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Delhi News: तीन घंटे सांसों पर रहा सांसत, एक कमरे में तेंदुआ तो दूसरे में सो रहे थे 4 बच्चे

Mon, 01 Apr 2024 07:29 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2024 07:29 PM IST
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Was holding breath for three hours, leopard was sleeping in one room and 4 children were sleeping in the other
कमरे में कर रहा था तोड़फोड़, वन विभाग के अधिकारियों ने मशक्कत के बाद बच्चों को निकाला बाहर
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आशीष सिंह
नई दिल्ली। मेरे बच्चे कमरे में सो रहे हैं और दूसरे कमरे में तेंदुआ है। कोई मेरे बच्चों को बचा लो। मेरे पति व देवर को तेंदुए ने बुरी तरह से घायल कर दिया है। यह कहते हुए निशा नाम की महिला फफककर-फफककर रोने लगती हैं। कुछ देर में उन्हें ढांढस देते हुए गांव के लोग घटनास्थल से दूर ले जाते हैं। लोग बस यही दुआ कर रहे थे कि बच्चों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए। जैसे-जैसे वक्त बीत रहा था, वैस-वैसे लोगों में कहीं कोई अप्रिय घटना न घट जाए, इसकी चिंता बढ़ती जा रही थी। लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम के साथ अंदर से बाहर आए बच्चों की आवाज आती है कि मम्मी-पापा हम बाहर आ गए हैं। बच्चों का इंतजार कर रहे दादा महेंद्र और दादी सरोज उन्हें देखकर भावुक हो जाते हैं। उन्हें अपने सीने से लगा लेते हैं, तभी दादी सरोज बताती हैं कि वह बरसाना जा रही थीं, लेकिन घटना की जानकारी मिलने के बाद आधे रास्ते से वापस आई हैं।

निशा बताती हैं कि वह सुबह छह बजे मंदिर में पूजा करने निकली थी, लेकिन गांव में शोर मच रहा था कि तेंदुआ आया है। वह बच्चों के कमरे का दरवाजा लॉक करके गई थी। रोते हुए वह कहती हैं कि अगर दरवाजा बंद नहीं करती, तो शायद बड़ी घटना घट सकती थी। कमरे में 11 वर्षीय बेटी जीविका, छह वर्षीय बेटा वेदांत, दो वर्षीय बेटा
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कनिष्क और 15 वर्षीय भतीजी निधि थी। कमरे के अंदर बंद रही जीविका ने बाहर आकर बताया कि वह काफी डर गई थी, सब तरफ से शोर हो रहा था। तेंदुआ कमरे में तोड़फोड़ कर रहा था, तो वह आवाज साफ सुनाई दे रही थी। कई बार ऐसा भी लग रहा था कि कहीं तेंदुआ कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर न आ जाए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। सभी भाई-बहन का भी ख्याल रखा।
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बच्चों को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़े लोग


गांव वालों ने बताया कि तेंदुए से बच्चों को बचाने के लिए लोग तेंदुए से भिड़ गए थे, जिससे वह जख्मी हो गए। तेंदुए ने कई लोगों पर हमला भी किया। बच्चों के पिता विपिन और चाचा नितिन अधिक जख्मी हो गए। घर के बाहर लोगों की भीड़ डंडों व वन विभाग, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीम तैनात नजर आई। कुछ लोग अपने-अपने घरों की छत से घटना को देखते दिखे। तेंदुए के हमले में घायल सतीश कुमार ने बताया कि उन्होंने तेंदुए को पेड़ पर चढ़ते हुए देखा था, लेकिन जैसे ही वह घर की ओर घुसा, तो ठंडा लेकर मारना शुरू किया। तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। उन्होंने कहा कि यमुना के पास कोई चकबंदी नहीं है, जिससे तेंदुए यहां आ जाते हैं।


घटना के बाद लोग खौफजदा दिखे
गांव में रहने वाले नरेश ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले तेंदुआ देखा था, जब वह सुबह साढ़े पांच बजे घर से बाहर निकले थे। जैसे ही वह घर से बाहर आए, तो तेंदुआ गली में घूमता दिखा। उन्होंने शोर मचाया तो घर के सदस्य और गांव के लोग बाहर आए। इस बीच उनके बेटे आकाश को तेंदुए ने पीछे से पंजा मारकर घायल कर दिया। पूरे गांव में शोर मच गया। घटना के बाद लोग खौफजदा दिखे। लोगों में तेंदुए को लेकर दहशत है। लोगों ने कहा कि सुबह जो लोग सैर पर जाते हैं उन पर तेंदुए ने हमला किया है।




ग्रामीणों ने बचाव कार्य में किया सहयोग


वन विभाग की टीम के साथ स्थानीय लोगों ने भी तेंदुए को रेस्क्यू करने में काफी मदद की। जैसे-जैसे वन विभाग की टीम दिशा-निर्देश दे रही थी, वैसे ही गांव के युवा उसे लागू कर रहे थे। हालांकि, डर के चलते लोगों ने मजबूरन खुद को अपने घरों में कैद किया था। तेंदुए का डर का असर यह है कि स्थानीय लोग सुरक्षा को लेकर देर शाम तक पहरा दे रहे हैं। गांव में रहने वाले अमित डेढ़ा ने बताया कि भय का माहौल जरूर है। गांव के लोगों को घायल कर दिया है, लेकिन, बच्चे सब सुरक्षित हैं। वन विभाग को यमुना किनारे बाउंड्री करनी चाहिए।




कब-कब दिखे दिल्ली में तेंदुए



13 दिसंबर 2023 : अलीपुर में तेज रफ्तार वाहन ने तेंदुए को टक्कर मारी। हादसे में तेंदुआ मर गया।

3 दिसंबर 2023 : सैनिक फॉर्म इलाके में दिखा था तेंदुआ।

मार्च 2021 : असोला भाटी में तेंदुआ दिखा।

जनवरी 2021 : नजफगढ़ के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ।

फरवरी 2019 : तिलपत वैली बायोडायवर्सिटी पार्क में दिखा।

अप्रैल 2018 : एयरफोर्स स्टेशन नरेला के पास दिखा।

मार्च 2017 : तीन तेंदुए असोला भाटी में दिखाई दिए।

दिसंबर 2016 : यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क में कई बार दिखा तेंदुआ।

दिसंबर 2015 : उस्मानपुर में देखा गया।

फरवरी 2015 : असोला भाटी में तेंदुए के पद चिह्न दिखने के साथ एक चीतल भी मरा हुआ पाया गया
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