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पानी के बिल का भुगतान 31 मार्च तक कर सकेंगे
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नई दिल्ली। नववर्ष पर लोगों को तोहफा देते हुए दिल्ली सरकार ने पानी का बिल और विलंब शुल्क जमा कराने की तिथि 31 मार्च तक बढ़ा दी है। गत वर्ष अगस्त में लॉन्च हुई स्कीम के तहत देरी से फीस जमा कराने वालों का शुल्क माफ कर दिया गया है। वहीं, कॉलोनियों के अनुसार बकाया बिलों की राशि में छूट का प्रावधान किया गया है।
जल मंत्री और दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष सत्येंद्र जैन ने कहा कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने इस स्कीम को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब तक करीब साढ़े चार लाख उपभोक्ता इस स्कीम का लाभ उठा चुके हैं। इससे जल बोर्ड को भी 632 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इस स्कीम के तहत उन उपभोक्ताओं को शामिल किया जाएगा, जिनके गत वर्ष 31 मार्च तक के बिल बकाया हैं। ए और बी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए बकाया बिल में 25 फ़ीसदी, सी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए 50 फ़ीसदी और डी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए 75 फ़ीसदी छूट प्रदान की गई है।
संयंत्र की क्षमता 39 एमजीडी
तक बढ़ाने के दिए निर्देश
सत्येंद्र जैन ने नववर्ष पर जल बोर्ड अधिकारियों के साथ चंद्रावल जल उपचार संयंत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादन क्षमता तात्कालिक आधार पर 39 एमजीडी तक बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने फिजूलखर्ची रोकने के लिए संयंत्र को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज बनाने को भी कहा। उन्होंने बताया कि इस संयंत्र के दो चरण और एक रीसाइक्लिंग इकाई है। जल शोधन संयंत्र के चरण एक में 35 एमजीडी क्षमता है। इसे संशोधनों के साथ 39 एमजीडी तक बढ़ाया जा सकता है। इससे संयंत्र के दायरे में आने वाले क्षेत्र में जलापूर्ति की जाएगी। साथ ही, सभी ट्रीटमेंट प्लांट को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज बनाया जाएगा, जिससे फिजूलखर्ची न हो सके। उन्होंने कहा कि यह सच है कि दिल्ली पड़ोसी राज्य से पानी साझा करता है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि पानी का सही उपयोग करें।
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जल मंत्री और दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष सत्येंद्र जैन ने कहा कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने इस स्कीम को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब तक करीब साढ़े चार लाख उपभोक्ता इस स्कीम का लाभ उठा चुके हैं। इससे जल बोर्ड को भी 632 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इस स्कीम के तहत उन उपभोक्ताओं को शामिल किया जाएगा, जिनके गत वर्ष 31 मार्च तक के बिल बकाया हैं। ए और बी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए बकाया बिल में 25 फ़ीसदी, सी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए 50 फ़ीसदी और डी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए 75 फ़ीसदी छूट प्रदान की गई है।
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संयंत्र की क्षमता 39 एमजीडी
तक बढ़ाने के दिए निर्देश
सत्येंद्र जैन ने नववर्ष पर जल बोर्ड अधिकारियों के साथ चंद्रावल जल उपचार संयंत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादन क्षमता तात्कालिक आधार पर 39 एमजीडी तक बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने फिजूलखर्ची रोकने के लिए संयंत्र को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज बनाने को भी कहा। उन्होंने बताया कि इस संयंत्र के दो चरण और एक रीसाइक्लिंग इकाई है। जल शोधन संयंत्र के चरण एक में 35 एमजीडी क्षमता है। इसे संशोधनों के साथ 39 एमजीडी तक बढ़ाया जा सकता है। इससे संयंत्र के दायरे में आने वाले क्षेत्र में जलापूर्ति की जाएगी। साथ ही, सभी ट्रीटमेंट प्लांट को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज बनाया जाएगा, जिससे फिजूलखर्ची न हो सके। उन्होंने कहा कि यह सच है कि दिल्ली पड़ोसी राज्य से पानी साझा करता है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि पानी का सही उपयोग करें।
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