{"_id":"6108d84d3669804877303385","slug":"all-candidates-pass-class-12-board-exams-following-students-agitation-in-bengal","type":"story","status":"publish","title_hn":"पश्चिम बंगाल: फेल छात्रों ने किया आंदोलन, बोर्ड ने 12वीं में पंजीकृत सभी छात्रों को कर डाला पास","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
पश्चिम बंगाल: फेल छात्रों ने किया आंदोलन, बोर्ड ने 12वीं में पंजीकृत सभी छात्रों को कर डाला पास
Tue, 03 Aug 2021 02:59 PM IST
ललित फुलारा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Tue, 03 Aug 2021 02:59 PM IST
सार
वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन ने घोषणा की है कि इस साल बारहवीं की परीक्षा देने वाले सभी उम्मीदवार पास हो गए हैं। दरअसल, बोर्ड ने यह घोषणा छात्रों के उग्र आंदोलन और तोड़फोड़ के बाद की है।
विज्ञापन
विद्यार्थी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन (WBCHSE) ने घोषणा की है कि इस साल बारहवीं की परीक्षा देने वाले सभी उम्मीदवार पास हो गए हैं। दरअसल, बोर्ड ने यह घोषणा छात्रों के उग्र आंदोलन और तोड़फोड़ के बाद की है। बारहवीं में अनुत्तीर्ण छात्रों ने विभिन्न जिलों में आंदोलन शुरू कर दिया था, जिसके बाद बोर्ड को सभी विद्यार्थियों के पास की घोषणा करनी पड़ी। विभिन्न जिलों में छात्रों ने सड़कों पर टायर जलाकर जाम किया। छात्रों ने स्कूलों में तोड़फोड़ और शिक्षकों का घेराव भी किया।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें-CBSE 10th Result 2021: 99.4 फीसदी रहा इस साल दसवीं का रिजल्ट, 100 फीसदी ट्रांसजेंडर पास
विज्ञापन
बोर्ड ने 12वीं का परिणाम 22 जुलाई को जारी किया था। परीक्षा के लिए नामांकित 819,000 छात्रों में से 97.69 फीसदी ने बारहवीं की परीक्षा पास की थी। इसके बाद फेल छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया एवं बोर्ड ने अन्य 18,000 छात्रों को भी पास कर दिया। बोर्ड ने कहा कि सभी विद्यार्थी पास हो गए हैं और वे रिव्यू के लिए अपने स्कूलों के प्रतिनिधियों के संपर्क में रहें। बोर्ड के अध्यक्ष महुआ दास का कहना है कि जो छात्र असफल हुए थे, उन्हें समीक्षा के बाद पास कर दिया गया है। आपको बता दें कि बोर्ड ने कोरोना वायरस की वजह से इस साल दसवीं और बारहवीं की परीक्षा रद्द कर दी थी। जिसके बाद छात्रों का रिजल्ट आंतरिक मूल्यांकन पद्धति के जरिए तैयार किया गया था। हालांकि, बोर्ड के इस फैसले पर कई शिक्षकों ने चिंता जताई है और कहा है कि बोर्ड की तरफ से यह एक गलत परंपरा कायम की गई है।
विज्ञापन
कमेंट
कमेंट X