बड़ी राहत: 6 जुलाई से चरणबद्ध तरीके से खुल सकते हैं बिहार के शैक्षणिक संस्थान, शिक्षा मंत्री ने दिए संकेत
कोरोना की स्थिति की समीक्षा के बाद 6 जुलाई से शैक्षणिक संस्थान खाेलने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। - शिक्षा मंत्री
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राज्य में यदि इस गति से कोरोना संक्रमण के मामलों में कम होते गए, तो 6 जुलाई से चरणबद्ध तरीके से फिर से शैक्षणिक संस्थान खोले जा सकते हैं। यह बात बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कही है। उन्होंने कहा है कि अगर इसी गति से कोरोना महामारी की स्थिति में सुधार जारी रहा तो, 6 जुलाई से जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा। हालांकि इस पर अंतिम फैसला जुलाई माह में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करने के बाद लिया जाएगा।
यह है शैक्षणिक संस्थान खोलने की योजना
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि मंत्रालय द्वारा तैयार की गई योजना के मुताबिक पहले चरण में विश्वविद्यालय, दूसरे चरण में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय और तीसरे चरण में प्राथमिक व मध्य विद्यालय खोले जाएंगे।
शिक्षा मंत्री ने कहा है कि हमने दूरदर्शन से संपर्क किया और कक्षा पहली से लेकर पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए एक कार्यक्रम 'हमारा दूरदर्शन, हमारा विद्यालय' की शुरुआत की है। इसके साथ वेब पोर्टल ई-लॉट्स के माध्यम से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को सभी विषयों की ऑनलाइन पाठ्यपुस्तकें प्रदान की जा रही हैं। छात्र इस पोर्टल के माध्यम से पुस्तकें डाउनलाेड कर सकते हैं।
अप्रैल में दूसरी लहर की वजह से शैक्षणिक संस्थान को किया था बंद
बता दें कि राज्य में कोरोना की दूसरी लहर की वजह से अप्रैल से ही राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए थे। वहीं राज्य में कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि की रफ्तार को रोकने के लिए 5 मई से राज्य में पूर्ण तालाबंदी कर दी गई थी। हालांकि अब मामलों में आई गिरावट को देखते हुए, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 21 जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू करते हुए लॉकडाउन प्रतिबंधों में आंशिक ढील देना शुरू कर दिया है।
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