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Delhi : उत्तर भारत में बारिश-बाढ़ से बढ़ी मुसीबत, 15 जुलाई तक 1200 ट्रेनें प्रभावित, बस-मेट्रो सहित सब पर असर
Fri, 14 Jul 2023 02:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 14 Jul 2023 02:37 AM IST
सार
7 जुलाई से 15 के बीच 291 से अधिक मेल/ एक्सप्रेस और 406 पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। यात्रियों की परेशानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 654 मेल व एक्सप्रेस और 544 से अधिक यात्री ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।
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दिल्ली में बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर भारत में भारी बारिश और ट्रैक पर पानी के कारण 15 जुलाई तक करीब 1200 ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। 7 जुलाई से 15 के बीच 291 से अधिक मेल/ एक्सप्रेस और 406 पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। यात्रियों की परेशानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 654 मेल व एक्सप्रेस और 544 से अधिक यात्री ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। इसमें कई ट्रेन निरस्त कर दी गईं तो परिवर्तित मार्ग से चलीं। इसके अलावा कई को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया।
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बारिश से रेलवे ट्रैक, वाशिंग यार्ड समेत अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ है। लिहाजा इन इलाकों में ट्रेन सेवाएं बाधित हुई है, जिससे रेलवे को नुकसान होने के साथ यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। उत्तर रेलवे की बात करें तो बृहस्पतिवार तक करीब 300 मेल/ एक्सप्रेस निरस्त रहीं जबकि 100 ट्रेनों को मार्ग में रोक कर चलाया गया।
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पुराना लोहे का पुल बंद होने से ट्रेनों के संचालन पर असर
पुराना लोहे का पुल बंद होने से ट्रेनों का संचालन पर असर पड़ा है। ज्यादातर ट्रेनों को दिल्ली स्टेशन के 8-10 किलोमीटर की दूरी पर रोक दिया जा रहा है। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का संचालन नहीं होने की वजह से नई दिल्ली और आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों केे संचालन का दबाव बढ़ा हुआ है। इ
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मेट्रो की रफ्तार थमी
यमुना में बढ़े जलस्तर से मेट्रो की रफ्तार बृहस्पतिवार को थम गई। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने यमुना पर बने पुल से गुजरने वाली मेट्रो की गति 30 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दी। इससे ब्लू व पिंक लाइनों पर मेट्रो धीरे चलने के साथ रूक-रूक कर चली। हालांकि, बाकी सभी लाइनों पर मेट्रो की गति सामान्य रही। वहीं, बाढ़ की स्थिति को देखते डीएमआरसी ने एहतियातन यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन का निकासी व प्रवेश द्वार बंद कर दिया है।
हालांकि, यहां से यात्री नोएडा व वैशाली जाने के लिए मेट्रो इंटरचेंज कर सकते हैं। मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों को ट्वीट कर मेट्रो स्टेशन बंद व रफ्तार कम करने को लेकर सूचना दी। मेट्रो प्रबंधन से जुड़े अधिकारी ने कहा कि बाढ़ के बाद भी मेट्रो चल रही है। यात्री अपने तय स्थान पर सुरक्षित पहुंचे, इसके लिए निरंतर मेट्रो कार्य कर रही है। कई लोगों ने मेट्रो की सुविधा को लेकर ट्वीट के जरिए तारीफ की।
डीटीसी ने बदले बस के रूट
रिंग रोड पर बाढ़ का पानी भरने से दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की कई बसों को रूट बदलने पड़े। इससे यात्रियों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर बाहरी रिंग रोड पर राजघाट, कश्मीर गेट, आईपी डिपो समेत कई रूट पर चलने वाली बसों को भीतर के रास्तों से गुजरना पड़ा। दरियागंज में बस का इंतजार कर रहे सुरेश ने बताया कि यमुना पार जाना है, लेकिन कोई बस नहीं आ रही है।
कश्मीरी गेट बस अड्डा बंद, निजी वाहन चालकों ने की वसूली
यमुना का पानी बृहस्पतिवार को कश्मीरी गेट बस अड्डे (आईएसबीटी) में घुस गया। दोनों ओर से आने वाले रास्तों पर कई फुट तक पानी भरने से बस अड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इससे जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब की सरकारी बसें यहां नहीं पहुंच सकीं और न ही यहां से दूसरे राज्यों के लिए बसें चल पाईं। इस कारण दिनभर यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में बाढ़ को देखते हुए अन्य राज्यों ने बसों की संख्या कम कर दी है। परिसर से पानी आगे न बढ़े इसके लिए यहां मिट्टी भरकर बोरियां लगाई गईं, लेकिन पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि इंतजाम नाकाफी साबित हुए। दुकानदारों ने खाने-पीने की दुकानें तक खाली कर दी हैं। इधर, बस अड्डे में पानी भरने से यात्रियों को अन्य राज्य जाने के लिए सरकारी बस नहीं मिल रही हैं। ऐसे में निजी बस संचालक व टैक्सी चालक यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। दिल्ली से देहरादून जाने के लिए टैक्सी चालक 12 से 15 हजार रुपये की मांग करते दिखे। वहीं, दिल्ली से हिसार जाने के लिए साढ़े सात हजार रुपये वसूले गए। वहीं, निजी बस चालक दिल्ली से चंडीगढ़ जाने के लिए प्रतिव्यक्ति 34 सौ रुपये व दिल्ली से हिसार के 15 सौ रुपये वसूलते नजर आए।
मुसीबत के मारे....ये बेचारे
मुझे देहरादून जरूरी कार्य से जाना था। मेरी ट्रेन की टिकट भी रद्द हो गई है। यहां बस पकड़ने आया था, वह भी नहीं चल रही है। सुबह से बस का इंतजार कर रहा हूं। कोई भी स्पष्ट रूप से नहीं बता रहा है कि बस कहां से मिलेगी। टैक्सी चालक देहरादून जाने के लिए 13 हजार रुपये मांग रहे हैं।
-संदीप, यात्री
मुझे परिवार के साथ पंजाब जाना है। बीती रात से यहीं बस का इंतजार रहा हूं। सरकारी बसें चल नहीं रही हैं। साथ में पूरा परिवार है, दिल्ली के रास्ते बंद हैं। बड़ी मुश्किल से मेट्रो से यहां तक पहुंचे थे, लेकिन अब समझ नहीं आ रहा है कि कहां जाएं। निजी बस चालक बलटाना तक के लिए प्रतिव्यक्ति 2400 रुपये मांग रहे हैँ।
-तेजपाल सिंह, यात्री