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दिल्ली: गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार, कारोबारी से मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी, साजिश नाकाम

Fri, 02 Oct 2026 07:09 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 02 Oct 2026 07:09 PM IST
सार

उत्तरी जिला पुलिस ने गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े भारत-दुबई रंगदारी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दिल्ली के एक कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी और मांग पूरी नहीं होने पर उसके घर पर गोलीबारी की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपियों को समय से गिरफ्तार कर फायरिंग की वारदात रोक दी है।
 

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Three accused linked to Goldy Brar gang arrested they had demanded crore in extortion from a businessman but p
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तरी जिला पुलिस ने गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े भारत-दुबई रंगदारी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दिल्ली के एक कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी और मांग पूरी नहीं होने पर उसके घर पर गोलीबारी की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपियों को समय से गिरफ्तार कर फायरिंग की वारदात रोक दी है।

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उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त(डीसीपी) निहारिका भट्ट ने बताया कि कारोबारी प्रवीण जैन को 16 सितंबर की रात तीन मिस्ड कॉल आईं। इसके बाद उनके बेटे आयुष को संयुक्त अरब अमीरात के नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का सहयोगी बताते हुए परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी और एक करोड़ रुपये की मांग की। उपायुक्त निहारिका भट्ट ने बताया कि जांच के दौरान जिले के एसटीएफ प्रभारी आशीष दुबे, रूप नगर थानाध्यक्ष रमेश कौशिक, एसआई सरताज और एएसआई राजीव की टीम ने कॉल और डिजिटल संचार के स्रोतों का विश्लेषण किया गया। जांच में यूएई से जुड़े सर्वर और डेटा सेंटर के जरिए कॉल किए जाने की जानकारी सामने आई।
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पुलिस ने गुजरात पुलिस की मदद से 24 सितंबर को अहमदाबाद के वेजलपुर से आरिफ उर्फ पिस्टल (32) को गिरफ्तार किया। उसके बाद 25 सितंबर को दिल्ली से मुबारिक उर्फ गुल्लू को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक दोनों दुबई में मौजूद आरोपियों और भारत में उनके सहयोगियों के बीच संपर्क का काम कर रहे थे। उत्तरी जिला पुलिस ने दावा किया कि आरिफ ने दुबई में मौजूद एक व्यक्ति को रंगदारी के लिए फोन करने के वास्ते पैसे देने की पेशकश की थी। उसे हरियाणवी में बात करने के लिए कहा गया था ताकि कॉल स्थानीय अपराधी की ओर से आया हुआ लगे।
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जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कारोबारी के घर पर कई गोलियां चलाने की साजिश भी रच ली थी। पुलिस ने समय रहते सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाकर हमले की कथित साजिश को नाकाम कर दिया। पुलिस के मुताबिक, इसी यूएई नंबर से रोहिणी के एक अन्य कारोबारी को भी एक करोड़ रुपये की रंगदारी के लिए धमकी दी गई थी। इस मामले में भी गोल्डी बराड़ गिरोह से संबंध होने का दावा किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने वारदात को अंजाम देने के लिए चार शूटरों को भी लगाए जाने का पता लगाया। इनमें से नवाब अली उर्फ सोनीज को एक अक्टूबर को रेलवे सुरक्षा बल की मदद से रेवाड़ी के पास चलती ट्रेन से पकड़ा गया। पुलिस अब मामले में फरार अन्य आरोपियों और दुबई में मौजूद कॉलर की तलाश कर रही है। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों, संचार रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।

ऐसे किया विश्लेषण-
कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच से ओवीएच एसएएस फ्रांस से जुड़ा आईपी एड्रेस मिला, जिससे वीपीएस/डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल का पता चला, जबकि जुड़े हुए डिजिटल अकाउंट्स से यूएई कनेक्शन का संकेत मिला। इसके सब्सक्राइबर अबूजर के 13 सितंबर को दुबई जाने की बात सामने आई। दुबई में उस्मान के सिम और एक हैंडसेट के आईएमईआई के इस्तेमाल से टेक्निकल जांच में और कड़ियां मिलीं। इन सुरागों के आधार पर, टीम ने देहरादून और करनाल में जुबैर, मारूफ और उस्मान का पता लगाया और उनसे पूछताछ की। उनकी पूछताछ और टेक्निकल एनालिसिस से पता चला कि धमकी भरा कॉल दुबई से आरिश ने किया था, जो उस्मान और अबूजर का भाई बताया जाता है। उत्तर प्रदेश के शामली जिले के रसूलपुर गुजरान का रहने वाला आरिफ उर्फ पिस्तौल एक अहम भारतीय ऑपरेशनल कड़ी के तौर पर सामने आया। उसने आरिश को कॉल करने के लिए मोटी रकम की पेशकश की और उसे हरियाणवी में बात करने के लिए कहा ताकि विदेश से आई धमकी किसी स्थानीय अपराधी साथी की ओर से की गई लगे। आगे की जांच में टिटवारा के मुबारक उर्फ गुल्लू की भी मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर भूमिका का पता चला है।


आरोपी क्या है-
मूल रूप से रसूलपुर गुजरान, शामली, उत्तर प्रदेश निवासी आरिफ उर्फ पिस्टल (32) पुत्र इनाम गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े भारत-दुबई जबरन वसूली नेटवर्क में एक अहम भारतीय कड़ी के तौर पर काम कर रहा था। वह पहले भी शामली जिले के कैराना पुलिस स्टेशन में 2016 और 2026 के बीच दर्ज 12 मामलों में शामिल रहा है, जो हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी, दंगा और आर्म्स एक्ट के अपराधों से संबंधित हैं। टिटवाडा निवासी मुबारक उर्फ गुल्लू शिकायतकर्ता के पार्टनर दिलशाद का सगा भाई है। वह मुख्य साजिशकर्ता है। उसने ही पूरी साजिश रची थी और सह-आरोपी आरिफ को सारी ज़रूरी जानकारी दी थी। उसने दिल्ली के किरारी में शूटर्स के रहने का इंतज़ाम भी किया और उनके रहने की जगह का किराया भी दिया। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खलापार का रहने वाला नवाब अली उर्फ सोनीज उन चार वांटेड शूटर्स में से एक था जिन्हें तय की गई फायरिंग को अंजाम देने के लिए काम पर रखा गया था।

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