BHU में एंटी-रैगिंग वेबपेज लॉन्च: सीधे स्क्वॉड में ऑनलाइन दर्ज होंगी शिकायतें, एक क्लिक पर सारे इमरजेंसी नंबर
एंटी रैगिंग कैंपस बनाने के लिए यहां का प्रशासन अब सख्त हो गया है। वेबपेज के माध्यम से अब शिकायतों के त्वरित ताैर पर समाधान किए जाएंगे। वहीं, एक ही क्लिक पर सभी इमरजेंसी नंबर होंगे।
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Varanasi News: आईएमएस बीएचयू में सोमवार को एंटी रैगिंग वेबपेज लॉन्च किया गया है। यहां पर मौजूद लिंक के नीचे ईमेल आईडी पर पीड़ित छात्र और छात्रा सीधे बीएचयू या आईएमएस बीएचयू की एंटी-रैगिंग स्क्वॉड से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। वहीं एक ही क्लिक पर सभी इमरजेंसी नंबर होंगे।
एंटी रैगिंग स्क्वॉड का दावा है कि एक घंटे के अंदर मामले की जांच शुरू की जाएगी और छह घंटे में प्रारंभिक रिपोर्ट सबमिट कर दी जाएगी। त्वरित निवारण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। बीएचयू में चल रहे एंटी रैगिंग सप्ताह के समापन पर ये स्पेशल वेब पेज लॉन्च किया गया है।
इस दौरान मौजूद आईएमएस बीएचयू एंटी रैगिंग स्क्वॉड के प्रमुख प्रो. सुनील रॉव के मुताबिक इस ऑनलाइन मंच से बीएचयू को रैगिंग मुक्त कैंपस बनाने में मदद मिलेगी। इस पर एंटी रैगिंग पर निदेशक का संदेश, गाइडलाइन और सभी अधिकारियों के फोन नंबर एक क्लिक पर मिल जाएगी। फिलहाल वेबपेज को अभी अपग्रेड किया जा रहा है। इसमें शिकायत दर्ज करने वाला समय कम कर एक क्लिक पर ही शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था की जा रही है।
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि आईएमएस बीएचयू देश के शीर्ष पांच संस्थानों में स्थान रखता है। इस प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए रैगिंग का पूर्ण उन्मूलन जरूरी है। डीन ने कहा कि रैगिंग किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रो. रीता सिंह ने कहा कि जब छात्र रैगिंग के कारण दंडित होते हैं या निष्कासित होते हैं, तो यह हम सभी को आहत करता है।
12 से 18 अगस्त तक एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह चला
स्कवॉड के प्रो. ललित मोहन अग्रवाल ने बताया कि आईएमएस बीएचयू में 12 से 18 अगस्त तक एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह मनाया गया। सोमवार को डिबेट प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक और वैलिडिक्ट्री सेशन किया गया।
रैगिंग के प्रति शून्य सहिष्णुता - सुरक्षित परिसर का निर्माण मिलकर करें। 'कड़े एंटी-रैगिंग कानून बनाम नैतिक अपील' की थीम पर डिबेट प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक में मानसिक, भावनात्मक और शैक्षणिक नुकसान को दिखाकर आपसी सम्मान और सहयोग की अपील की गई। निर्णायक मंडल में प्रो. मधु जी. तापड़िया, डॉ. धीरेंद्र कुमार राय, डॉ. पूनम पांडेय, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. बाला लखेन्द्र और नम्रता सिंह शामिल रहीं। विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इन्होंने विद्यार्थियों की स्पष्टता, आत्मविश्वास और गहन चिंतन की सराहना की।
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