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दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ 12वीं आरएएसके इंटरनेशनल सेमिनार, जानें मुख्य बातें
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 31 Oct 2018 03:36 PM IST
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12वीं आरएएसके इंटरनेशनल संगोष्ठी
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कोरिया अध्धयन हेतु अनुसंधान संघ ने भारत और दक्षिण कोरिया के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ बनाने हेतु अपना 12वां अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया।
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इसके साथ ही, 26 अक्टूबर और 27 अक्टूबर, 2018 को प्रोफेसर सुशीला नरशिमान और प्रोफेसर किम डो यंग द्वारा संपादित" एक्ट ईस्ट: ट्रांजिशन इन इंडिया इंगेजमेंट विथ साउथ कोरिया नामक अपनी पुस्तक जारी की।
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इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में अंतर्राष्ट्रीय संबंध, अर्थव्यवस्था और व्यापार, अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा, शिक्षा और साहित्य, इतिहास और धर्म, समाज और संस्कृति और पर्यावरण जैसे विभिन्न विषयों के 7 सत्र शामिल थे।
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संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में, कोरिया के राजदूत डॉ शिन बोंगकिल और दक्षिण कोरिया में भारत के पूर्व राजदूत स्कंद तायल ने हाल ही में किये गए इन दोनों देशों की प्रमुख आर्थिक और राजनयिक उपलब्धियों और प्रयासों पर प्रकाश डाला ।
बता दें कि, विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के अनेक अनुशासनों से 40 से अधिक शोध विद्वानों और संकायों ने दक्षिण कोरिया, भारत और अन्य पूर्वी एशियाई देशों से संबंधित मुद्दों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। कोरिया नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी में कानून के मानद प्रोफेसर, प्रो. कंग क्योंगसों ने राष्ट्रीय जीवन रक्षा रणनीतियों पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखे।
आरएएसके के अध्यक्ष और कोरियाई अध्ययन निदेशक प्रोफेसर किम डो यंग, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने आरएएसके की प्रमुख घटनाओं और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि आरएएसके अनुसंधान विद्वानों के बीच सबसे गतिशील प्लेटफार्मों में से एक के रूप में विकसित हुआ है ताकि भारत और दक्षिण कोरिया से संबंधित विशेष मुद्दों पर उनके शोध कार्यों को पेश किया जा सके।
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