हालात : गाजीपुर श्मशान में शवों को रखने की जगह नहीं, अंतिम संस्कार के लिए 5 से 6 घंटे करना पड़ रहा इंतजार
गाजीपुर श्मशान घाट पर ओमप्रकाश बताते हैं कि लाशों को रखने तक के लिए जगह नहीं है। श्मशान में लोगों की काफी भीड़ लगी है। शव का अंतिम संस्कार करने के लिए 5 से 6 घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है।
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दिल्ली में कोरोना से हो रही मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पिछले दो दिनों से रोजाना 400 से अधिक लोगों की मौत हो रही है। अब तक 16,966 लोगों की मौत हो चुकी है। आलम यह है कि शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
गाजीपुर श्मशान घाट पर ओमप्रकाश बताते हैं कि लाशों को रखने तक के लिए जगह नहीं है। श्मशान में लोगों की काफी भीड़ लगी है। शव का अंतिम संस्कार करने के लिए 5 से 6 घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है। इस बीच श्मशान घाट पर लोगों द्वारा कोरोना के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
वहीं, दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण के खौफ में अपने परिजन की मृत्यु होने पर उसके संस्कार की औपचारिकता बड़ी मुश्किल से निभा पा रहे हैं। सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास में लोग चिता में अग्नि देते ही चले जाते हैं। इसके बाद अंतिम निवास का संचालन कर रही संस्था के सदस्य ही अपनों से अधिक धर्म निभाते हुए अंतिम संस्कार की पूरी क्रिया सम्पन्न करा रहे हैं। शहर में कोरोना संक्रमण निरंतर बड़ी संख्या में लोगों को चपेट में ले रहा है। इस कारण मृत्यु बढ़ने पर लोग भयभीत हो गए हैं।Delhi: People complain about COVID guidelines not being followed at Ghazipur crematorium.
"There's no space to keep corpses. The crematorium is fully crowded. Officials are also overburdened. We've to wait for 5-6 hrs for cremating the body," says Omprakash pic.twitter.com/6cxRrSUYuyविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 3, 2021
अंतिम निवास में गत 15 दिन से रोजाना 50 से 70 शवों का अंतिम संस्कार किया रहा है। इस दौरान अधिकतर मृतकों के परिजन चिता को अग्नि देने के तत्काल बाद घर चले जाते हैं । उनके जाने पर संस्था के सदस्य ही पूरी क्रिया संपन्न कर रहे हैं। कई बार शव को पूरी तरहा जलाने में लकड़ी भी कम पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में संस्था के सदस्य ही लकड़ी की व्यवस्था करते हैं। इनका कहना है कि परिजन अपनी लाचारी बताते हुए उन्हें चिता संभालने के लिए बोलकर चले जाते हैं।