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फर्जी सेल डीड बनाकर संपत्ति की खरीद-फरोख्त में तीन गिरफ्तार
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नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जी सेल डीड के जरिये एक प्रॉपर्टी को बेचने और खरीदने के मामले में तीन किराएदारों को गिरफ्तार किया है। प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों का मामला अदालत में चल रहा है। एक पक्ष की ओर से अदालत की सुनवाई के लिए अधिकृत प्रतिनिधि ने फर्जी सेल डीड जरिये किराएदारों को प्रॉपर्टी बेच दी थी। इस मामले में पुलिस अधिकृत प्रतिनिधि को पहले गिरफ्तार कर चुकी है।
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मॉडल टाउन निवासी नरेंद्र भाटिया, शाहदरा निवासी उषा देवी और नोएडा, गौतमबुद्ध नगर निवासी एहसान मोहम्मद के रूप में हुई है। इस मामले में वर्ष 2019 को योगेश नारायण गुप्ता ने शाखा में शिकायत दी थी।
उसने बताया कि वह गार्स्टिन बैशन रोड, नई दिल्ली स्थित प्रॉपर्टी का वर्ष 2006 से पंजीकृत मालिक है। इस प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को लेकर उसका रमेश जैन से विवाद चल रहा है। मामला अदालत में लंबित है। रमेश जैन ने अदालत में सुनवाई के लिए भूपेंद्र सिंह चौहान को अधिकृत किया है। उसने फर्जी सेल डीड बनाकर प्रॉपर्टी को किराएदारों उषा देवी, एहसान और नरेंद्र भाटिया को बेच दिया।
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उसने आरोप लगाया कि आसफ अली रोड स्थित उप-पंजीयक की मिलीभगत से इसे अंजाम दिया गया। जिन्हें प्रॉपर्टी के लंबित मुकदमे के बारे में जानकारी थी। इस बात की जानकारी तीनों किराएदारों को भी थी जो विवाद की वजह से अदालत में किराया जमा कर रहे थे।
जांच में पता चला कि भूपेंद्र सिंह चौहान को प्रॉपर्टी को बेचने के लिए अधिकृत नहीं किया गया था। बल्कि उसे अदालत में चल रहे मामले के लिए अधिकृत किया गया था। पुलिस ने फर्जीवाड़े के आरोप में भूपेंद्र को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस ने तीनों किराएदार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।
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शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मॉडल टाउन निवासी नरेंद्र भाटिया, शाहदरा निवासी उषा देवी और नोएडा, गौतमबुद्ध नगर निवासी एहसान मोहम्मद के रूप में हुई है। इस मामले में वर्ष 2019 को योगेश नारायण गुप्ता ने शाखा में शिकायत दी थी।
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उसने बताया कि वह गार्स्टिन बैशन रोड, नई दिल्ली स्थित प्रॉपर्टी का वर्ष 2006 से पंजीकृत मालिक है। इस प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को लेकर उसका रमेश जैन से विवाद चल रहा है। मामला अदालत में लंबित है। रमेश जैन ने अदालत में सुनवाई के लिए भूपेंद्र सिंह चौहान को अधिकृत किया है। उसने फर्जी सेल डीड बनाकर प्रॉपर्टी को किराएदारों उषा देवी, एहसान और नरेंद्र भाटिया को बेच दिया।
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उसने आरोप लगाया कि आसफ अली रोड स्थित उप-पंजीयक की मिलीभगत से इसे अंजाम दिया गया। जिन्हें प्रॉपर्टी के लंबित मुकदमे के बारे में जानकारी थी। इस बात की जानकारी तीनों किराएदारों को भी थी जो विवाद की वजह से अदालत में किराया जमा कर रहे थे।
जांच में पता चला कि भूपेंद्र सिंह चौहान को प्रॉपर्टी को बेचने के लिए अधिकृत नहीं किया गया था। बल्कि उसे अदालत में चल रहे मामले के लिए अधिकृत किया गया था। पुलिस ने फर्जीवाड़े के आरोप में भूपेंद्र को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस ने तीनों किराएदार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।