BPSC Paper Leak: बीपीएससी पेपर लीक मामले में परीक्षा केंद्र मजिस्ट्रेट हिरासत में, ईओयू ने चार और गिरफ्तार किए
Bpsc Paper Leak: बीडीओ जयवर्धन गुप्ता को वीर कुंवर सिंह कॉलेज में परीक्षा केंद्र मजिस्ट्रेट बनाया गया था। बता दें कि इसी परीक्षा केंद्र से धांधली की सबसे ज्यादा खबर आई थी। मामले में आर्थिक अपराध शाखा की ओर से चार लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
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Bpsc Paper Leak: बिहार लोक सेवा आयोग की 67वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध यूनिट (EOU) ने परीक्षा केंद्र मजिस्ट्रेट को हिरासत में लिया है। उन्हें उनके घर से ही हिरासत में लिया गया है और जांच के लिए पटना ले आया गया है। बीडीओ जयवर्धन गुप्ता को वीर कुंवर सिंह कॉलेज में परीक्षा केंद्र मजिस्ट्रेट बनाया गया था। बता दें कि इसी परीक्षा केंद्र से धांधली की सबसे ज्यादा खबर आई थी। मामले में आर्थिक अपराध शाखा की ओर से चार लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
बीते 8 मई, 2022 को बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा थी। हालांकि, आरा के वीर कुंवर सिंह परीक्षा केंद्र पर पेपर लीक का मामला सामने आ गया। उम्मीदवारों ने केंद्र पर जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया। उम्मीदवारों नो आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र संचालकों ने कुछ परीक्षार्थियों को समय से पहले ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दे दिया था। इन उम्मीदवारों के पास में मोबाइल फोन भी मौजूद थे। परीक्षा का पेपर टेलीग्राम पर भी लीक होने की बात सामने आई है। टेलीग्राम पर वायरल हुए पेपर और बीपीएससी का पेपर समान होने की बात कही जा रही है।
6 लाख के करीब उम्मीदवार हुए थे शामिल
बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से 67वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 8 मई, 2022 को किया गया था। परीक्षा के लिए राज्य के 38 जिलों में कुल 1083 परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की गई थी। इस परीक्षा में बिहार और अन्य कई राज्य से करीब 6 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा दोपहर 12 बजे से हुई लेकिन उम्मीदवारों को निराशा हाथ लगी।
बिहार लोक सेवा आयोग ने पेपर लीक प्रकरण के सामने आने के बाद 67वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर दिया है। पेपर लीक मामले में आयोग की ओर एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी। समिति को 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था। हालांकि, समिति ने महज तीन घंटे में ही अपनी रिपोर्ट सौंप दी और परीक्षा निरस्त करने की सिफारिश कर दी थी।
पेपर लीक मामले पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बयान दिया है। सीएम नीतीश ने पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि परीक्षा के पेपर लीक की सूचना मिली तो तुरंत एक्शन लेते हुए उसे रद्ध किया गया। अभी जांच की जा रही है कि पेपर कहां से लीक हुआ? मैंने पुलिस को जांच में तेजी लाने के लिए कहा है। जिस व्यक्ति ने भी पेपर लीक किया उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, आरजेडी नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार लोक सेवा आयोग का नाम बदलकर बिहार लोक पेपर लीक आयोग करने का सुझाव देते हुए सरकार पर तंज कसा है।
मामले की जांच कर रहे ईओयू के एडीजी नायर हसनैन ने कहा है कि हम बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा पेपर लीक मामले में बरहरा बीडीओ समेत तीन लोगों की जांच कर रहे हैं। हम मामले की हर एंगल से जांच कर रहे हैं।
- ANI Multimedia (@ANI_Multimedia) 10 May 2022
तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बिहार के असली मुद्दों से ध्यान हटा रहे हैं। राज्य के मुद्दे बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी, पलायन, जनगणना और विशेष राज्य का दर्जा है। लेकिन जिस बात की चर्चा हो रही है वो है हिंदू-मुसलमान, लाउडस्पीकर और बुलडोजर। सरकार के सामने मांग रखी कि बीपीएससी परीक्षा या अन्य ऐसी कोई राज्य प्रतियोगी परीक्षा रद्द हो तो उस साल के लिए विशेष प्रावधान करना चाहिए। जिन उम्मीदवारों पर आयु-सीमा के कारण परीक्षा के लिए अपात्र होने का खतरा है उन्हें आयु-सीमा में विस्तार देना चाहिए।
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