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टिकरी बॉर्डर पर किसान दिवस पर महिलाओं ने भी भरी हुंकार, नारी शक्ति के वजूद का कराया एहसास
Wed, 23 Dec 2020 10:37 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 23 Dec 2020 10:37 PM IST
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कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन में बैठी महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों को लेकर आंदोलनरत टिकरी बॉर्डर पर पुरुष किसानों के साथ महिला किसानों ने भी बुधवार को किसान दिवस के मौके पर हुंकार भरी। जोशीले नारों, मजबूत इरादों और आंदोलन में नारी शक्ति के वजूद का एहसास करा अन्य आंदोलनकारियों में दिनभर मंच से जोश भरा जाता रहा।
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टिकरी बॉर्डर पर सुबह से ही किसान दिवस के मौके पर मंच को सजा दिया गया था। पिछले दिनों के मुकाबले मंच को पहले से ज्यादा मजबूत और बड़ा बनाया गया था। किसान दिवस के मौके कार्यक्रम की शुरुआत में मंच पर किसान नेताओं का माला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद पुरुष किसान नेताओं ने भाषण बाजी शुरू की। पुरुषों के बाद जब महिला किसानों ने मंच से हुंकार भरना शुरु किया तो पूरा माहौल जय जवान जय किसान व नारी शक्ति जिंदाबाद से गूंज उठा। बारी-बारी से महिला किसानों व दूर दराज से समर्थन के देने के लिए पहुंची अन्य महिलाओं ने आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाने की बात कहकर पुरुषों से पीछे न हटने की अपील की।
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महिला किसानों का कहना था कि जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी तब तक किसान दिल्ली की सीमा पर डटे रहेंगे और लगातार विरोध दर्ज कराते रहेंगे।
प्रदर्शन में शामिल किसान सुखविंदर ने कहा कि किसान दिवस को लेकर 2 दिन पहले से तैयारी कर ली गई थी। इसके लिए मंच की चौड़ाई बढ़ाने के साथ-साथ अन्य व्यवस्था भी की गई थी। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए बुधवार को हरियाणा और पंजाब से अन्य लोग भी पहुंचे हैं। इस वजह से पिछले दिनों के मुकाबले यहां बुधवार को अधिक भीड़ रही है।
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