फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Young man campaign on social media to help of patients beds in hospitals, oxygen and ICU

मदद: कोरोना महामारी के अंधकार में रोशनी दे रहा 'निर्भय जीवन', बेड-ऑक्सीजन और आईसीयू की दे रहे जानकारी

Tue, 11 May 2021 12:41 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 11 May 2021 12:41 PM IST
सार

कोरोना महामारी के अंधकार में रोशनी दे रहे निर्भय जीवन की सदस्य अलका बरबेले बताती हैं कि दूसरी लहर शुरू होने के बाद हर तरफ से बस निगेटिव खबरें ही मिल रही थीं। 
 

विज्ञापन
Young man campaign on social media to help of patients beds in hospitals, oxygen and ICU
अलका और तुषार - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 18 निवासी 67 वर्षीय दिगम्बर ठाकुर का परिवार मुसीबत से घिरा हुआ है। इनके घर में 11 सदस्य कोरोना संक्रमित हैं जिनमें से एक इनकी बेटी की दो दिन पहले मौत हो चुकी है। जबकि दो सदस्य गंभीर स्थिति के चलते गंगाराम अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। 
विज्ञापन


हालात इस कदर हैं कि घर में सभी महिला और अकेले दिगम्बर ही हैं लेकिन वह भी ऑक्सीजन पर। सोमवार रात इनकी ऑक्सीजन खत्म होने लगी तो किसी भी तरह इन्होंने निर्भय जीवन की टीम से संपर्क किया। करीब तीन घंटे प्रयास के बाद कामयाबी मिली और दिल्ली पुलिस की मदद लेकर इनके घर दो ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाए जिसके बाद घर में दोनों बुजुर्ग मरीजों की जान बचाई जा सकी। 
विज्ञापन


दिगम्बर ठाकुर जैसे एक नहीं, बल्कि अब तक 400 से ज्यादा मामले इस युवा टीम के पास आ चुके हैं जिनमें से यह 267 मरीजों की मदद करने में सफल रहे। कोरोना महामारी के अंधकार में रोशनी दे रहे निर्भय जीवन की सदस्य अलका बरबेले बताती हैं कि दूसरी लहर शुरू होने के बाद हर तरफ से बस निगेटिव खबरें ही मिल रही थीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हम देख रहे हैं कि लोगों को इलाज के लिए किस कदर परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। इस स्थिति में सरकार या फिर किसी ओर को जिम्मेदार ठहराने से बेहतर हमने मदद करने का फैसला लिया। हमारे लिए चुनौती काफी बढ़ी थी लेकिन टीम बनाने के बाद हमने लोगों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। 

वहीं एक अन्य सदस्य तुषार कौशिक ने बताया कि शुरूआत में निर्भय जीवन के तहत उद्देश्य दिल्ली और आसपास के क्षेत्र में मरीजों की मदद करने का था लेकिन तीन से चार दिन में ही उनके पास भोपाल, रायपुर, इंदौर, जयपुर, अजमेर, रोहतक, पानीपत, फरीदाबाद, बुलंदशहर और अलीगढ़ तक से लोगों की अपील आना शुरू हो गई। यही वजह है कि केवल तीन सदस्यों के साथ शुरू हुई इस मुहिम में अब 50 से भी ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। इसमें पत्रकार, सामाजिक संस्थाएं, पुलिस के अधिकारी और शिक्षक शामिल हैं। 

जुड़ते जा रहे संगठन, बढ़ रही मदद
तुषार का कहना है कि भले ही देश में इस वक्त एक पैनिक माहौल हो। हर परिवार एक न एक मुसीबत का सामना कर रहा हो, लेकिन इस देश में मदद के नाम पर भी काफी लोग आगे आते हैं। उन्होंने कहा, हमने जब यह मुहिम शुरू की तब इतना था कि एक या दो की मदद भी हो जाए तो काफी है लेकिन धीरे धीरे जब और लोग जुड़ने लगे तो हौसला बढ़ता चला गया। हर रोज नए संगठन जुड़ते जा रहे हैं तो मदद भी बढ़ रही है। अब लोगों को न सिर्फ अस्पताल में बिस्तर की उपलब्धता के बारे में जानकारी दे रहे हैं बल्कि ऑक्सीजन रिफिल स्टेशन और जरूरतमंद के घर गुप्त माध्यम से भोजन तक पहुंचाया जा रहा है। 

आप भी यहां जुड़ सकते हैं नेक कार्य में
अलका ने बताया कि मदद करने के लिए उन्होंने आसान तरीका अपनाया है। इसके लिए किसी आर्थिक सहायता या फिर किसी शुल्क की आवश्यकता नहीं है। इन्होंने लोगों को पब्लिक डोमेन में मौजूद सही और सत्य जानकारी पहुंचाने का जिम्मा लिया ताकि लोग उचित स्थान पर जाकर अपना कार्य करवा सकें। महामारी से लड़ने और इस संकट से बाहर आने के लिए यह पूरी मुहिम सोशल मीडिया पर चल रही है। टिवटर पर एकाउंट पर जाकर हिस्सा बन सकते हैं। विभिन्न शहरों में अपने दोस्तों की मदद से यह लोगों के घर दवाएं पहुंचा रहे हैं। इतना ही नहीं जो लोग इनकी मुहिम में जुड़कर औरों की सहायता कर रहे हैं उनके लिए यह निर्भय जीवन डिजिटल प्रमाण पत्र भी जारी कर रहे हैं। ताकि औरों की मदद के लिए लोगों का उत्साह बरकरार रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed