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सीखें विदेशी भाषा, इनमें है रोजगार की अपार संभावनाएं

Sat, 02 Nov 2019 12:02 PM IST
Jaya Tripathi एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Jaya Tripathi Updated Sat, 02 Nov 2019 12:02 PM IST
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Career and scope in foreign language, Know eligibility, courses and colleges for this job

दुनिया संभावनाओं से भरी है। लेकिन आज भी ज्यादातर छात्र डॉक्टर, इंजीनियर बनने या फिर मैनेजमेंट एवं आईटी जैसे सेक्टरों में नौकरियों को प्राथमिकता देते हैं, जहां नौकरियों के अवसर कम हैं या फिर वेतन उतना नहीं है, जितनी हम उम्मीद करते हैं। ऐसे में विदेशी भाषाओं की जानकारी विभिन्न क्षेत्रों में जॉब के ढेरों अवसर देती है। फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, अरेबिक, कोरियन, जापानी, चाइनीज, इटैलियन, रशियन और पर्सियन जैसी विदेशी भाषाओं से केवल जॉब के अवसर पैदा हुए हैं, बल्कि ये विस्तृत वैश्विक समाज को जानने का भी जरिया बनी हैं।

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कई हैं फायदे :
भाषा से व्याकरण और उच्चारण तो सीखते हैं, बल्कि आप उस दुनिया के हर हिस्से के इतिहास और संस्कृति से भी रूबरू होते हैं, जिस हिस्से की वह भाषा है। एक भाषा सीख कर आप रोजगार और अकादमिक अवसरों में दूसरों पर बढ़त बना सकते हैं। एक शोध से यह भी पता चलता है कि स्कूल के स्तर पर ही मातृभाषा के साथ-साथ किसी विदेशी भाषा को सीखने वाले छोटे बच्चे अपनी मातृभाषा और विचारों की स्पष्टता की बेहतर समझ रखते हैं। वे उन लोगों की तुलना में अपने ग्रेड में उल्लेखनीय सुधार दिखाते हैं, जो दूसरी भाषा का अध्ययन नहीं करते। इसलिए एक नई भाषा सीखने से जीवन कौशल भी बढ़ जाता है और वह आपके दृष्टिकोण को विस्तृत कर उसमें शिक्षा मूल्यों को भी पिरोती है।
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                 ग्लोबलाइजेशन और खुली अर्थव्यवस्थाओं के इस दौर में मेक इन इंडिया से मल्टीनेशनल कंपनियां अपने ट्रेड के लिए विभिन्न देशों में अपने ऑफिस और कारखाने स्थापित कर रही हैं। बहुत सी ऐसी कंपनियां हैं, जो अंग्रेजी की अपेक्षा अपनी भाषा में ही कार्य करने को प्राथमिकता देती हैं। ऐसी कंपनियों के अधिकारियों को भारतीय समकक्षों के साथ बात करने में भाषा संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उस देश की भाषा और भारतीय भाषाओं के जानकार ही संप्रेषण की इस खाई को पाटते हैं। लिहाजा ऐसे जानकारों के लिए जॉब की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।

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योग्यताएं :
किसी भाषा को सीखने के लिए कोई विशेष शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है। आप स्कूली शिक्षा के दौरान भी कोई एक विशेष देशी या विदेशी भाषा एक विषय के रूप में पढ़ सकते हैं। 12वीं के बाद आप भाषा विशेष में विशेषज्ञता हासिल भी कर सकते हैं अथवा आप विभिन्न विश्वविद्यालयों से पार्ट टाइम या फुल टाइम सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं और इसके बाद परफेक्शन के लिए एडवांस्ड लेवल की शिक्षा ल सकते हैं।

जरूरी स्किल:
•  जिस भाषा को आप सीखना चाहते हैं, उसके प्रति रुचि होनी चाहिए।
•  भाषा विशेष को सुन कर एक बार में ही आत्मसात करने की योग्यता।
•  भाषा को उसके संदर्भ में समझ सकने की सामर्थ्य।
•  प्रेजेंस ऑफ माइंड यानी बुद्धि तत्परता का गुण अनिवार्य है।
•  वर्बल एबिलिटी यानी मौखिक क्षमता भी जरूरी है।
•  भाषा को अभिव्यक्त करने का सही सलीका।

प्रमुख संस्थान :
- जवाहर लाल यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
बेवसाइट : www.jnu.ac.in
- बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी
बेवसाइट : www.bhu.ac.in
- इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी
बेवसाइट : www.ignou.ac.in
- लैग्मा स्कूल ऑफ लैंग्वेजिज, दिल्ली
बेवसाइट : www.langmainternational.com 

ये भी पढ़ें : दुनिया के टॉप-10 CEO में ये तीन भारतीयों का नाम शामिल, जानें इनकी पढ़ाई  

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