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दावा : दिल्ली में जहां-जहां बने कोरोना के अस्थायी केंद्र, वहां अब नहीं कोई मरीज
Fri, 08 Oct 2021 05:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 08 Oct 2021 05:20 AM IST
सार
सरकारी रिपोर्ट में हुआ खुलासा, तीन महीने लगातार संक्रमण दर कम रहने के परिणाम अब आए सामने।
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- फोटो : ani
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विस्तार
एक लंबी अवधि के बाद दिल्ली में कोरोना महामारी को लेकर स्थिति राहत भरी हुई है। जहां जहां सरकार ने कोरोना के अस्थायी केंद्रों को बनाया था, वहां अब बिस्तर खाली पड़े हैं। यहां एक भी कोरोना संक्रमित रोगी उपचाराधीन नहीं है। संक्रमण की दूसरी लहर निकलने के बाद करीब तीन महीने तक दिल्ली में संक्रमण दर में आई लगातार गिरावट के परिणाम अब इन केंद्रों के जरिए दिखाई देने लगे हैं।
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दिल्ली सरकार की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना मरीजों को समय पर उपचार देने के लिए दिल्ली सरकार ने पिछले वर्ष कोविड निगरानी केंद्र, कोविड स्वास्थ्य केंद्र और कोविड आईसीयू केंद्र तक की स्थापना की थी लेकिन दिसंबर 2020 में स्थिति नियंत्रण में आने के बाद भी यहां उपचाराधीन मरीजों की संख्या बरकरार थी जो इस साल मार्च और अप्रैल माह में आई दूसरी लहर के दौरान कई गुना अधिक बढ़ गई थी लेकिन जून माह के बाद लगातार संक्रमण में आई कमी के चलते पहली बार कोविड अस्थायी केंद्र खाली हुए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों के अलावा कोरोना मरीजों के लिए कोविड निगरानी/देखभाल केंद्र और कोविड स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना सभी जिलों में की गई थी। इनके अलावा दूसरी लहर के दौरान जीटीबी और लोकनायक अस्पताल के पास रामलीला मैदान पर आईसीयू केंद्र भी बनाए गए थे जो अब पूरी तरह से खाली हो चुके हैं। दो दिन पहले तक यहां उपचाराधीन तीन संक्रमित मरीजों को भी डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल इनमें से किसी भी केंद्र में संक्रमित मरीज नहीं है। अस्पताल और होम आइसोलेशन में ही मरीज उपचाराधीन हैं।
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क्या है अभी की स्थिति
दिल्ली सरकार की दिल्ली फाइट कोरोना वेबसाइट के मुताबिक राजधानी में अभी 354 मरीज उपचाराधीन हैं जिनमें से 111 अपने घर और 217 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों में 72 आईसीयू और 37 मरीज वेंटिलेटर पर हैं जिनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। जबकि शेष मरीजों को ऑक्सीजन थैरेपी पर रखा गया है।
चार हजार बिस्तर पड़े हैं खाली
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कोविड देखभाल और स्वास्थ्य केंद्रों में ही चार हजार बिस्तर खाली हो चुके हैं। कोविड देखभाल केंद्रों में 3871 और कोविड स्वास्थ्य केंद्रों में 151 बिस्तरों की कुल क्षमता है लेकिन यहां बीते बुधवार से एक भी संक्रमित मरीज न होने की वजह से सभी बिस्तर खाली पड़े हैं। वहीं अगर अस्पतालों की बात करें तो दिल्ली में 170 से अधिक अस्पतालों में संक्रमित मरीजों के लिए कुल 11720 बिस्तर आरक्षित हैं लेकिन इनमें से 217 पर ही मरीज भर्ती हैं। 11503 बिस्तर अभी भी यहां खाली पड़े हैं।
सितंबर में ही मिलने लगी थी राहत
कोरोना संक्रमण को लेकर बीते सितंबर माह से ही दिल्ली में राहत के संकेत दिखाई देने लगे थे। पिछले साल महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक पहली बार सितंबर माह में कोरोना वायरस सबसे कम जानलेवा साबित हुआ है। इस पूरे महीने में केवल पांच मरीजों की मौत हुई थी जबकि पिछले साल इसी सितंबर माह में 300 से अधिक दिल्ली वालों की संक्रमण के चलते मौत हुई। इस महीने एक अक्तूबर से लेकर अब तक केवल एक ही मरीज की संक्रमण के चलते मौत हुई है।