बंगाल में बवाल: आलिया यूनिवर्सिटी के कुलपति को धमकी पर सुलगी सियासत, टीएमसी का छात्र नेता गिरफ्तार
Aliah University Controversy: यह घटना शुक्रवार को आलिया विश्वविद्यालय (Alia University) के न्यू टाउन परिसर में हुई थी। कुलपति के कार्यालय में घुसकर उन्हें थप्पड़ मारने की धमकी देते हुए वीडियो वायरल होने के बाद से बंगाल की सियासत उफान पर है।
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Alia University Controversy: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित आलिया विश्वविद्यालय के कुलपति मोहम्मद अली से बदतमीजी करने और धमकी देने का आरोपी पूर्व छात्र नेता की गिरफ्तारी हो गई है। मामले का मुख्य आरोपी छात्र नेता गयासुद्दीन मंडल राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई का प्रमुख रह चुका है। यह घटना शुक्रवार को आलिया विश्वविद्यालय (Alia University) के न्यू टाउन परिसर में हुई थी।
कुलपति के कार्यालय में घुसकर उन्हें थप्पड़ मारने की धमकी देते हुए वीडियो वायरल होने के बाद से बंगाल की सियासत उफान पर है। इस घटनाक्रम को लेकर तमाम विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है और इसे गुंडागर्दी करार दिया है। हालांकि, टीएमसी ने मामले और छात्र नेता से पल्ला झाड़ लिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर रविवार को वायरल हुए वीडियो में गयासुद्दीन मंडल के नेतृत्व में छात्रों के समूह को आलिया विश्वविद्यालय (Alia University) के वीसी ऑफिस में कुलपति मोहम्मद अली का घेराव करके उनसे अभद्रता करते हुए देखा जा सकता है। छात्र कुलपति के कार्यालय में घुस गए और उनके साथ न केवल बदतमीजी की, बल्कि थप्पड़ मारने की धमकी भी दी थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुलपति ने पुलिस को मामले से अवगत कराया और शिकायत भी की थी की, लेकिन पुलिस नहीं पहुंचीं।
पुलिस को सूचना दी थी, मगर नहीं आई
आलिया विश्वविद्यालय के कुलपति मोहम्मद अली ने कहा कि मंडल और कुछ अन्य लोगों ने शुक्रवार को उनके कार्यालय के अंदर कुछ घंटों तक उनका घेराव किया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। मैंने मदद के लिए पुलिस को फोन किया था, लेकिन वे नहीं आए। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद जब मामले ने राजनीतिक रंग पकड़ा तो सूबे की सियासत में हड़कंप मच गया। साल्टलेक पुलिस ने टीएमसी के पूर्व छात्र नेता ग्यासुद्दीन को मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। मामला पीएचडी लिस्ट में नामों के संशोधन को लेकर था। पूरे राज्य में इस घटना को लेकर सियासी विवाद जारी है।
राज्यपाल धनखड़ ने की निंदा, रिपोर्ट तलब
घटनाक्रम को लेकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जगदीप धनखड़ ने चिंता जताई है। उन्होंने मुख्य सचिव को तलब कर प्रकरण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। राज्यपाल ने कहा कि जब मैं ऐसी घटनाओं के बारे में सुनता हूं तो दिल रोने लगता है। शिक्षक राष्ट्र का निर्माता होता है। उनके प्रति इस तरह का आचरण सहन नहीं किया जा सकता।
टीएमसी ने झाड़ा पल्ला, कहा- यह हमारी संस्कृति नहीं
तृणमूल छात्र परिषद के प्रदेश अध्यक्ष त्रिनंकुर भट्टाचार्य ने कहा कि मंडल को पांच साल पहले ही परिषद से निष्कासित कर दिया गया था। ऐसा करना हमारी संस्कृति नहीं है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी शिक्षकों के प्रति ऐसे आचरण की कड़ी निंदा करती है। दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
बंगाल भाजपा प्रमुख बोले- मैं होता तो तमाचा जड़ देता
वहीं, मामले को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर हमलावर है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि टीएमसी छात्र नेताओं ने सभी हदें पार कर दी हैं। वीसी एक सज्जन व्यक्ति हैं इसलिए चुप रहे, अगर मैं होता तो तमाचा जड़ देता। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, यह अब राज्य की संस्कृति है। पुलिस उन्हें बचाने तक नहीं आई।
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