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Tihar Jail: तिहाड़ जेल में बंद कैदी के पेट से निकाले गए दो मोबाइल
Thu, 08 Sep 2022 04:26 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 08 Sep 2022 04:26 AM IST
सार
Delhi News: तिहाड़ जेल पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जेल संख्या-एक में बंद इस कैदी ने जेल अधिकारियों को बताया कि उसे जेल में पैसा कमाने का आइडिया आया था। जब वह जेल से बाहर आया तो उसने चार छोटे मोबाइल निगल लिए।
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Tihar jail
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
Delhi News: तिहाड़ जेल में एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। एक कैदी पैसा कमाने के लिए चार मोबाइल निगल गया। डाक्टरों ने आपरेशन करके उसके पेट से दो मोबाइल फोन निकाले हैं। पेट में अभी दो और मोबाइल फोन और हैं। उनको निकालने के लिए जल्द ही दूसरा ऑपरेशन किया जाएगा। जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि कैदी की जीबी पंत अस्पताल में इंडोस्कोपी की गई।
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तिहाड़ जेल पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जेल संख्या-एक में बंद इस कैदी ने जेल अधिकारियों को बताया कि उसे जेल में पैसा कमाने का आइडिया आया था। जब वह जेल से बाहर आया तो उसने चार छोटे मोबाइल निगल लिए। उसे लगा कि वह मोबाइल फोनों को अन्य कैदियों को बेच देगा।
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मोबाइल निगलने के बाद वह तिहाड़ जेल चला गया। वहां उसकी तलाशी ली गई, मगर कुछ पता नहीं लगा। जेल में जाकर उसने मोबाइल फोनों को बाहर निकालने की अपने स्तर पर बहुत कोशिश की, मगर मोबाइल फोन निकले नहीं। इसके बाद उसे पेट में दर्द हो गया। इससे वह डर गया और उसने जेल अधिकारियों को बताया कि उसके पेट में चार मोबाइल फोन हैं।
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जेल अधिकारियों ने शुरू में उसका मजाक उड़ाया और उसकी बात को टाल दिया। कैदी अपनी बात पर अड़ा रहा तो उसे डीडीयू अस्पताल भेजा गया। यहां भी डॉक्टरों को उसकी बात पर यकीन नहीं हुआ। यहां से उसे जीबी पंत अस्पताल भेज दिया गया। यहां पर डॉक्टरों ने पहले उसकी इंडोस्कोपी की। इससे पता लगा कि उसके पेट में मोबाइल फोन हैं। इसके बाद ऑपेरशन कर बुधवार को दो मोबाइल निकाल दिए गए। जेल अधिकारियों का कहना है कि दो अन्य मोबाइलों को निकालने के लिए जल्द ही उसका दूसरा ऑपरेशन किया जाएगा।
रंगदारी न देने पर तिहाड़ में बंद गैंगस्टर के इशारे पर हुई थी हत्या
उत्तरी दिल्ली के हाईप्रोफाइल अमित गुप्ता की हत्या की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस को कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस संबंध में गांव सोरखा, सेक्टर-115, गौतमबुद्ध नगर, यूपी निवासी अमित यादव उर्फ राहुल उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, रंगदारी न देने पर जेल में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर अमित की हत्या हुई थी।
पता चला है कि आरोपी 22 अगस्त को मुंडका इलाके में हुए दोहरे हत्याकांड में भी शामिल था। इसके अलावा पिछले दिनों सोनीपत के खरखौदा में भी आरोपी ने एक शख्स पर गोली चलाकर उसको जख्मी कर दिया था। पुलिस उससे पूछताछ कर उसके बाकी साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि गुजरांवाला टाउन निवासी अमित गुप्ता की बाइक सवार बदमाशों ने 23 अगस्त को बुराड़ी में हत्या कर दी थी। अमित अपनी कार से दफ्तर के सामने पहुंचे थे। जैसे ही वह कार से उतरे अचानक बदमाशों ने उन पर गोलियां दाग दीं। इलाज के दौरान चार सितंबर को अमित की मौत हो गई।
हत्या का मामला दर्ज कर जांच के लिए 10 टीमों का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने मंगलवार को अमित यादव को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि जेल में बंद गैंगस्टर के इशारे पर हत्याकांड को अंजाम दिया।