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बॉलीवुड राइटर बनना है तो जानिए बॉलीवुड की पूरी कहानी
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Fri, 04 Mar 2016 11:19 AM IST
सार
- हिंदी सिनेमा का इतिहास जानना होगा
- कंटेंट राइटिंग में भी अच्छा स्कोप
- समीक्षक भी बन सकते हैं
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बॉलीवुड
- फोटो : bhansali films
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विस्तार
बॉलीवुड की पहली नायिका
क्या आप जानते हैं कि भारतीय सिनेमा जगत की पहली फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ नायिका यानी रानी तारामती का किरदार रेस्टोरेंट में बावर्ची के रूप में काम करने वाले व्यक्ति अन्ना सालुंके निभाया था।
पहली फिल्म की लागत
‘राजा हरिश्चंद्र’ की लागत पंद्रह हजार रुपए थी। हालांकि ये उस समय की एक बड़ी रकम थी लेकिन दादा फाल्के ने हिम्मत दिखाई और उनकी पत्नी ने भी उनका बहुत साथ दिया।
फिल्म में काम करने वाले पांच सौ लोगों के लिए दादा फाल्के की पत्नी खुद खाना बनाती थी और फिल्म में पहने गए कपड़े भी खुद धोती थी।
पहली फिल्म की लंबाई
पहली फिल्म की लंबाई महज चालीस मिनट थी। इसका प्रीमियर लंदन के ओलंपिया थियेटर में 21 अप्रैल 1913 को हुआ जबकि यह फिल्म तीन मई 1913 में मुंबई के कोरनेशन सिनेमा में दिखाई गई।
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पहली महिला हीरोइन
कमला गोखले और मां दुर्गा गोखले मोहिनी भस्मासुर में पहली महिला नायिकाएं थी। इससे पहले लड़के ही हीरोइन का रोल निभाती थी।
पहला डबल रोल
दादा फाल्के की फिल्म ‘लंका दहन’ पहली फिल्म थी जिसमें किसी कलाकार ने दोहरी भूमिका निभाई थी। अन्ना सांलुके ने इस फिल्म में राम और सीता का किरदार निभाया था। इसी फिल्म ने 23 सप्ताह तक लगातार चलकर पहली सुपरहिट फिल्म बनने का गौरव हासिल किया।
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क्या आप जानते हैं कि भारतीय सिनेमा जगत की पहली फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ नायिका यानी रानी तारामती का किरदार रेस्टोरेंट में बावर्ची के रूप में काम करने वाले व्यक्ति अन्ना सालुंके निभाया था।
पहली फिल्म की लागत
‘राजा हरिश्चंद्र’ की लागत पंद्रह हजार रुपए थी। हालांकि ये उस समय की एक बड़ी रकम थी लेकिन दादा फाल्के ने हिम्मत दिखाई और उनकी पत्नी ने भी उनका बहुत साथ दिया।
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फिल्म में काम करने वाले पांच सौ लोगों के लिए दादा फाल्के की पत्नी खुद खाना बनाती थी और फिल्म में पहने गए कपड़े भी खुद धोती थी।
पहली फिल्म की लंबाई
पहली फिल्म की लंबाई महज चालीस मिनट थी। इसका प्रीमियर लंदन के ओलंपिया थियेटर में 21 अप्रैल 1913 को हुआ जबकि यह फिल्म तीन मई 1913 में मुंबई के कोरनेशन सिनेमा में दिखाई गई।
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पहली महिला हीरोइन
कमला गोखले और मां दुर्गा गोखले मोहिनी भस्मासुर में पहली महिला नायिकाएं थी। इससे पहले लड़के ही हीरोइन का रोल निभाती थी।
पहला डबल रोल
दादा फाल्के की फिल्म ‘लंका दहन’ पहली फिल्म थी जिसमें किसी कलाकार ने दोहरी भूमिका निभाई थी। अन्ना सांलुके ने इस फिल्म में राम और सीता का किरदार निभाया था। इसी फिल्म ने 23 सप्ताह तक लगातार चलकर पहली सुपरहिट फिल्म बनने का गौरव हासिल किया।
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