फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Andhra Pradesh Doctors Demand Immediate Release of Pending Salaries Seek UGC Pay Revision

आंध्र प्रदेश: मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों की बढ़ी परेशानी, महीनों से अटकी सैलरी पर सरकार से की भुगतान की मांग

Sun, 11 Oct 2026 11:08 AM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम तिवारी Updated Sun, 11 Oct 2026 11:08 AM IST
सार

आंध्र प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों की बकाया सैलरी का मुद्दा गरमा गया है। सरकारी डॉक्टरों के संगठन ने राज्य सरकार से लंबित वेतन तुरंत जारी करने और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के 2016 के वेतन संशोधन को लागू करने की मांग की है। जन स्वास्थ्य में शिक्षकों की भूमिका का हवाला देते हुए जनप्रतिनिधियों ने भी उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने और समाधान कराने का भरोसा दिया है।
 

विज्ञापन
Andhra Pradesh Doctors Demand Immediate Release of Pending Salaries Seek UGC Pay Revision
Andhra Pradesh Doctors - फोटो : AI Generated

विस्तार

आंध्र प्रदेश सरकारी डॉक्टर संघ ने राज्य सरकार से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले शिक्षक डॉक्टरों का लंबित वेतन तुरंत जारी करने की मांग की है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, संगठन ने सरकार से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के वर्ष 2016 के वेतन संशोधन को लागू करने का आग्रह भी किया है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांगों पर जल्द फैसला लिया जाना चाहिए। यह मुद्दा संगठन के राज्य स्तरीय सम्मेलन में उठाया गया। इस दौरान पदाधिकारियों ने सरकार से शिक्षक डॉक्टरों की समस्याओं पर ध्यान देने और उनकी आर्थिक परेशानियों का समाधान करने की अपील की।
विज्ञापन

 सम्मेलन में किन लोगों ने आवाज उठाई?

आंध्र प्रदेश सरकारी डॉक्टर संघ के राज्य स्तरीय सम्मेलन में डी. जयधीयर बाबू और महासचिव बी. रमेश कुमार ने डॉक्टरों की मांगों को उठाया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने सरकार से लंबित वेतन जारी करने और वर्ष 2016 के वेतन संशोधन को लागू करने का आग्रह किया। संगठन का मानना है कि इन मांगों पर कार्रवाई होने से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले डॉक्टरों को राहत मिल सकती है। सम्मेलन में डॉक्टरों की सेवा से जुड़ी सुविधाओं और आर्थिक हितों पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने सरकार से इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए जरूरी कदम उठाने की अपील की।
विज्ञापन

 डॉक्टरों की भूमिका क्यों अहम है?

आंध्र प्रदेश संयुक्त कार्रवाई समिति अमरावती के प्रदेश अध्यक्ष बोप्पाराजू वेंकटेश्वरलु ने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले डॉक्टर जन स्वास्थ्य की रक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह डॉक्टरों के आर्थिक हितों और सेवा से जुड़े लाभों की सुरक्षा करे। शिक्षक डॉक्टर मेडिकल शिक्षा के साथ भविष्य के चिकित्सकों को तैयार करने में भी योगदान देते हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान जरूरी माना जा रहा है। वेंकटेश्वरलु ने डॉक्टरों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों को सरकार के सामने रखा जाएगा और जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

जनप्रतिनिधियों ने क्या भरोसा दिया?

रिपोर्ट के अनुसार, विधान परिषद सदस्य अल्लापति राजेंद्र प्रसाद ने शिक्षक डॉक्टरों की मांगों को उचित बताया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा। साथ ही, बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। डॉक्टरों के संगठन को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करेगी और लंबित वेतन से जुड़े मामले में जल्द निर्णय लेगी। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में वेतन जारी करने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। इसलिए डॉक्टरों को सरकार की ओर से आने वाले आधिकारिक फैसले का इंतजार करना होगा।

 तेलंगाना के मेडिकल कॉलेजों की स्थिति कैसी है?

फरवरी 2026 में करियर360 की एक रिपोर्ट में तेलंगाना के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा सामने आया था। तेलंगाना वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर संघ के अध्ययन के अनुसार, लगभग एक चौथाई विभागों में एक भी प्रोफेसर नहीं था, जबकि करीब छह प्रतिशत विभागों में नियमित शिक्षकों की जगह केवल वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर कार्यरत थे। अध्ययन में कई विभागों में नियमित शिक्षकों की कमी और अस्थायी नियुक्तियों पर निर्भरता का भी उल्लेख किया गया। नए मेडिकल कॉलेजों और शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, जैव रसायन, न्यायालयिक चिकित्सा तथा सामाजिक एवं निवारक चिकित्सा जैसे गैर-नैदानिक विषयों में स्थिति अधिक खराब बताई गई। यह अध्ययन तेलंगाना से संबंधित है, आंध्र प्रदेश की स्थिति का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed