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स्कूल खुले तो लौटी रौनक...बच्चों के चेहरे खिले
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नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण मार्च 2019 से बंद स्कूलों में रौनक लौट आई है। नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल 19 माह बाद फिर से खुल गए। स्कूलों ने बच्चों का स्वागत डांस व म्यूजिक के माध्यम से किया। कोरोना से बचाव संबंधी सभी नियमों का पालन करते हुए बच्चों को स्कूलों में एंट्री दी गई। लंबे समय बाद स्कूल पहुंचे बच्चों के चेहरे पर गजब का उत्साह दिखा। बच्चों को देखकर शिक्षकों के चेहरों पर भी खुशी दिखी। बच्चों से मिलने के लिए उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया वेस्ट विनोद नगर स्थित राजकीय कन्या विद्यालय पहुंचे।
पहले दिन सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति सामान्य रही, जबकि अधिकतर निजी स्कूल त्योहारी सीजन समाप्त होने के बाद ही बच्चों को बुलाने की तैयारी में जुटे हैं। स्कूलों में कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया गया। स्कूल खुलने और लंबे समय बाद अपने दोस्तों से मिलने पर बच्चे काफी उत्साहित थे। स्कूलों में बच्चों का स्वागत करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। सरकारी स्कूलों में कहीं फिल्म दिखाकर तो कहीं डांस व म्यूजिक के माध्यम से बच्चों का स्वागत किया गया।
ऑफलाइन पढ़ाई दोबारा शुरू करने से पहले बच्चों को स्कूलों से सामान्य रूप से जोड़ने के लिए कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। वेस्ट विनोद नगर स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बच्चों से बातचीत में कहा कि स्कूल काफी समय बंद रहने से पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। हमें बच्चों के स्वास्थ्य के साथ पढ़ाई की भी चिंता है। अब भी स्कूलों को नहीं खोला गया तो एक पूरी पीढ़ी नॉलेज गैप के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। सभी स्कूलों में कोरोना प्रोटोकॉल और सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उम्मीद है कि स्कूलों के खुलने के बाद हमारे शिक्षक व अभिभावक साथ मिलकर बच्चों के इस लर्निंग गैप को खत्म करने का काम करेंगे। हमने ध्यान रखा है कि किसी अभिभावक को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। दिल्ली में 9वीं से 12वीं तक के स्कूल एक सितंबर से ही खुल चुके हैं। सभी कक्षाओं के लिए स्कूलों के दोबारा खुलने के बाद भी सभी शैक्षणिक गतिविधियां ब्लेंडेड तरीके से ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी चलती रहेंगी।
त्योहारी सीजन के बाद खुलेंगे निजी स्कूल
माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा ने कहा कि अभिभावकों से स्कूल आने के लिए सहमति पत्र लेने शुरू किए गए हैं। अभी एक सप्ताह तक त्योहार हैं। उसके बाद छठ पूजा है। ऐसे में 8 नवंबर या छठ पूजा के बाद ही स्कूल खोलने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, अभी अभिभावकों में बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंता है। डीएवी मौसम विहार की प्रिंसिपल वंदना कपूर ने कहा कि छठ पूजा के बाद ही पहली से आठवीं तक के बच्चों को बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों को मंगलवार से सहमति पत्र भेजना शुरू करेंगे।
सिसोदिया ने छोटी बच्ची से कराया चेकअप
स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने एक बच्ची को डॉक्टर किट से खेलते हुए देखा तो उन्होंने उससे चेकअप भी करवाया। इस दौरान बच्ची ने उन्हें इंजेक्शन लगाया। सिसोदिया ने वैक्सीन के कारण दर्द होने की शिकायत की तो बच्ची ने उन्हें दवा का पर्चा लिखा और रात को खाने की सलाह दी। साथ ही ठंड के मौसम में आइसक्रीम से परहेज करने को कहा।
मुश्किल वक्त पीछे छोड़ आगे बढ़ना है : सीएम
स्कूल खुलने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि स्कूल के बिना बच्चों का बचपन अधूरा रहता है। यह देखकर अच्छा लगा कि डेढ़ साल बाद बच्चे अपने स्कूल और कक्षाओं में पहुंचे। अब हम सबको मुश्किल वक्त को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना है।
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पहले दिन सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति सामान्य रही, जबकि अधिकतर निजी स्कूल त्योहारी सीजन समाप्त होने के बाद ही बच्चों को बुलाने की तैयारी में जुटे हैं। स्कूलों में कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया गया। स्कूल खुलने और लंबे समय बाद अपने दोस्तों से मिलने पर बच्चे काफी उत्साहित थे। स्कूलों में बच्चों का स्वागत करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। सरकारी स्कूलों में कहीं फिल्म दिखाकर तो कहीं डांस व म्यूजिक के माध्यम से बच्चों का स्वागत किया गया।
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ऑफलाइन पढ़ाई दोबारा शुरू करने से पहले बच्चों को स्कूलों से सामान्य रूप से जोड़ने के लिए कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। वेस्ट विनोद नगर स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बच्चों से बातचीत में कहा कि स्कूल काफी समय बंद रहने से पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। हमें बच्चों के स्वास्थ्य के साथ पढ़ाई की भी चिंता है। अब भी स्कूलों को नहीं खोला गया तो एक पूरी पीढ़ी नॉलेज गैप के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। सभी स्कूलों में कोरोना प्रोटोकॉल और सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उम्मीद है कि स्कूलों के खुलने के बाद हमारे शिक्षक व अभिभावक साथ मिलकर बच्चों के इस लर्निंग गैप को खत्म करने का काम करेंगे। हमने ध्यान रखा है कि किसी अभिभावक को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। दिल्ली में 9वीं से 12वीं तक के स्कूल एक सितंबर से ही खुल चुके हैं। सभी कक्षाओं के लिए स्कूलों के दोबारा खुलने के बाद भी सभी शैक्षणिक गतिविधियां ब्लेंडेड तरीके से ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी चलती रहेंगी।
त्योहारी सीजन के बाद खुलेंगे निजी स्कूल
माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा ने कहा कि अभिभावकों से स्कूल आने के लिए सहमति पत्र लेने शुरू किए गए हैं। अभी एक सप्ताह तक त्योहार हैं। उसके बाद छठ पूजा है। ऐसे में 8 नवंबर या छठ पूजा के बाद ही स्कूल खोलने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, अभी अभिभावकों में बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंता है। डीएवी मौसम विहार की प्रिंसिपल वंदना कपूर ने कहा कि छठ पूजा के बाद ही पहली से आठवीं तक के बच्चों को बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों को मंगलवार से सहमति पत्र भेजना शुरू करेंगे।
सिसोदिया ने छोटी बच्ची से कराया चेकअप
स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने एक बच्ची को डॉक्टर किट से खेलते हुए देखा तो उन्होंने उससे चेकअप भी करवाया। इस दौरान बच्ची ने उन्हें इंजेक्शन लगाया। सिसोदिया ने वैक्सीन के कारण दर्द होने की शिकायत की तो बच्ची ने उन्हें दवा का पर्चा लिखा और रात को खाने की सलाह दी। साथ ही ठंड के मौसम में आइसक्रीम से परहेज करने को कहा।
मुश्किल वक्त पीछे छोड़ आगे बढ़ना है : सीएम
स्कूल खुलने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि स्कूल के बिना बच्चों का बचपन अधूरा रहता है। यह देखकर अच्छा लगा कि डेढ़ साल बाद बच्चे अपने स्कूल और कक्षाओं में पहुंचे। अब हम सबको मुश्किल वक्त को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना है।