दिल्ली: अपने गांव का नाम भी नहीं बता पा रही थी युवती, एसआई योगेंद्र की सूझबूझ से परिजनों तक पहुंची
नई दिल्ली के तुगलक रोड थाने में तैनात एसआई योगेंद्र कुमार की सूझबूझ व युवती को उसके परिजनों तक पहुंचाने की उनकी जिद ने एक युवती 12 घंटे में ही अपने परिजनों से मिलवा दिया। युवती की मानसिक हालत ठीक नहीं थी और वह भटक कर खान मार्केट में पहुंच रही थी।
मनोचिकित्सक भी युवती से उसके परिजनों के बारे में कुछ पूछ नहीं पाए। युवती की बोलने की भाषा से एसआई योगेंद्र युवती के परिजनों तक पहुंच गए। उन्होंने युवती को नोएडा में रहने वाले उसके मामा के हवाले कर दिया है। परिजन एसआई योगेंद्र कुमार का धन्यवाद करते नहीं थक रहे हैं।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे पीसीआर वैन ने 100 नंबर पर कॉल कर सूचना दी थी कि एक युवती की मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही है और वह लावारिस हालत में खान मार्केट में घूम रही है।
सूचना के बाद तुगलक रोड थानाध्यक्ष गोविंद चौहान के निर्देश पर एसआई योगेंद्र कुमार व महिला एसआई कामिनी मौके पर पहुंची। युवती को मेडिकल जांच के लिए आरएमएल अस्पताल ले जाया गया।
वहां उसकी मेडिकल जांच व काउंसिलिंग कराई गई। युवती की मानसिक हालत इस कदर खराब थी कि आरएमएल में मनोचिकित्सक भी युवती से कुछ नहीं पूछ पाए। युवती को तुगलक रोड थाने ले जाया गया। यहां पर उसे खाना खिलाया गया।
एसीपी चाणक्यपुरी प्रज्ञा आनंद ने टीम को युवती को परिजनों को तलाशने के लिए कहा। एसआई योगेंद्र ने युवती के परिजनों को ढूंढने का जिम्मा संभाला। करीब तीन घंटे तक बात करने के बाद युवती कुछ नहीं बता पाई। युवती अपना नाम रिशा बता रही थी।
युवती के पर्स से डीटीसी के कुछ टिकट मिले। टिकटों के आधार पर पुलिस डीटीसी बसों तक पहुंची, मगर यहां से भी युवती के परिजनों के बारे में कुछ पता नहीं लगा। तभी युवती की बोली से एसआई योगेंद्र कुमार को पता लगा कि बिहार की हो सकती है। युवती बिहार में शेखपुरा जिले का नाम बता रही थी। एसआई योगेंद्र कुमार ने शेखपुरा जिले में कई थाना पुलिस से युवती के गायब होने के बारे में पूछा।
गूगल से गांवों के नाम बताए गए
एसआई योगेंद्र कुमार ने शेखपुरा जिले के सभी गांवों का नाम गूगल से पता किया और खेल-खेल में युवती से एक-एक गांव का नाम बताकर पूछा। युवती ने एक गांव के नाम पर सिर हिलाया।
इसके बाद एसआई योगेंद्र कुमार ने उस गांव की पुलिस को फोन किया तो वहां युवती के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज थी। वहां पर युवती की मां का नंबर मिल गया।
युवती को 12 घंटे में मामा तक पहुंचाया
एसआई योगेंद्र ने युवती की मां से बात करने के बाद नोएडा में रहने वाले उसके मामा का पता व नंबर लिया। इसके बाद युवती को उसे मामा को हवाले कर दिया गया। रिशा पटेल उर्फ रिमझिम(22) नाम की युवती पांच-छह दिन पहले बिहार से अपनी मां के साथ दिल्ली आई थी।
रेलवे स्टेशन पर वह मां से बिछड़ गई थी। इसके बाद युवती घूमती हुई खान मार्केट आ गई थी। रिशा की मां वापस बिहार लौट गई थी और वहां गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तुगलक रोड थाना पुलिस ने अच्छा काम किया है: डीसीपी
नई दिल्ली डीसीपी डा. ईश सिंघल ने बताया कि तुगलक रोड थाना पुलिस ने अच्छा काम करते हुए युवती को उसके परिजनों तक सही सलामत पहुंचा दिया। उम्मीद है पुलिसकर्मी आगे भी ऐसे काम करते रहेंगे। उन्हें हर तरह का सहयोग मिलेगा।