Weather Update: चार दिन में होगी दिल्ली से मानसून की विदाई, 56 सालों में दूसरी बार सबसे देरी से हो रहा विदा
दिल्ली में इस पूरे मानसून की बात करें तो नए रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं। आमतौर पर भारत में मानसून केरल से तीन जून के आसपास दस्तक देता है और आगामी 15 जून तक पूर्वी, मध्य, पश्चिमी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी भाग को 15 जून तक कवर कर लेता है। हालांकि, दिल्ली में इस बार मानसून ने 13 जुलाई को दस्तक दी थी जोकि पिछले कई वर्षों में देरी से था।
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दिल्ली-एनसीआर में बारिश का नए रिकॉर्ड बनाने के साथ बुधवार से दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर-पश्चिम भारत से विदाई लेना शुरू कर दिया है। अगले चार दिनों के भीतर यह दिल्ली समेत पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के कुछ भागों से पूरी तरह विदाई ले लेगा। बीते 56 सालों में यह दूसरी बार है जब सबसे देरी से मानसून विदाई ले रहा है। इससे पहले वर्ष 2019 में नौ अक्तूबर को सबसे देरी से मानसून लौटने का रिकॉर्ड है। वहीं, 1975 में 23 सितंबर को मानसून ने विदाई ली थी। आमतौर पर यह 17 सितंबर तक लौट जाता है।
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक राजेंद्र जेनामणी के मुताबिक, छह अक्तूबर से उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो गई है। इस कड़ी में पश्चिमी राजस्थान से मानसून ने लौटना शुरू कर दिया है। अगले चार दिनों के भीतर बाकी राज्यों से भी मानसून पूरी तरह से लौट जाएगा। हालांकि, दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में देरी से मानसून लौटने की संभावना बनी हुई है।
दिल्ली में इस पूरे मानसून की बात करें तो नए रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं। आमतौर पर भारत में मानसून केरल से तीन जून के आसपास दस्तक देता है और आगामी 15 जून तक पूर्वी, मध्य, पश्चिमी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी भाग को 15 जून तक कवर कर लेता है। हालांकि, दिल्ली में इस बार मानसून ने 13 जुलाई को दस्तक दी थी जोकि पिछले कई वर्षों में देरी से था।
वहीं, बीते तीन सालों से लगातार देश में सामान्य व इससे अधिक मानसून रिकॉर्ड किया गया है। जून में 110 फीसदी, जुलाई में 93 फीसदी व अगस्त में 76 फीसदी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हालांकि, जुलाई और अगस्त की कमी को सितंबर ने 135 फीसदी वर्षा के रिकॉर्ड के साथ पूरा कर दिया था। इस कड़ी में दिल्ली में भी बारिश ने नए रिकॉर्ड बनाए थे। दिल्ली में सितंबर में 413.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इससे पहले 1944 में 417.3 मिमी बारिश का रिकॉर्ड है। वहीं, पूरे मानसून का रिकॉर्ड 1179 मिमी का है। इससे पहले 1933 में 1190 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
आज से छाने लगेगा हल्का कोहरा
दिल्ली-एनसीआर का मौसम अब करवट लेने की राह पर है। बीते दिनों बारिश के दौर के बाद अब कोहरे का नया दौर शुरू हो रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह से सड़कों पर बहुत हल्के स्तर का कोहरे देखने को मिलेगा। इसका प्रमुख कारण मौसम का पूरी तरह से साफ रहना, हवा क न चलना और वातावरण में नमी का अधिक होना बताया जा रहा है। हालांकि, दिनभर मौसम साफ रहने के कारण सूरज के तल्ख तेवरों का सामना करना होगा और उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।
मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक अधिक 34.9 व न्यूनमतम तापमान सामान्य से चार अधिक 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में हवा में नमी का स्तर 52 से 90 फीसदी तक रहा। दिल्ली के अन्य मानक केंद्रों की बात करें तो पालम में अधिकतम तापमान 35.1, लोधी रोड में 34.6, रिज में 34, गुरुग्राम में 34.6 व नोएडा में 34.1 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिनों तक सुबह के समय बहुत हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह बहुत लंबे समय तक नहीं रहेगा। जैसे-जैसे दिन चढ़ना शुरू होगा और तापमान बढ़ेगा वैसे-वैसे हल्का कोहरा भी छंट जाएगा। अधिकतम तापमान 35 व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। पूरे सप्ताह लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।