फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Three AAP MLAs acquitted of allegations of assault and sexual harassment of women in Vidhan Sabha

विधानसभा में महिला से मारपीट और यौन उत्पीड़न के आरोप से आप के तीन विधायक बरी, महिला के बयानों में विरोधाभास 

Tue, 19 Jan 2021 11:32 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Tue, 19 Jan 2021 11:32 PM IST
विज्ञापन
Three AAP MLAs acquitted of allegations of assault and sexual harassment of women in Vidhan Sabha
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) के तीन विधायकों को एक महिला से मारपीट करने, छेड़छाड़ इत्यादि मामले में पुलिस की कार्यशैली व महिला के बयानों को संदेह के दायरे में लेते हुए बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि तीनों विधायकों के खिलाफ मामला नहीं बनता ऐसे में वे उन्हें बरी कर रहे है। मामला वर्ष 2017 का है।
विज्ञापन


राउज एवेन्यू अदालत स्थित अतिरिक्त मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह ने तत्कालीन विधायक जरनैल सिंह, अमानतुल्लाह खान और सोमनाथ भारती को बरी करते हुए कहा, मेरा मानना है कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश सामग्री में खामियों की वजह से गंभीर संदेह पैदा हो रहा है। अदालत ने कहा आरोपियों के खिलाफ पहली नजर में कोई केस नहीं बनता, इसीलिए उन्हें बरी किया जाता है। अदालत ने कहा कि महिला का आरोप है कि वह 28 जून 2017 को वह दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही देखने वहां गई थीं। पहले विधायक जरनैल सिंह ने वहां मुख्य बिल्डिंग से बाहर आ रही भीड़ को उकसाया व मारपीट की। इसके बाद दो अन्य विधायकों ने भी आकर मारपीट की और उसकी छाती पर वार किया। 
विज्ञापन


इतना ही नहीं उसे जबरन बिल्डिंग में ले गए और बंधक बनाकर रखा। अदालत ने कहा कि महिला के पुलिस व मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में विरोधाभास है। पहले उसने कहा उसे एक घंटा बंधक बनाया फिर कहा दो घंटे। इसी प्रकार उसने पहली बार 3 सितंबर को जगदीश राणा नाम के व्यक्ति को चश्मदीद गवाह बताया जबकि इससे पहले उसका नाम तक नहीं लिया। राणा अन्ना आंदोलन के समय से महिला को जानता था। अदालत ने कहा कि इसके अलावा अभियोजन पक्ष ने घटना स्थल पर पंहुचे डॉक्टर व पुलिसकर्मियों को गवाह नहीं बनाया न ही उनके बयान दर्ज किए। इसके अलावा दावा किया गया कि घटनास्थल पर काफी लोग थे लेकिन उनमें से भी किसी को गवाह तक नहीं बनाया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महिला ने कहा बंधक बनाने के दौरान दो अन्य लोगों ने भी मारपीट की थी। न तो महिला ने उनकी पहचान की और न ही पुलिस ने उनका पता लगाने का कोई प्रयास किया। अदालत ने कहा कि पूरा मामला एक टाइप की हुई शिकायत पर दर्ज किया गया था। अदालत ने कहा मामले में विरोधाभास पूर्ण बयान व खामियां भरी हुई हैं। ऐसे में आरोप साबित नहीं होते। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ महिला से मारपीट, गलत तरीके से रोक कर रखना, बेइज्जती, यौन उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार जैसे आरोप में मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed