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विश्व कैंसर दिवस: एशिया में स्तन कैंसर के मामले भारत में अधिक, डॉक्टर बोले-उत्तर भारत में दिल्ली सबसे बड़ा केंद्र

Sat, 05 Feb 2022 08:35 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 05 Feb 2022 08:35 AM IST
सार

डॉक्टरों के अनुसार साल 2020 में देश में स्तन कैंसर के 1,78,361 नए केस सामने आए और 90,408 मौतें दर्ज की गईं।स्तन कैंसर भारत में महिलाओं को प्रभावित करने वाले सबसे ज्यादा कैंसर का प्रकार है और इस कैंसर से प्रभावित महिलाओं की जीवित रहने की दर 25.3 से 48.4 फीसदी तक है जो चीन, थाईलैंड और फिलीपींस जैसे अन्य एशियाई देशों की तुलना में बहुत कम है।

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World Cancer Day Cases of breast cancer in Asia are more in India, doctors said - Delhi is the biggest center in North India
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

देश में स्तन कैंसर से ठीक होने वाली महिलाओं की संख्या अन्य एशियाई देशों की तुलना में बहुत कम है। शुक्रवार को विश्व कैंसर दिवस पर राजधानी के डॉक्टरों ने बताया कि दिल्ली उत्तर भारत का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। डॉक्टरों ने शीघ्र पता चलने की संभावना में सुधार लाने और बेहतर इलाज के लिए जागरूकता लाने की अपील की है। 
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डॉक्टरों के अनुसार साल 2020 में देश में स्तन कैंसर के 1,78,361 नए केस सामने आए और 90,408 मौतें दर्ज की गईं। भारत में इस कैंसर से प्रभावित महिलाओं की जीवित रहने की दर 25.3 से 48.4 फीसदी तक है, जो चीन (57.6-82.3%), थाईलैंड (55.8-63.6%) और फिलीपींस (34.7-51.9%) जैसे अन्य एशियाई देशों की तुलना में बहुत कम है।
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दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल के डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि पिछले तीन साल में 35 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं में स्तन कैंसर के मामलों में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। टाटा मेमोरियल सेंटर के एक अध्ययन के अनुसार स्तन कैंसर हर 14 में से एक महिला को प्रभावित करता है और 2025 तक हर साल नए केस की संख्या बढ़कर 2.4 लाख प्रति वर्ष हो सकती है।
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अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. मनीष सिंघल ने बताया कि स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता दिल्ली के साथ-साथ पूरे भारत में कम है। इस वजह से कैंसर की बीमारी का जल्दी पता चलने में बाधा पहुंचती है और इसलिए प्रभावी उपचार नहीं मिल पाता है। दूसरा कोविड-19 ने कैंसर जांच में देरी की और लोगों के लिए इलाज कराना मुश्किल बना दिया।  

दिल्ली एम्स में हुआ आयोजन 

विश्व कैंसर दिवस पर दिल्ली एम्स परिसर में शुक्रवार को एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली के सहयोग से एम्स के डॉक्टरों ने कैंसर बीमारी के बारे में लोगों को बताया। साथ ही इस दौरान एशियन सोसायटी ऑफ मास्टोलॉजी से जुड़े डॉक्टरों ने कैंसर रोगियों में ऑपरेशन की आशंका को कम करने के तरीके भी बताए। 

एम्स के नए सर्जरी ब्लॉक में हुए इस कार्यक्रम में डॉक्टरों ने अपील की है कि हमें कभी उम्मीद का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। मरीज के साथ साथ उसके पूरे परिवार को उम्मीद रखनी चाहिए। इन बीमारियों से बाहर आने में मरीजों के लिए उम्मीद सबसे बड़ा उपचार का कार्य करती है। 
 
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