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Admission 2023-24: केंद्रीय विद्यालयों में पहली कक्षा में दाखिले की दौड़ 27 से, 17 अप्रैल तक कर सकेंगे आवेदन
Thu, 23 Mar 2023 07:22 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 23 Mar 2023 07:22 AM IST
सार
पहली कक्षा में नामांकन के लिए बच्चे की उम्र 31 मार्च तक छह वर्ष अनिवार्य है। यदि एससी, एसटी, ओबीसी, आरटीई श्रेणी में दाखिले के लिए आवेदनों की संख्या कम हुई तो चार से 11 अप्रैल के बीच उन्हें ऑफलाइन आवेदन पत्र भरने की सुविधा भी दी जाएगी।
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केंद्रीय विद्यालय
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्रीय विद्यालयों (केवी) में पहली कक्षा में दाखिले की दौड़ 27 मार्च से शुरू होगी। अभिभावक 17 अप्रैल तक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पहली कक्षा में नामांकन के लिए बच्चे की उम्र 31 मार्च तक छह वर्ष अनिवार्य है। यदि एससी, एसटी, ओबीसी, आरटीई श्रेणी में दाखिले के लिए आवेदनों की संख्या कम हुई तो चार से 11 अप्रैल के बीच उन्हें ऑफलाइन आवेदन पत्र भरने की सुविधा भी दी जाएगी।
शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मानसिक सेहत का ख्याल रखना होगा जरूरी : प्रधान
शिक्षण संस्थानों को अब छात्रों के मानसिक सेहत का ख्याल रखना जरूरी होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को इस मुद्दे पर आयोजित उच्चस्तरीय समिति की समीक्षा बैठक में कहा कि शिक्षा मंत्रालय इसके लिए जल्द से जल्द मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करें, ताकि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी तय की जाए। इसके लिए शिक्षण संस्थानों को शिकायत प्रकोष्ठ भी बनाने होंगे।
दरअसल, शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों को मानसिक तनाव से उबारने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का मसौदा तैयार कर लिया है। केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री ने बैठक में छात्रों को मानसिक तनाव से बचाने और शिक्षण संस्थानों में भेदभाव बर्दाश्त न करने की नीति को लेकर मंथन किया गया। बैठक में स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग, सीबीएसई, एआईसीटीई, यूजीसी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसमें ऑनलाइन सुझाव भी आमंत्रित किए। शिक्षामंत्री ने कहा कि दिशा-निर्देर्शों में छात्रों को लैंगिक भेदभाव, समाज में सभी को एक मानने का भाव, आपसी प्रतिस्पर्धा, शारीरिक रूप से सक्षम बनाने आदि के भाव को शामिल करने पर जोर होगा।
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शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मानसिक सेहत का ख्याल रखना होगा जरूरी : प्रधान
शिक्षण संस्थानों को अब छात्रों के मानसिक सेहत का ख्याल रखना जरूरी होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को इस मुद्दे पर आयोजित उच्चस्तरीय समिति की समीक्षा बैठक में कहा कि शिक्षा मंत्रालय इसके लिए जल्द से जल्द मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करें, ताकि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी तय की जाए। इसके लिए शिक्षण संस्थानों को शिकायत प्रकोष्ठ भी बनाने होंगे।
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दरअसल, शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों को मानसिक तनाव से उबारने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का मसौदा तैयार कर लिया है। केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री ने बैठक में छात्रों को मानसिक तनाव से बचाने और शिक्षण संस्थानों में भेदभाव बर्दाश्त न करने की नीति को लेकर मंथन किया गया। बैठक में स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग, सीबीएसई, एआईसीटीई, यूजीसी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसमें ऑनलाइन सुझाव भी आमंत्रित किए। शिक्षामंत्री ने कहा कि दिशा-निर्देर्शों में छात्रों को लैंगिक भेदभाव, समाज में सभी को एक मानने का भाव, आपसी प्रतिस्पर्धा, शारीरिक रूप से सक्षम बनाने आदि के भाव को शामिल करने पर जोर होगा।
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