ICAI के विरोध में उतरे CA, शिक्षक व छात्र, परीक्षा नियमों में सुधार की मांग
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देश के विभिन्न राज्यों में सोमवार को स्टूडेंट्स और सीए ICAI के विरोध में प्रोटेस्ट करते नजर आए। बता दें, दिल्ली के आईटीओ स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई), बंगलुरू के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया और जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्रा अपनी मांगे पूरी करने के लिए ये प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्र-छात्राओं की क्या है मांग-
सीए की परीक्षा मई में आयोजित हुई थी। उसी परीक्षा की कॉपियों में जांच के समय हुई गड़बड़ी को लेकर छात्र-छात्राएं धरना कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि कॉपी की दोबारा जांच हो। सूत्रों के मुताबिक जो स्टूडेंट्स प्रदर्शन कर रहे हैं उनका कहना है कि सही उत्तर देने के बाद भी फेल किया गया है। इसका मतलब साफ है कि कॉपियों की ठीक प्रकार से जांच नहीं हुई है।
ANI से बातचीत के दौरान छात्र तरुण चौधरी ने कहा कि हम आईसीएआई द्वारा आयोजित परीक्षाओं के परिणामों के मॉडरेशन के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं छात्र-छात्राओं को बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) में भी अंक नहीं दिए जाते हैं। ये सब सीए विनियमन की धारा 39 के तहत किया जाता है जो आईसीएआई को अधिकार देता है कि वे पासिंग रेशियो को बनाए रखने के लिए अंकों में हेरफेर कर सके।
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क्या है पूरा मामला-
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (ICAI - Institute of Chartered Accountants of India) द्वारा कॉपियों की जांच में गड़बड़ी को लेकर पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा है। सोशल मीडिया पर शिक्षकों और विद्यार्थियों के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA - Chartered Accountants) की परीक्षा में कॉपियों की जांच में होने वाली गड़बड़ियों के बारे में बताया जा रहा है। इन विवादों के बीच अब आईसीएआई ने ओएमआर शीट पर परीक्षा लेने का फैसला किया है।
हाल में जारी एक अधिसूचना के अनुसार, आईसीएआई नवंबर 2019 में होने वाली सीए इंटरमीडिएट व सीए फाउंडेशन लेवल परीक्षाएं ओएमआर शीट पर आयोजित करेगा।
आईसीएआई ने बताया है कि मई 2019 की परीक्षा में 30 अंकों के ऑब्जेक्टिव टाइप सवालों की शुरुआत की गई थी। अब फाइनल कोर्स के लिए पेपर 6A और पेपर 6F की परीक्षा ओएमआर शीट पर ली जाएगी। इसकी जांच भी मशीन द्वारा डिजिटली की जाएगी।
एग्जामिनर्स की भी होगी परीक्षा
आईसीएआई ने अपनी अधिसूचना में कहा है कि कॉपियों की जांच करने वाले एग्जामिनर्स को भी हर तीन साल में एक बार ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी।विवादों के संबंध में संस्थान ने लिखा है कि 'हमें खबर मिली है कि सीए परीक्षाओं की कॉपियों की जांच को लेकर आईसीएआई के खिलाफ सोशल मीडिया पर कई रिपोर्ट व वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। इसलिए संस्थान ने ये नई व्यवस्था शुरू करने का फैसला किया है।'
गौरतलब है कि देशभर में लंबे समय से सीए के शिक्षक और विद्यार्थी ओएमआर शीट पर परीक्षा लेने और इसकी डिजिटल जांच करने की मांग कर रहे थे। अब जाकर उनकी ये मांग पूरी हुई है।
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