करीब 41.6 फीसदी कंपनियों ने माना कि अमेरिकी विश्वविद्यालय उनकी पहली या दूसरी पसंद होते हैं, जबकि 25.8 फीसदी कंपनियों के लिए ब्रिटेन के विश्वविद्यालय पहली पसंद बनते हैं। वहीं, 6.9 फीसदी के साथ जर्मनी तीसरे स्थान पर है।
विज्ञापन


सर्वे में पाया गया है कि भारतीय डिग्री धारक ‘सॉफ्ट’ कौशल में ज्यादा निपुण होते हैं। समूहों में काम करना और उनका बातचीत कौशल अच्छा होता है। कड़ी मेहनत करने की क्षमता भी ज्यादा है। हालांकि लगभग सभी प्रमुख कौशल में अमेरिका सबसे आगे है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्वे की प्रमुख बातें

1. विदेशी स्नातकों की नियुक्ति करने वाली कंपनियों में 60 फीसदी से ज्यादा कंपनियां शीर्ष 50 वैश्विक विश्वविद्यालय के छात्रों को नौकरी देती हैं।
2. लगभग 41 फीसदी कंपनियों ने बीते दो साल के दौरान कम से कम एक विदेशी स्नातक की नियुक्ति की है।
3. कंपनियों ने माना है कि महज 14 फीसदी विदेशी स्नातकों को ही गहन प्रशिक्षण की जरूरत होती है।
निदेशक का कहना
ब्रिटिश काउंसिल इंडिया के निदेशक रॉब लाइंस ने कहा कि इस सर्वे से विश्वविद्यालय को भारतीय छात्रों को बेहतर ढंग से तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने आशा जताई कि इस सर्वे से छात्रों को भी फायदा होगा, क्योंकि वे अपनी शिक्षा को लेकर अब ज्यादा सोच-समझकर फैसले कर सकेंगे।
आईएमए इंडिया के साथ ब्रिटिश काउंसिल ने 200 कंपनियों में किया सर्वे
विदेशी विश्वविद्यालय से पास स्नातकों के पास बेहतर तकनीकी कौशल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed